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Jharkhand Election Results: 'गेम चेंजर' बताई गईं कल्पना सोरेन गांडेय में जीत पाईं या नहीं?

Jharkhand Vidhansabha Chunav 2024: झारखंड की गांडेय सीट से कल्पना सोरेन की जीत लगभग तय है. इस सीट पर बस एक राउंड की गिनती होनी बाकी है. और कल्पना सोरेन ने पहले ही 13 हजार से ज्यादा वोटों की बढ़त बना ली है.

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23 नवंबर 2024 (पब्लिश्ड: 05:25 PM IST)
Jharkhand assembly election gandey seat kalpana soren
गांडेय सीट से कल्पना सोरेन की जीत लगभग तय. ( इंडिया टुडे)
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झारखंड की सबसे चर्चित सीट में से एक गांडेय विधानसभा सीट (Gandey Vidhansabha Seat) से कल्पना सोरेन (Kalpana Soren) की जीत लगभग तय है. 20 राउंड की वोटों की गिनती के बाद कल्पना सोरेन 13,056 वोटों से आगे चल रही हैं. चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, कल्पना सोरेन को अब तक 1 लाख 11 हजार 618 वोट मिले हैं. जबकि दूसरे नंबर पर चल रहीं बीजेपी की मुनिया देवी को 98,562 वोट मिले हैं. कल्पना सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी हैं. और इस चुनाव में उनको गेमचेंजर माना जा रहा है.

पिछले चुनावों में क्या हुआ?

30 दिसंबर, 2023 को JMM के विधायक सरफराज अहमद ने निजी कारणों से इस्तीफा दे दिया था. जिसके बाद साल 2024 में हुए उपचुनाव में JMM ने कल्पना सोरेन को इस सीट से उम्मीदवार बनाया. और कल्पना सोरेन इस सीट से 26 हजार से ज्यादा वोटों से जीतीं.

2009 के विधानसभा चुनाव में JMM के डॉ. सरफराज अहमद ने गांडेय सीट पर जीत हासिल की थी. उन्होंने बीजेपी के जय प्रकाश वर्मा को हराया था. इस चुनाव में डॉ. अहमद को 65,023 मिले. जबकि जय प्रकाश वर्मा को 56,168 मिले. वहीं 2014 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर बीजेपी के जय प्रकाश वर्मा ने जीत दर्ज की थी. उन्हें 48,838 वोट मिले थे. और दूसरे नंबर पर रहे JMM के सलाखन सोरेन को 38,559 वोट मिले थे. 

कल्पना सोरेन के राजनीतिक डेब्यू की कहानी

31 जनवरी 2024. हेमंत सोरेन को ईडी ने अरेस्ट किया. उससे पहले हेमंत सोरेन ने विधायक दल की बैठक की. बैठक में उनके साथ एक महिला की मौजूदगी रही. जो न विधायक थी, न सीधे जेएमएम से जुड़ी थीं. उनकी पत्नी कल्पना सोरेन. मीडिया में तो खबर चली कि हेमंत सोरेन बैठक में दो पर्ची लेकर गए थे. एक चंपाई सोरेन और दूसरी कल्पना सोरेन की. हालांकि ये खबर हकीकत कम फसाना ज्यादा निकली. विधायक दल की बैठक में चंपाई सोरेन के नाम की मुहर लगी. कल्पना सोरेन के नाम का जिक्र नहीं आया. लेकिन इस बैठक के बाद हेमंत सोरेन साथ निकले तो उनके साथ कल्पना सोरेन भी थीं. ये कल्पना सोरेन का सक्रिय राजनीति में हिस्सेदारी का टीजर था.

4 मार्च को आधिकारिक एंट्री

इसके बाद हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के अगले दिन कल्पना सोरेन अपने आवास पर आने वाले कार्यकर्ताओं से मिलीं. इनमें महिलाओं की बड़ी तादाद थी. वहां उनका एक छोटा सा भाषण भी हुआ. फिर आई तारीख 4 मार्च. जगह गिरिडीह. हरी किनारी वाली ऑफ व्हाइट साड़ी, माथे पर कुमकुम की बिंदी. कलाई में घड़ी. चेहरे पर आत्मविश्वास. कल्पना सोरेन ने किसी सियासी कार्यक्रम में पहली बार माइक पकड़ा. शुरुआत में उनकी आवाज लड़खड़ाई. लेकिन सामने खड़ी भीड़ ने संभाल लिया. भीड़ से आवाज आने लगी. जेल का ताला टूटेगा, हेमंत सोरेन छूटेगा. फिर कल्पना सोरेन ने अपने आंसू पोंछे. खुद को संयत किया. और फिर उन्होंने जोरदार भाषण दिया. जिसमें उन्होंने हेमंत सरकार के सारे बड़े फैसलों का जिक्र किया. और लोगों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ने की कोशिश की. ये उनकी पॉलिटिक्स में आधिकारिक एंट्री थी. 

वीडियो: जमघट: कल्पना सोरेन ने चंपई सोरेन, हेमंत सोरेन की जेल, भ्रष्टाचार और CM बनने के सवाल पर क्या बताया?

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