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'पुष्पा झुकेगा नहीं' वाली फलता सीट पर चुनाव का नतीजा आ गया, कौन जीता?

फलता विधानसभा बंगाल चुनाव के दौरान भी सुर्खियों में थी. चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को पर्यवेक्षक बना कर फलता भेजा था. उन्हें यूपी में 'सिंघम' के तौर पर जाना जाता है. अजय पाल शर्मा ने वोटिंग से पहले जहांगीर खान के घर जाकर उनके सहयोगियों को वोटर्स को धमकाने के खिलाफ चेतावनी दी थी.

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24 मई 2026 (पब्लिश्ड: 10:28 PM IST)
falta vidhansabha repolling results bjp debangshu panda wins 1 lakh votes
फलता विधानसभा से देबांग्शु पांडा ने जीत दर्ज कर ली है (PHOTO-India Today)
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पश्चिम बंगाल विधानसभा में बीजेपी की एक और सीट बढ़ गई है. फलता विधानसभा (falta Vidhansabha) सीट पर 21 मई को दोबारा हुई वोटिंग में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा (Debangshu Panda) ने 1 लाख वोटों से जीत दर्ज कर ली है. ये सीट पिछले दिनों काफी चर्चा में थी. यहां से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान (Jahangir Khan TMC) ने चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया था. 

रविवार, 24 मई को फलता विधानसभा सीट पर हुए चुनाव का फाइनल नतीजा आ गया. इसमें देबांग्शु पांडा को 1 लाख, 49 हजार, 666 वोट मिले. दूसरे नंबर पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के उम्मीदवार शंभुनाथ कुर्मी को 40 हजार 645 वोट मिले. तीसरे नंबर पर कांग्रेस के उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मुल्ला रहे, जिन्हें 10 हजार 084 वोट मिले.

सुर्खियों में रही फलता विधानसभा

फलता विधानसभा बंगाल चुनाव के दौरान भी सुर्खियों में थी. चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को पर्यवेक्षक बनाकर फलता भेजा था. उन्हें यूपी में 'सिंघम' के तौर पर जाना जाता है. अजय पाल शर्मा ने वोटिंग से पहले जहांगीर खान के घर जाकर उनके सहयोगियों को वोटर्स को धमकाने के खिलाफ चेतावनी दी थी. एक चुनावी रैली में इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जहांगीर खान ने कहा था,

अगर तुम (अजय पाल शर्मा) सिंघम हो, तो मैं पुष्पा हूं. पुष्पा झुकेगा नहीं.

सहयोगी की गिरफ्तारी से बदला खेल

बंगाल पुलिस ने हाल ही में जहांगीर के करीबी और फलता के TMC उपाध्यक्ष सैदुल खान को गिरफ्तार किया था. ये गिरफ्तारी एक पुराने केस के सिलसिले में हुई है. सैदुल पर जानलेवा हमले और हिंसा फैलाने के आरोप में FIR हुई थी. इस गिरफ्तारी के बाद से जहांगीर खान फरार बताए जा रहे थे. उन पर भी ऐसी ही FIR दर्ज की गई थी. 

रीपोलिंग से 72 घंटे पहले उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट ने उनको 25 मई तक गिरफ्तारी से छूट दे दी. हाई कोर्ट से छूट मिलने के बाद जहांगीर खान पुलिस की निगरानी में प्रचार कर रहे थे, लेकिन उनके लिए वोट मांगने TMC की तरफ से कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा. ऐसे में उन्होंने निराश होकर चुनाव से पीछे हटने का फैसला किया.

फलता में क्यों हुई रीपोलिंग?

पश्चिम बंगाल में 23 और 29 मई को दो फेज में वोटिंग हुई थी. फलता में दूसरे फेज में वोटिंग हुई थी. चुनाव आयोग को इस सीट की सभी 285 वोटिंग सेंटर्स पर गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी, जिसके बाद यहां 21 मई को दोबारा वोटिंग कराने की घोषणा की. इस सीट पर 24 मई को नतीजे आ गए जिसमें भाजपा ने जीत दर्ज की है.

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