बिलकिस बानो के सवाल पर गुजरात BJP अध्यक्ष बोले, 'हमारे राज्य में महिलाएं सबसे ज्यादा सुरक्षित'
बिलकिस बानो के 11 रेपिस्ट की रिहाई पर लल्लनटॉप से सीआर पाटिल ने कहा, 'ये कोर्ट का फैसला'

गुजरात में मतदान (Gujarat Election 2022) होने ही वाले हैं. दो चरणों में वोटिंग होगी - 1 और 5 दिसंबर को. लल्लनटॉप की तीन टीमें ग्राउंड पर हैं. गुजरात की जनता के मुद्दे खंगाल रही हैं. चुनावी कवरेज के इसी सिलसिले के साथ वापस आ चुका है 'जमघट', जहां हमारे संपादक सौरभ द्विवेदी सत्ता के दावेदारों से जनता के हिस्से के सवाल पूछते हैं. इस कड़ी में हमने बात की गुजरात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नवसारी से सांसद चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल (C R Patil) से.
गुजरात के मुद्दों में एक बड़ा मुद्दा है बिलक़िस बानो का. 15 अगस्त को बिलक़िस बानो के बलात्कारियों को रिहा कर दिया गया था. पूरे देश में चर्चा छिड़ गई. एक के बाद एक ख़बरें आईं. गुजरात से ख़बरें आईं कि बिलक़िस के दोषियों का स्वागत किया गया. बार-बार देश में ये सवाल पूछा गया कि इस मामले को लेकर गुजरात सरकार की मंशा क्या है? देश में पूछा गया, सो हमने भी पूछ लिया. नरेंद्र मोदी सरकार में जिस तरह से महिला शिक्षा और सुरक्षा पर बात होती है, उस भारतीय जनता पार्टी की चुप्पी पर सीआर पाटिल ने कहा,
"सज़ा किसने दी थी? कोर्ट ने. कोर्ट की ये बात आपको मंज़ूर है कि उन्हें सज़ा दी गई. फिर कोर्ट ने रिहा किया, तो इस निर्णय को क्यों नहीं मानते आप? अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतज़ार क्यों नहीं करते आप?
ये जो बिलक़िस बानो है, वो बिलक़िस बानो हो, या कोई भी हो, बलात्कार की घटना नहीं होनी चाहिए. मेरी भी तीन बेटियां हैं. दूसरी बात, जो आप कहते हैं कि भाजपा महिला मुद्दों को लेकर बहुत मुखर रहती है, वो यहां क्यों चुप है, इस पर मैं आपको कहता हूं कि महिला जितनी गुजरात में सुरक्षित है, उतना पूरे देश में नहीं है. आज भी मैं कह सकता हूं. आप नवरात्र के समय पर भी आइए. आपको रात को दो बजे भी लड़की स्कूटी पर दिख जाएगी. बताइए सुरक्षित है कि नहीं? अगर नहीं होती, तो उसके परिवार वाले ही न भेजते उसे. मेरी भी बेटी के लिए मुझे डर नहीं है. वो मुझसे रात-बिरात कहती हैं कि वो जूस लेने जा रही है. तो मुझे बस ये बताना होता कि मुझे कौन सा जूस चाहिए. इसके अलावा कुछ नहीं सोचना पड़ता. गुजरात में क़ानून-व्यवस्था है. जैसी स्थिति गुजरात में है, वैसी कहीं नहीं है.
एक बात और. बिलक़िस बानो को हमलोग याद करते हैं. श्रद्धा को क्यों नहीं याद करते? श्रद्धा के केस में उसके 35 टुकड़े किए गए. जो लोग मोमबत्तियां लेकर निकल पड़ते थे, ट्विटर पर हैशटैग चलाते थे, वो लोग आज कहां हैं? सुप्रीम कोर्ट का जो भी फ़ैसला आएगा, वो सबको मान्य होगा. लेकिन पहले लोगों को फ़ैसला का इंतज़ार नहीं रहता था. ये दाहरापन है."
बता दें कि बुधवार, 30 नवंबर को बिलक़िस बानो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने 2002 गुजरात दंगों में हत्या और गैंगरेप के 11 दोषियों को रिहा करने के फैसले को चुनौती दी है. बिलक़िस ने सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले के ख़िलाफ़ पुनर्विचार याचिका भी दायर की है, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि दोषियों को रिहा करने को लेकर राज्य सरकार विचार कर सकती है.
पूरा वीडियो देखिए: CR पाटिल पेपर लीक, बिलकिस बानो और गुजरात में AAP की एंट्री पर क्या बोले?

.webp?width=60)

