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7 दिन सीएम रहकर देना पड़ा था इस्तीफा, फिर नीतीश कुमार ने 20 साल कैसे बाजी अपने हाथ में रखी?

Nitish Kumar 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. उन्होंने 3 मार्च 2000 को पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. हालांकि तब वो मात्र 7 दिन तक ही मुख्यमंत्री रह पाए थे. इसके बाद साल 2005 में वो दोबारा से राज्य के मुख्यमंत्री बने.

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20 नवंबर 2025 (अपडेटेड: 20 नवंबर 2025, 10:30 AM IST)
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नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. (इंडिया टुडे, फाइल फोटो)
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नीतीश कुमार (Nitish Kumar) 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री (Bihar CM) के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं. 20 नवंबर 2025 से उनके 10वें कार्यकाल का आगाज होगा. पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान (Gandhi Maidan) इसका गवाह बनेगा. इससे पहले नीतीश कुमार नौ बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं. साल 2000 में वो पहली बार 7 दिनों के लिए सीएम बने थे. 

पहला शपथ ग्रहण : 3 मार्च 2000

नीतीश कुमार ने पहली बार साल 2000 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इस चुनाव में किसी भी दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. इसके बावजूद राज्यपाल ने नीतीश कुमार की अगुवाई वाली समता पार्टी और बीजेपी गठबंधन को सरकार बनाने के लिए बुलाया. 3 मार्च 2000 को पहली बार नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाए. और विश्वास मत से पहले ही 10 मार्च 2000 को इस्तीफा दे दिया. ये सरकार मात्र 7 दिन चली.

दूसरा शपथ ग्रहण : 24 नवंबर 2005

साल 2005 में दो बार बिहार विधानसभा के लिए चुनाव हुए. फरवरी 2005 में हुए चुनाव में किसी गठबंधन को बहुमत नहीं मिला. इसके बाद अक्तूबर नवंबर में दोबारा चुनाव हुए. इस चुनाव में जदयू और बीजेपी के गठबंधन को स्पष्ट जनादेश मिला. और नीतीश कुमार 24 नवंबर 2005 को दूसरी बार मुख्यमंत्री बने. यह सरकार पूरे पांच साल तक चली. नीतीश कुमार की 'सुशासन बाबू' की छवि इसी दौर में बनी.

तीसरा शपथ ग्रहण : 26 नवंबर 2010

साल 2010 के विधानसभा चुनाव में जदयू और बीजेपी गठबंधन को जबरदस्त जीत हासिल हुई. इस गठबंधन को 243 में से 206 सीटों पर जीत हासिल हुई. इसके बाद एक बार फिर से नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. साल 2013 के अंत में जदयू और बीजेपी का गठबंधन टूट गया. लेकिन नीतीश कुमार राजद और कांग्रेस के बाहरी समर्थन से मुख्यमंत्री बने रहे. हालांकि 17 मई 2014 को लोकसभा चुनाव में जदयू के बेहद खराब प्रदर्शन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. और जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया.

चौथा शपथ ग्रहण : 22 फरवरी 2015 

साल 2014 में जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाने के बाद जदयू में टकराव बढ़ा. मांझी का रुख एनडीए की ओर हुआ, जिसके चलते उनको मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा. और पार्टी ने फिर से नीतीश कुमार को नेता चुना. और 22 फरवरी 2015 को नीतीश कुमार ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

पांचवां शपथ ग्रहण : 20 नवंबर 2015

साल 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू, राजद और कांग्रेस के महागठबंधन को भारी बहुमत मिला. और नीतीश कुमार 20 नवंबर 2015 को पांचवी बार मुख्यमंत्री बने. तब उनके साथ पहली बार तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री बने.

छठा शपथ ग्रहण : 27 जुलाई 2017

राजद नेता और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे. जदयू की ओर से उनके इस्तीफे की मांग उठने लगी. फिर दोनों पार्टियों के बीच तनातनी इतनी बढ़ी कि 26 जुलाई 2017 को नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया. और महागठबंधन से बाहर निकल गए. इसके अगले ही दिन यानी 27 जुलाई को बीजेपी के समर्थन से उन्होंने छठी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

सातवां शपथ ग्रहण : 16 नवंबर 2020

साल 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को 125 सीट मिली. यानी जैसे तैसे बहुमत का जुगाड़ हुआ. इस बार जदयू की सीट घटकर 43 रह गईं. वहीं बीजेपी 74 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी. लेकिन फिर भी उन्होंने नीतीश कुमार को चेहरा बनाया. और नीतीश ने 7वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

आठवां शपथ ग्रहण : 10 अगस्त 2022

साल 2020 में एनडीए गठबंधन में बड़ा पार्टनर होते हुए भी बीजेपी ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया. लेकिन सरकार में सामंजस्य नहीं बन पाया. बीजेपी के नेता लगातार अपने बयानों नीतीश कुमार को असहज कर रहे थे. 9 अगस्त 2022 को नीतीश कुमार ने बीजेपी पर 2020 के विधानसभा चुनाव में विश्वासघात का आरोप लगाते हुए उनसे रिश्ता तोड़ लिया. और महागठबंधन के साथ हाथ मिला लिया. 10 अगस्त 2022 को उन्होंने महागठबंधन के नेता के तौर पर 8वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. और एक बार फिर से तेजस्वी यादव  डिप्टी मुख्यमंत्री बने.

नौंवां शपथ ग्रहण : 28 जनवरी 2024 

जनवरी 2024 में नीतीश कुमार ने महागठबंधन और INDIA ब्लॉक से नाराज होकर एक बार फिर से इस्तीफा दिया. और अपने पुराने पार्टनर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में लौट गए. 28 जनवरी 2024 को राजभवन पटना में उन्होंने 9वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इस बार बीजेपी के सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए. 

वीडियो: राजधानी: नीतीश कुमार ने अमित शाह के सामने क्या शर्त रख दी?

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