क्या मुकेश अंबानी नरेंद्र मोदी सरकार से खफा हैं? क्या उन्होंने चुनाव से पहलेपाला बदल लिया है? क्या लोकसभा चुनाव में हवा का रुख बदल गया है? या फिर क्या मुकेशअंबानी एक बार फिर कांग्रेस के पाले में जाना चाह रहे हैं? क्या इसके लिए उन्होंनेसाउथ मुंबई से कांग्रेस उम्मीदवार मिलिंद देवड़ा को माध्यम बनाया है? ऐसे तमामसवाल, 18 अप्रैल के दिन सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के चलते निकले. क्यों?क्योंकि साउथ मुंबई से कांग्रेस उम्मीदवार मिलिंद देवड़ा ने एक वीडियो ट्वीट किया.इस ट्वीट में उद्योगपति मुकेश अंबानी दिखाई देते हैं. और सिर्फ दिखाई नहीं देतेहैं, बल्कि वह सीधे न कहते हुए भी मिलिंद देवड़ा के लिए वोट की अपील जैसी करते नजरआते हैं. वह बताते हैं कि साउथ मुंबई के लिए मिलिंद देवड़ा कितने जरूरी हैं. जाहिरहै कल तक भाजपा के करीबी कहे जाने वाले मुकेश अंबानी का कांग्रेस उम्मीदवार कासमर्थन करना बहुत कुछ कहता है.पहले जान लेते हैं मिलिंद देवड़ा के वीडियो ट्वीट में क्या है? मिलिंद देवड़ादक्षिण मुंबई से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं. वीडियो ट्वीट में आम से लेकर खास लोगतक मिलिंद देवड़ा की तारीफ करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में मिलिंद को दक्षिण मुंबईका सबसे अच्छा उम्मीदवार बताया जाता है. इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेशअंबानी, कोटक महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन उदय कोटक के अलावा कई दुकानदार और छोटेकारोबारी मिलिंद देवड़ा का समर्थन करते नजर आ रहे हैं. वीडियो ट्वीट करते हुएमिलिंद देवड़ा ने लिखा है कि दक्षिण मुंबई का मतलब बिजनेस. जब लोग मुझे जिताएंगे तोमैं युवाओं के लिए नौकरी का अवसर लाऊंगा. युवाओं को नौकरी देना मेरी प्राथमिकताहोगी. मिलिंद देवड़ा कहते हैं कि मुझे इस बात का गर्व है कि पान वाला भी मेरासमर्थन कर रहा है. सबसे महत्वपूर्ण बात है कि मुकेश अंबानी या उदय कोटक का समर्थनलोगों का ध्यान खींचेगा.From small shopkeepers to large industrialists - for everyone, South Mumbaimeans business.We need to bring businesses back to Mumbai and make job creation for our youth atop priority.#MumbaiKaConnectionpic.twitter.com/d4xJnvhyKr— Milind Deora (@milinddeora) April 17, 2019अब जान लीजिए मुकेश अंबानी क्या कहते हैं वीडियो में? इस वीडियो में मुकेश अंबानीभी मिलिंद देवड़ा की तारीफ करते नजर आ रहे हैं. वह कहते हैं- 'मिलिंद इस द मैन फॉरसाउथ मुंबई यानी मिलिंद साउथ मुंबई के लिए सही हैं. उन्होंने दस साल यहां काप्रतिनिधित्व किया है. मेरा भरोसा है कि मिलिंद को दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट केसामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मसलों की गहरी समझ है. मुंबई के छोटे उद्यम हों याबड़े कारोबार, इनका तेजी से बढ़ना जरूरी है, जिससे कि वो युवाओं को रोजगार के नएमौके मुहैया करा सकें.' इसी वीडियो में एक और कारोबारी उदय कोटक ने कहा कि 'मिलिंदसच्चे मायने में मुंबई का कनेक्शन का प्रतिनिधित्व करते हैं मिलिंद ट्रूलीरिप्रजेंट यानी मिलिंद सही तरीके से प्रतिनिधित्व करते हैं. मुझे उन पर भरोसा है.मैं समझता हूं कि मिलिंद को कई चीजों के बारे में काफी जानकारी है. वो चीजों कोसमझते हैं.' मुकेश अंबानी मिलिंद देवड़ा का प्रचार क्यों कर रहे हैं? तो अब ये भीजान लीजिए. मिलिंद देवड़ा साल 2004 और 2009 में यहां से चुनाव जीत चुके हैं. इससेपहले इसी सीट पर उनके पिता मुरली देवड़ा भी चार बार सांसद रह चुके हैं. जाहिर हैमिलिंद देवड़ा के लिए ये एक परंपरागत सीट जैसी है. उनका प्रचार मुकेश अंबानी इनवजहों से कर रहे हैं.1- मुकेश अंबानी और मिलिंद देवड़ा के परिवार के बीच काफी पुराना रिश्ता है.2- मिलिंद के पिता मुरली देवड़ा भी नेता के साथ-साथ देश के जाने-माने उद्योगपति भीथे.3- मुकेश के पिता धीरूभाई अंबानी से मुरली देवड़ा के करीबी रिश्ते थे.4- 24 नवंबर, 2014 को 'द हिंदू' अखबार में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक मुकेश अंबानीऔर अनिल अंबानी मुरली देवड़ा को 'अंकल' कहकर बुलाते थे.मुकेश अंबानी और मिलिंद देवड़ा के परिवारों के बीच सालों पुराने करीबी रिश्ते हैं.मुकेश अंबानी को लेकर मिलिंद के पिता पर क्या आरोप लग चुके हैं? मुरली देवड़ा जनवरी2006 से 2009 तक भारत सरकार के पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री रहे थे. मुकेश औरअनिल अंबानी के बीच जब झगड़ा सड़क पर था, उस वक्त मुरली देवड़ा इस झगड़े के केंद्रमें थे. द हिंदू के मुताबिक अनिल अंबानी ग्रुप ने अखबारों में इश्तेहार देकर आरोपलगाए थे कि केजी बेसिन में गैस फील्ड का ठेका दिलाने में मुरली देवड़ा मुकेश अंबानीकी मदद कर रहे हैं. मुरली देवड़ा पहले ऐसे मंत्री थे, जिन्होंने केजी बेसिन के खर्चकी कैग से जांच कराने का आदेश दिया था. ये पहला मामला था, जिसमें किसी प्राइवेटकंपनी के खातों की जांच सरकारी एजेंसी से कराई गई. 2009 में मनमोहन सरकार ने जबवापसी की तो मुरली देवड़ा को कंपनी मामलों का मंत्री बनाया गया. मुरली देवड़ा कोकांग्रेस के लिए फंड जुटाने वाले कार्यकर्ता के तौर पर भी जाना जाता रहा है.--------------------------------------------------------------------------------वीडियोः ज़मीनी हकीकत: मोदी सरकार के 5 साल में कितने शहर स्मार्ट बने?