DMK से नहीं बनी बात! कमल हासन बोले- 'चुनाव नहीं लड़ेंगे', किसका प्रचार करेंगे ये भी बता दिया
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. एक्टर से नेता बने Kamal Haasan की पार्टी Makkal Needhi Maiam (MNM) ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है.

अभिनेता से नेता बने कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम (MNM) तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी. पार्टी के मुखिया कमल हासन ने ऐलान किया है कि वह विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारेंगे लेकिन बिना शर्त द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे. हासन ने बताया कि उन्होंने ये फैसला पार्टी के कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों को भरोसे में लेने के बाद किया है. क्यों किया है, इसकी वजह बताते हुए हासन ने कहा कि वह डीएमके गठबंधन में सीट बंटवारे से खुश नहीं थे. वह डीएमके के चुनाव चिह्न पर अपने उम्मीदवार उतारने के प्रस्ताव से भी संतुष्ट नहीं थे. इसलिए उन्होंने फैसला किया है कि वो इस चुनाव में नहीं उतरेंगे.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, डीएमके और उसके सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे का मामला सुलझ गया है. गठबंधन ने इसे अंतिम रूप दे दिया है. प्रदेश की 243 सीटों में से कांग्रेस 28 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. इसके अलावा, विदुतलाई चिरुथाइगल काची (VCK) को 8 सीटें, DMDK को 10 सीटें दी गई हैं. CPI और CPM को 5-5 सीटें मिली हैं. वाइको की MDMK को 4 सीटें, IUML और MMK को 2-2 सीटें और KMDK को भी 2 सीटें दी गई हैं.
MNM के अध्यक्ष कमल हासन ने कहा कि उनकी पार्टी को जितनी सीटें दी जा रही थीं, उससे वो खुश नहीं थे. उन्हें प्रस्ताव दिया गया था कि वो DMK के ‘राइजिंग सन’ चुनाव चिह्न पर कुछ उम्मीदवार उतार सकते हैं. लेकिन उनकी पार्टी को ये प्रस्ताव भी मंजूर नहीं था. लिहाजा उनकी पार्टी ने चुनाव मैदान से बाहर रहने का फैसला किया है. कमल हासन ने कहा,
हम खुलकर ऐलान करते हैं कि एमएनएम 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सीधे हिस्सा नहीं लेगी. लेकिन DMK गठबंधन के उम्मीदवारों को बिना शर्त समर्थन देगी.
कमल हासन ने ये भी भरोसा जताया है कि DMK फिर से सत्ता में आएगी और वो जल्द ही मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को शपथ ग्रहण समारोह में बधाई देंगे.
डीएमके के मुखिया और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कमल हासन की पार्टी और उनके कार्यकर्ताओं को इसके लिए ‘थैंक्यू’ कहा है. उन्होंने कहा,
हम सिर्फ दो नेताओं की तरह नहीं बल्कि अच्छे दोस्तों की तरह मिले और बातचीत की. कमल हासन ने जो किया वो वास्तव में बलिदान है.
स्टालिन ने उम्मीद जताई कि कमल हासन पूरे तमिलनाडु में प्रचार करेंगे और आने वाली ‘Dravidian Model 2.0’ सरकार में उनका योगदान रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास कमल हासन के इस फैसले को याद रखेगा क्योंकि इसमें निजी स्वार्थ छोड़कर तमिलनाडु की भलाई को प्राथमिकता दी गई है.
वीडियो: ईरान जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से फर्जी नामों से निकल रहे जहाज?

.webp?width=60)
