'सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ TVK को समर्थन,' कांग्रेस ने विजय को दिया सपोर्ट
Congress Supports TVK: कांग्रेस ने तमिलनाडु में Thalapathy Vijay को समर्थन इस शर्त पर दिया कि TVK अपने गठबंधन से सांप्रदायिक ताकतों को बाहर रखे. इसके बाद विजय ने तमिलनाडु के गवर्नर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. विजय 7 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं.

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर करने वाली थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की सरकार बनती दिख रही है. कांग्रेस ने विजय की पार्टी को समर्थन देने का फैसला किया है. कांग्रेस ने सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ अपनी लड़ाई के सिद्धांत पर विजय को समर्थन दिया है. इसके बाद थलापति विजय ने बुधवार, 06 मई को तमिलनाडु के गवर्नर राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया.
विधानसभा चुनाव में द्रविड़ पार्टियों को पटखनी देते हुए TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. TVK को 234 में से 108 सीटें मिली हैं. बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है, यानी अभी 10 सीटें कम हैं. कांग्रेस को इस चुनाव में 5 सीटों पर जीत मिली है. कांग्रेस के समर्थन से विजय को बहुमत पाने में मदद मिलेगी.
बुधवार, 6 मई को कांग्रेस ने आधिकारिक समर्थन पत्र जारी करके TVK को सपोर्ट करने का ऐलान किया. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) इंचार्ज गिरीश चोडांकर द्वारा जारी इस पत्र में उन शर्तों का जिक्र किया, जिनके आधार पर कांग्रेस ने TVK को समर्थन दिया है.
इस शर्त पर कांग्रेस का TVK को समर्थन"कांग्रेस भारत में धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और जनकल्याणकारी राजनीति का प्रतिनिधित्व करती है, और इसकी संस्थापक राजनीतिक पार्टी है. तमिलनाडु की जनता के इस जनादेश का सम्मान करना, उसे बनाए रखना और उसे पूरा करने में मदद करना हमारा संवैधानिक कर्तव्य है. इसलिए, तमिलनाडु कांग्रेस समिति और कांग्रेस विधायक दल (CLP) ने सरकार बनाने के लिए TVK को अपना पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया है."
कांग्रेस ने कहा कि TVK के साथ उसका गठबंधन दोनों पार्टियों के बीच आपसी सम्मान, उचित हिस्सेदारी और साझा जिम्मेदारी पर आधारित है. पार्टी ने यह साफ किया कि यह गठबंधन स्थानीय निकायों, लोकसभा और राज्यसभा के भविष्य के चुनावों के लिए भी है. इससे साफ होता है कि कांग्रेस ने द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया है. कांग्रेस ने आगे अपनी शर्त के बारे में बताया,
"हमारा समर्थन इस शर्त पर होगा कि TVK इस गठबंधन से उन सभी सांप्रदायिक ताकतों को बाहर रखे, जो भारत के संविधान में विश्वास नहीं रखतीं."
कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि TVK और कांग्रेस का गठबंधन थंथाई पेरियार के सामाजिक न्याय के आदर्शों और डॉ. बीआर आंबेडकर के संवैधानिक आदर्शों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ और तमिलनाडु में पेरुंथलाईवर कामराज के गौरवशाली दिनों को वापस लाने को कोशिश करेगा.
इससे पहले 5 मई की देर रात कांग्रेस की तमिलनाडु यूनिट की पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी (PAC) की एक अर्जेंट मीटिंग हुई थी. इंडिया टुडे से जुड़े अनघा और नागार्जुन द्वारकानाथ की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया था कि मीटिंग में कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई ने कुछ शर्तों के साथ TVK का समर्थन करने का प्रस्ताव पास किया था.

विजय ने अपने विधायकों के साथ बैठक कर सरकार बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि वे 7 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. उनके साथ करीब 9 मंत्री भी शपथ ले सकते हैं. TVK अब बाकी पार्टियों से भी बात कर रही है ताकि आसानी से बहुमत पूरा हो जाए.
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इनमें द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के विरोधी दलों के अलावा वामपंथी पार्टियां जैसे- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी - मार्क्सवादी CPI(M) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और अन्य छोटे दल शामिल हैं.
छह दशक पुराने द्रविड़ राज का अंतइस चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है. पिछले कई सालों से तमिलनाडु में द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) का ही दबदबा था, लेकिन इस बार विजय की पार्टी ने दोनों को पीछे छोड़ दिया.
लगभग छह दशकों में पहली बार है जब तमिलनाडु में द्रविड़ एकाधिकार को पूरी तरह से तोड़ा गया है. अगर कांग्रेस और बाकी छोटे दल साथ आ जाते हैं, तो विजय की सरकार आराम से बन जाएगी. अब सबकी नजर इस बात पर है कि विजय कैसे सभी पार्टियों को साथ लेकर एक मजबूत सरकार बनाते हैं.
वीडियो: तमिलनाडु चुनाव जीतने के बाद थलपति विजय पर कैसे मीम्स बन रहे?


