25 अप्रैल, 2019. कांग्रेस की ओर से तय किया गया कि बनारस में प्रधानमंत्री मोदी केखिलाफ कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे अजय राय. इस ऐलान के बाद ही ये साफ हो गया किप्रियंका गांधी चुनाव नहीं लड़ेंगी. और जब से ये साफ हो गया, हर जगह बस एक ही चर्चाहो रही थी कि आखिर प्रियंका गांधी चुनाव क्यों नहीं लड़ रही हैं. किसी ने कहा किपीएम मोदी से हारने के डर से प्रियंका ने चुनाव नहीं लड़ा, तो किसी ने कहा किप्रियंका लड़ना चाहती थीं, राहुल गांधी ने नहीं लड़ने दिया. कुल मिलाकर जितने मुंहथे उतनी ही बातें भी थीं.बनारस में पीएम मोदी के खिलाफ कांग्रेस ने अजय राय को उम्मीदवार बनाया है.लेकिन अब खुद प्रियंका गांधी ने साफ कर दिया है कि उन्होंने चुनाव लड़ने से इन्कारक्यों कर दिया. प्रियंका ने कहा कि वो कांग्रेस की महासचिव हैं. पूरे उत्तर प्रदेशमें उन्हें चुनाव प्रचार करना है. ऐसे में अगर वो खुद चुनाव लड़तीं, तो बाकी कीसीटों पर चुनाव प्रचार प्रभावित होता. इसलिए प्रियंका ने चुनाव न लड़ने का फैसलाकिया है.रायबरेली से शुरू हुई थी बातप्रियंका गांधी वाड्रा से रायबरेली में लोगों ने चुनाव लड़ने के लिए पूछा था. तबउन्होंने कहा था कि बनारस से चुनाव लड़ूं क्या?प्रियंका गांधी वाड्रा 28 मार्च को रायबरेली में अपनी मां सोनिया गांधी का प्रचारकरने के लिए गई थीं. इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने उनसे चुनाव लड़ने को कहा.मजाकिया अंदाज में प्रियंका ने भी कह दिया कि बनारस से चुनाव लड़ूं क्या? बस इसकेबाद से ही प्रियंका गांधी के बनारस से चुनाव लड़ने की चर्चा चलने लगी. कांग्रेस केप्रवक्ता और एमएलसी दीपक सिंह ने भी कह दिया कि प्रियंका बनारस से चुनाव लड़ने कोतैयार हैं. खुद प्रियंका के पति रॉबर्ट वॉड्रा ने भी कहा था कि प्रियंका चुनावलड़ने को तैयार हैं. प्रियंका ने भी कहा था कि अगर पार्टी चाहेगी तो वो चुनावलड़ेंगी. लेकिन 25 अप्रैल को ये सारी संभावनाएं तब खत्म हो गईं, जब कांग्रेस ने अजयराय को वाराणसी से उम्मीदवार बना दिया.--------------------------------------------------------------------------------'यूपी में कांग्रेस वो लड़का है, जिसे नाली से गेंद निकालने के लिए रखा जाता था'