आज के अपने भाषण में अखिलेश यादव ने एक किस्से का ज़िक्र किया जब स्कूल के छात्रोंने उन्हें राहुल गांधी समझ लिया था. हम आपको वो पूरा किस्सा बताते हैं. साथ ही येभी कि यूपी चुनाव के मद्देनज़र अखिलेश का आज का भाषण क्यों महत्वपूर्ण है. बात तबकी है जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गद्दी संभाली थी. साढ़े तीनऔर साढ़े पांच मुख्यमंत्री के जुमले चल रहे थे. हर कोई अखिलेश को डिस्काउंट मारनेकी कोशिश में रहता था. अखिलेश ने इसे बदलने की शुरुआत प्राइमरी एजुकेशन के साथ की.वो ग्रामीण इलाकों के स्कूलों के दौरे करते. उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों कीहालत सबको पता है. छात्रों के साथ-साथ टीचर्स की भी क्लास बड़ी आसानी से ली जा सकतीहै और मीडिया को भी मसाला मिल जाता है. अखिलेश यादव ऐसे ही एक स्कूल में जांच करनेगए. चतुर टीचर ने बच्चों को पहले से रटे रटाए सवाल जवाब किए. अखिलेश यादव ने इसेताड़ लिया और बच्चे से पूछा, मुझे पहचानते हो. बच्चे ने कहा कि हां आप राहुल गांधीहैं. इसके बाद बच्चों ने राहुल गांधी ज़िंदाबाद, सोनिया गांधी ज़िंदाबाद औरकांग्रेस पार्टी ज़िंदाबाद के नारे लगा डाले. अखिलेश यादव तमतमा गए और वहां मौजूदबीएसए को काटो तो खून नहीं. इसके बाद क्या हुआ होगा आप सोच सकते हैं. वैसे अखिलेशके आज के भाषण में कई नई बातें दिखी हैं. आइए इनपर भी एक नज़र डाल लेते हैं. #अखिलेश यादव के आज के भाषण में सबसे खास बात ये है कि आज वो पूरी तैयारी और लिखेहुए नोट्स के साथ बोलने आए थे. अखिलेश इससे पहले रैंडम बोलने के लिए जाने जाते है.# सार्वजनिक मंचों पर मायावती को बुआजी कहने वाले अखिलेश ने पहली बार मायावती केलिए पत्थरवाली सरकार शब्द इस्तेमाल किया. मायावती के हाथियों पर चुटकी लेते हुएअखिलेश ने उन पर कुछ हमले कर दिए. # अखिलेश ने आज कई योजनाओं की घोषणा की. इनमेंमोबाइल फोन, छात्रों को दूध और घी देने, प्रेशरकुकर बांटने जैसी सियासी रेवड़ियांभी हैं, तो जिला मुख्यालयों को 4 लेन से जोड़ने, जानवरों के लिए एम्बुलेंस लानेजैसी अच्छी घोषणाएं भी है. #अखिलेश यादव ने एक और नया काम किया है कि किसी भी वर्गविशेष के लिए अलग से कोई योजना नहीं है. ये उत्तर प्रदेश की सियासत में एकसकारात्मक मगर रिस्की कदम है. # अखिलेश ने आज बताया कि समाजवादी स्मार्टफोन के लिएएक करोड़ से भी ज़्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं. अखिलेश का कहना है कि इस संख्याको अगर वोट में बदलने में उनहें कामयाबी मिल गई तो वो 300 से ज़्यादा सीटें जीतजाएंगे. # अखिलेश यादव के इस भाषण में एक और खासियत ये है कि अखिलेश ने इस बारप्रधानमंत्री को चुनौती दी है. उनकी योजनाओं को खारिज करते हुए अपनी योजनाओं को रखाहै. अखिलेश ने यूपी में भाजपा के पसंदीदा मुद्दे बिजली को अपने पाले में करते हुएउस पर केंद्र सरकार को खुल कर चैलेंज किया है, 2017 के इस चुनाव के परिणाम चाहे जोभी हों मगर अखिलेश का आज का ये भाषण दिखाता है कि पिछले कुछ समय से चल रहे विवादोंसे टीपू का कॉन्फिडेंस और कद दोनो बढ़े हैं.--------------------------------------------------------------------------------उत्तर प्रदेश की जनता इतनी बेवकूफ क्यों है?UP इलेक्शन के पहले फेज़ में किसका है 'अपर हैंड'?मुलायम अपने लड़के से हार गए, मैं इन 4 वजहों से खुश हूं