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बंगाल चुनाव के ऐलान से ठीक पहले ममता सरकार ने पुजारियों का मानदेय बढ़ाया, चुनाव आयुक्त ने क्या कहा?

इस घोषणा के कुछ देर बाद ही चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की प्रेस कांफ्रेंस शुरू हुई. इस प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीख की घोषणा की. इसी दौरान एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या सीएम ममता की ये घोषणा चुनावों को प्रभावित करेगी.

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15 मार्च 2026 (अपडेटेड: 24 मार्च 2026, 04:19 PM IST)
mamata banerjee increases honorarium for pujari and muezzin election commissioner reacts
ममता बनर्जी ने चुनाव की घोषणा से ठीक पहले पुजारियों और मुअज्जिनों के लिए मानदेय बढ़ा दिया है (PHOTO-AajTak)
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव के ऐलान से ठीक पहले बड़ी घोषणा की है. उन्होंने प्रदेश के पुजारियों और मुअज्जिनों को मिलने वाले मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. इस घोषणा के बाद पुजारियों और मुअज्जिनों को अब हर महीने 2 हजार रुपये मिलेंगे. खास बात ये है कि ये घोषणा चुनावों की तारीख के ऐलान से कुछ ही देर पहले की गई. इसे लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भी सवाल किया गया, जिस पर उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद आचार संहिता लागू हुई है. उससे पहले सरकार ऐसे ऐलान कर सकती है.

रविवार, 15 मार्च को ममता बनर्जी ने मानदेय बढ़ाने की घोषणा करते हुए एक्स पर लिखा,

“मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पुरोहितों और मुअज्जिनों को दिए जाने वाले मासिक मानदेय में 500 रुपए की बढ़ोतरी की गई है. इनकी सेवा ही हमारे समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखती है. इस संशोधन के साथ अब उन्हें हर महीने 2000 रुपए मिलेंगे.”

सीएम ममता बनर्जी ने आगे लिखा,

इसके साथ ही पुरोहितों और मुअज्जिनों द्वारा विधिवत जमा किए गए सभी नए आवेदन भी राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत कर दिए गए हैं. हमें ऐसे माहौल को बढ़ावा देने पर गर्व है, जहां हर समुदाय और हर परंपरा को महत्व दिया जाता है और उसे मजबूती प्रदान की जाती है. हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि हमारी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के संरक्षकों को वह पहचान और सहयोग मिले, जिसके वे हकदार हैं.

बंगाल सरकार पुजारियों और इमाम/मुअज्जिनों के लिए अलग-अलग योजनाएं चलाती है. इन योजनाओं के तहत आर्थिक रूप से कमजोर धार्मिक कार्यकर्ताओं को हर महीने आर्थिक सहायता और आवास से जुड़ी कुछ सुविधाएं दी जाती हैं. 

इलेक्शन कमिश्नर ने क्या कहा?

इस घोषणा के कुछ देर बाद ही चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की प्रेस कांफ्रेंस शुरू हुई. इस प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीख की घोषणा की. इसी दौरान एक पत्रकार ने ज्ञानेश कुमार से पूछा कि क्या सीएम ममता की ये घोषणा चुनावों को प्रभावित करेगी. क्या ये चुनाव आचार संहिता को प्रभावित करेगा. इलेक्शन कमिश्नर ने जवाब दिया कि “मैं ये साफ करना चाहता हूं कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट ठीक अभी से लागू हुआ है. तो इससे पहले जो भी एक्शन लिए गए, वो सरकार का अपना कंसर्न हैं. लेकिन अब से मॉडल कोड लागू है.”

बता दें कि बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में चुनाव होंगे. नतीजे 4 मई को आएंगे. 

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