केरल से भी BJP के लिए आई राहत की खबर, राजीव चंद्रशेखर ने अपनी सीट पर बनाई बढ़त
Kerala Assembly Elections 2026: केरल के राजनीतिक इतिहास में नीमोम का विशेष स्थान है. यहीं से पूर्व केंद्रीय मंत्री ओ राजगोपाल ने विधानसभा का चुनाव लड़ा था, जिससे भाजपा को केरल सरकार में पहली बार प्रतिनिधित्व मिला था. यहीं से भाजपा कैंडिडेट राजीव चंद्रशेखर चुनाव लड़ रहे हैं.

केरल में 9 अप्रैल को चुनाव हुए और आज 4 मई को चुनावी रुझान आने शुरू हो गए हैं. सबकी नजर तिरुवनंतपुरम के दक्षिणी छोर पर स्थित निमोम विधानसभा सीट पर है. इस सीट से भारतीय जनता पार्टी ने राजीव चंद्रशेखर को मैदान में उतारा है. वहीं, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सिस्ट) से वी सीवानकुट्टी और कांग्रेस के नेतृत्व में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) से केएस सबरीनाधन इस सीट से लड़ रहे हैं. शुरूआती रुझान में राजीव चंद्रशेखर 4000 वोटों से आगे चल रहे हैं. वहीं, वी. सीवानकुट्टी दूसरे नंबर पर हैं.
आमतौर पर केरल में सत्ता का परिवर्तन हर पांच साल में होता रहा है, लेकिन पिछली बार वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर इस परंपरा को तोड़ा था. हालांकि, दोपहर 1 बजे तक के रुझानों में इतना स्पष्ट हो गया है कि लेफ्ट का आखिरी किला भी ढह गया है. यूडीएफ ने रुझानों में अच्छी बढ़त बना ली है.
पिछले चुनाव में क्या रहा था नतीजा?2021 विधानसभा चुनाव में मुकाबला एकतरफा था. सीपीआई (एम) के वी. सीवानकुट्टी ने जीत हासिल की और भाजपा के कुम्मनम राजशेखरन दूसरे स्थान पर रहे थे. के. मुरलीधरन तीसरे स्थान पर रहे थे. केरल के राजनीतिक इतिहास में नीमोम का विशेष स्थान है. यहीं से पूर्व केंद्रीय मंत्री ओ राजगोपाल ने विधानसभा का चुनाव लड़ा था, जिससे भाजपा को केरल सरकार में पहली बार प्रतिनिधित्व मिला था. 2016 विधानसभा चुनाव में ओ राजगोपाल ने वी. सीवानकुट्टी को लगभग 8000 वोटों से हराया था.
पिछले कुछ सालों में निमोम में काफी बदलाव आया है. पहले ये शहर का बाहरी इलाका हुआ करता था. लेकिन अब ये शहर विस्तार का हिस्सा है. पानी की कमी, यातायात जाम, खराब सड़कें, जल निकासी की समस्याओं का तुरंत हल चाहते हैं. निमोम के मतदाता सामाजिक रूप से मिश्रित हैं, जिनमें हिंदू बहुसंख्यक हैं, साथ ही ईसाई और मुस्लिम समुदाय भी शामिल हैं.
इस सीट पर नामांकन के बाद से ही चंद्रशेखर सुर्खियों में आ गए थे. क्योंकि चुनाव आयोग को जमा किए गए हलफनामे के अनुसार चंद्रशेखर के पास ₹93 करोड़ से अधिक की चल और अचल संपत्ति है. दिलचस्प बात यह है कि संपत्ति के साथ-साथ उन पर ₹107 करोड़ से अधिक का कर्ज भी है.
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