'मैं इस्तीफा नहीं दूंगी', ममता बनर्जी ने बीजेपी को सत्ता से जाने के बाद वाली धमकी भी दे दी
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी के 200 से ज्यादा गुंडे भवानीपुर के काउंटिंग सेंटर पहुंच गए और उनके एजेंट्स को अंदर नहीं जाने दिया. ममता का आरोप है कि इन गुंडों ने उनके पेट पर लात मारी और धक्के देकर उन्हें बाहर निकाला.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने 100 सीटें ‘धोखे से जीती’ हैं और यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से ‘नहीं’ हुआ है. ममता बनर्जी ने दावा किया कि जब काउंटिंग पूरी भी नहीं हुई थी, बीजेपी ने तभी जीत की घोषणा कर दी. बंगाल की मौजूदा सीएम ने ये भी साफ किया कि वो अभी भी इंडिया अलायंस के साथ हैं और आगे इसे और मजबूत करने के लिए काम करेंगी.
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी के 200 से ज्यादा गुंडे भवानीपुर के काउंटिंग सेंटर पहुंच गए और उनके एजेंट्स को अंदर नहीं जाने दिया. उनका आरोप है कि इन गुंडों ने उनके ‘पेट पर लात मारी और धक्के देकर उन्हें बाहर निकाला’. केंद्रीय बलों को लेकर उन्होंने कहा कि इनके लिए उनके मन में कोई सम्मान नहीं है. ममता ने ये भी कहा कि वह लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी.
ये तो ममता बनर्जी ही बता सकती हैं कि उनके ये कहने का क्या मतलब है कि वे इस्तीफा नहीं देंगी. हालांकि इस बयान से पहले उन्होंने ये भी कहा कि वे इस्तीफा देने को तैयार हैं, लेकिन वे हारी नहीं हैं बल्कि उन्हें 'गलत तरीके से' हराया गया है.
ममता ने कहा,
मैंने पहले भी कहा है कि हम इंडिया अलायंस के साथ हैं और आगे भी इसे मजबूत करने के लिए काम करेंगे. अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है. मैं एक आदमी हूं. पिछले 15 साल में मैंने कोई सैलरी नहीं ली है और न ही कोई पेंशन ली है. अब मुझे कुछ काम करना है, जिसे मैं मैनेज कर सकूं.
उन्होंने कहा कि उनके लोगों और कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है. बीजेपी अपने गुंडों के साथ लोगों पर अत्याचार करना शुरू कर चुकी है और पुलिस भी अब काम नहीं कर रही है.
ममता ने कहा,
बीजेपी अपने 200 से ज्यादा गुंडों के साथ काउंटिंग सेंटर (भवानीपुर) पहुंच गई. इसके बाद हमारे एजेंट्स को अंदर जाने नहीं दिया. जब मुझे इसकी जानकारी मिली तो मैं सेंटर के लिए निकली. मेरी कार को रोक दिया गया और फिर मुझे दूसरे रास्ते से पहुंचना पड़ा. मैंने RO को भी लिखित में दिया था. मैं काउंटिंग एजेंट्स के साथ कुछ देर के लिए अंदर रही. उन्होंने (गुंडों ने) मेरे पेट में लात मारी और मुझ पर हमला किया.
ममता ने आगे कहा कि काउंटिंग सेंटर के अंदर सीसीटीवी फुटेज काम नहीं कर रहा था. डेटा बैंक एरिया में बीजेपी के 200 गुंडे थे. उन्हें वहां से धक्का देकर मारकर निकाला गया. ममता ने कहा,
हम एक शेर की तरह लड़े और केंद्र सरकार के अत्याचारों के सामने नहीं झुके. हमारे कार्यकर्ताओं को बीजेपी जॉइन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. अगर अपनी सुरक्षा के लिए वो जाना चाहते हैं तो मैं इसका बुरा नहीं मानूंगी.
उन्होंने ये भी कहा कि चुनाव आयोग की धांधली के खिलाफ शिकायत करेंगी, लेकिन अभी अपनी स्ट्रैटजी नहीं बताएंगी. बीजेपी पर आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि उन्होंने लोकतंत्र पर हमला किया है. इसी तरीके से महाराष्ट्र जीता है और यही बंगाल में किया. हमारे साथ अभी भी काफी लोग हैं जो लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए हैं. इसके बाद टीएमसी प्रमुख ने कहा, “मैं एक बात कहना चाहती हूं कि जब आप केंद्र की सत्ता में नहीं रहेंगे तो आपके साथ भी यही होगा. हिस्ट्री जरूर रिपीट होगी.”
सीआरपीएफ पर आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि उन्होंने बीजेपी के गुंडों की तरह व्यवहार किया है. सेंट्रल फोर्स ऐसा कर सकती है, उन्होंने कभी नहीं देखा. ममता ने कहा,
मैंने राजीव गांधी, एचडी देवगौड़ा, मनमोहन सिंह, आईके गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार देखी है. कभी सेंट्रल फोर्स ने इस तरह का व्यवहार नहीं किया. इनके लिए मेरे मन में कोई सम्मान नहीं है.
उन्होंने कहा कि इन लोगों ने टीएमसी दफ्तर पर भी कब्जा करने की कोशिश की. ये बात वो ऑन रिकॉर्ड कह रही हैं. उनकी पार्टी कार्यकर्ताओं को टॉर्चर किया जा रहा. उनके घर जलाए जा रहे हैं. उनके परिवार की महिलाओं को रेप की धमकी दी जा रही है. जब न्यायपालिका नहीं काम कर रही, चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और केंद्र सरकार सिर्फ एक पार्टी का शासन चाहती है तो कैसे लोकतंत्र की रक्षा होगी?
वीडियो: ममता को हराने वाले सुवेंदु अधिकारी ने जीत के तुरंत बाद क्या कहा?

