The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Election
  • kolathur seat election result mk stalin vs tvk tamil nadu chunav parinam 2026

तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन अपनी सीट भी न बचा पाए, विजय की आंधी ने DMK के गढ़ को हिला दिया

Tamil Nadu Election Results: कोलाथुर विधानसभा सीट 2011 से DMK का गढ़ रही है. तब एम. के. स्टालिन ने पहली बार इस सीट से जीत हासिल की थी. उन्होंने 2016 और 2021 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट पर दबदबा बनाए रखा. लेकिन अब उनके हाथ से ये सीट छिन चुकी है.

Advertisement
pic
4 मई 2026 (अपडेटेड: 4 मई 2026, 05:24 PM IST)
tamilnadu election results
तमिलनाडु के सीएम की सीट कोलाथुर.
Quick AI Highlights
Click here to view more

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नतीजों के शुरुआती रुझान आने शुरू हो चुके हैं. कोलाथुर विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री एम. के स्टालिन DMK से चुनाव लड़ रहे थे. उनके सामने AIADMK के संथाना कृष्णन और TVK के वीएस बाबू थे. शुरूआती रुझान में एमके स्टालिन बढ़त बनाए हुए थे. लेकिन आखिरी राउंड की काउंटिंग आते-आते मामला पलट गया. TVK के वीएस बाबू ने एमके स्टालिन को 8,795 वोटों की मार्जिन से हरा दिया है. वीएस बाबू को कुल 82,997 वोट मिले हैं.   

तमिलनाडु की राजनीति पर लंबे समय से DMK और AIADMK का दबदबा रहा है. 2021 से DMK राज्य में सत्ता में है और पार्टी के नेता एम.के. स्टालिन मुख्यमंत्री रहे हैं. DMK के नेतृत्व वाला गठबंधन लगातार दूसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में नाकाम हो गया. जबकि 2 साल पहले पुरानी पार्टी TVK पहली बार सरकार बनाएगी. 

पिछले चुनाव में ऐसा रहा था हाल

कोलाथुर विधानसभा सीट 2011 से DMK का गढ़ रही है, सीएम एम. के. स्टालिन इसी सीट से चुनाव लड़ते हैं. उन्होंने 2016 और 2021 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट से जीत दर्ज की थी. 2021 के चुनावी नतीजे दिलचस्प रहे थे. 2021 के विधानसभा चुनावों में, स्टालिन ने 1,05,522 वोट (60.9% वोट शेयर) हासिल किया था और AIADMK के आदि राजाराम को बड़े अंतर से हराया. राजाराम को सिर्फ 35,138 वोट मिले थे. इस बार के चुनाव में AIADMK के आदि राजाराम चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. और उनके सामने खड़े हैं- एम के स्टालिन के बेटे और तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन.

कोलाथुर सीट की चुनौतियां

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलाथुर सीएम की सीट होने के बावजूद कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है. कोलाथुर पहले एक औद्योगिक क्षेत्र था, लेकिन अब ये तेजी से बढ़ते अपार्टमेंट्स और घनी रिहायशी कॉलोनियों का केंद्र बन चुका है. ऐसे में जलभराव, संकरी सड़कें, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज का अभाव, पुरानी सीवर लाइनों के कारण पानी का फैलना जैसी समस्याएं हैं. बीते एक दशक में यहां आबादी बढ़ी है, जिसकी वजह से स्थानीय लोगों के लिए ये बड़े मुद्दे रहे हैं.

वीडियो: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में क्या कुछ बड़ा होने वाला है?

Advertisement

Advertisement

()