कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विज सिंह ने कन्हैया कुमार को लेकर जो कहा है वहआरजेडी को अच्छा नहीं लगेगा. भोपाल से चुनाव लड़ रहे दिग्विजय सिंह का कहना है कि-वे कन्हैया कुमार के समर्थक हैं. आरजेडी ने बेगूसराय से टिकट नहीं देकर बहुत बड़ीगलती कर दी है. ऐसा कहकर दिग्वजिय सिंह ने महागठबंधन के फैसले पर ही सवाल खड़े करदिए हैं. महागठबंधन में सीपीआई को शामिल नहीं करने का फैसला उस पार्टी ने लिया है,जो कांग्रेस के साथ है और गठबंधन की धुरी है. ऐसे में दिग्विजय सिंह का ये बयानशायद राहुल गांधी को भी पसंद न आए. दिग्वजिय सिंह ने कहा- मैं कन्हैया कुमार कासमर्थक हूं. मैंने अपनी पार्टी में भी इस बात को कहा कि आरजेडी ने बहुत बड़ी गलतीकी है. मैंने कोशिश की बात करने की. ये सीट सीपीआई को देनी चाहिए. मुझे इस बात कीखुशी है कि 8 और 9 को वो (कन्हैया) प्रचार करने भोपाल आ रहा है.Digvijaya Singh:Main Kanhaiya Kumar ka samarthak hoon.Aur maine apne party meinbhi iss baat ko kaha ki RJD ne bohot badi galti ki hai aur maine koshish ki baatkarne ki yeh seat CPI ko dena chahiye. Aur mujhe iss baat ki khushi hai 8 aur 9ko vo prachar karne Bhopal aaraha hai. pic.twitter.com/acTIbiT1uZ— ANI (@ANI) April 28, 2019 बेगूसराय से सीपीआई के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैंकन्हैया कुमार. इस सीट से बीजेपी की ओर से गिरिराज सिंह जबकि महागठबंधन की ओर सेतनवीर हसन उम्मीदवार हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की ओर से भोला सिंह नेयहां से जीत हासिल की थी. उन्हें 4,28,227 वोट मिले थे. तनवीर हसन को 3,69,892 मतमिले थे और वह दूसरे नंबर पर थे. बेगूसराय में लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 29अप्रैल को वोटिंग है. कन्हैया कुमार के लिए सीट नहीं छोड़ने के सवाल पर लल्लनटॉप सेतेजस्वी यादव ने कहा था, बिहार की सबसे बड़ी पार्टी होते हुए भी राजद इस बार केलोकसभा चुनाव में सबसे कम सीटों पर चुनाव लड़ रही है. बेगूसराय ऐसा जिला है जहांमहागठबंधन के 7 में से 5 विधायक हैं. पूरे भारत में बहुत कम सीटें मिलेंगी जहांमुसलमान भाइयों को रिप्रजेंट किया जा रहा है. पूरे हिन्दुस्तान में बिहार मेंमुसलमानों को सबसे ज्यादा टिकट दिया जा रहा है. और टिकट देने वाली पार्टी हैआरजेडी. हमें हार जीत का फर्क नहीं है. लेकिन सीपीआई, एक जाति और एक जिले की पार्टीबनकर रह गई है. जबकि सीपीआई एम सभी जाति, सभी धर्मों को साथ लेकर चलती है. उनका हरजगह बेस हैं. हमने कई पार्टियों को एकोमोडेट किया. उन्हें सीटें दीं. कई लोग कहतेहैं कि आपने बहुत ज्यादा सीटें दे दीं. पिछली बार 2014 में तनवीर हसन मोदी लहर मेंभी सिर्फ 30-40 हजार वोटों से हारे थे. इतने कम वोटों से हारना कोई मायने नहींरखता. जो व्यक्ति दूसरे स्थान पर रहा हो, चंद वोटों से हारा हो. जहां से मुसलमानोंके प्रतिनिधित्व की बात आएगी तो हम उन्हें टिकट देंगे. हालांकि तेजस्वी यादव ने कहाथा कि कन्हैया कुमार से उनकी मुलाकात गया में हुई थी. उसके बाद मुलाकात नहीं हुई. उन्होंने बताया कि बीजेपी के गिरिराज सिंह को हराने में महागठबंधन सक्षम है. और हमजीतेंगे. अब ऐसे में दिग्विजय सिंह का कन्हैया कुमार के लिए बैटिंग करना और खुद कोउनका समर्थक महागठंबधन में दरार पैदा कर सकता है.--------------------------------------------------------------------------------राहुल गांधी के रावलपिंडी से नामांकन और कन्हैया कुमार पर गिरिराज सिंह के जवाब