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दयाशंकर की 12 साल की बेटी बोली, 'नसीम अंकल, बताइए मुझे कहां आना है'

औरत के अपमान का विरोध मां-बहन की गालियों से? ऐसी सियासत का नतीजा, नील बटे सन्नाटा.

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22 जुलाई 2016 (अपडेटेड: 22 जुलाई 2016, 07:58 AM IST)
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हिंदुस्तान की राजनीति इस कदर मर्दवादी है कि वो औरत के अपमान का बदला भी औरत के अपमान से लेती है. खून के बदले खून मांगती है. गाली के बदले गाली देती है. कीचड़ को कीचड़ से धोती है.
बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह ने मायावती को 'वेश्या से बदतर' कह दिया. एक नंबर का लीचड़ बयान. हर पार्टी ने निंदा की. पूरे देश में इसके खिलाफ एक सहज गुस्सा दिखा. लेकिन बसपा कार्यकर्ता जब लखनऊ की सड़कों पर उतरे तो उनका गुस्सा अलग था. वो दयाशंकर को उसी की जुबान में जवाब दे रहे थे. उनके हाथों में पोस्टर था, जिन पर लिखा था 'दयाशंकर कुत्ते को बाहर करो, बाहर करो.' वे यहीं नहीं थमे. उन्होंने नारे लगाए, 'दयाशंकर अपनी बहन को पेश करो. दयाशंकर अपनी बेटी को पेश करो.' दयाशंकर की बेटी ने एक लाइन में जवाब दिया है. बीएसपी के नंबर दो नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी को. सिद्दीकी जी, सुनिए और पानी-पानी हो जाइए.
12 साल की इस बच्ची ने कहा, ''नसीम अंकल. मुझे बताएं कहां आना है. आपके पास पेश होने के लिए.''
दयाशंकर की बिटिया सातवीं क्लास में पढ़ती है. बसपा कार्यकर्ताओं की बेशर्मी से वो सदमे में है. उसे डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा. दयाशंकर की पत्नी स्वाति ने कहा है कि वो FIR कराएंगी और उसमें पहला नाम मायावती का होगा.

लखनऊ में बसपा के प्रदर्शन का एक सीन

गुरुवार का लखनऊ. भीड़ खड़ी है. दयाशंकर का पुतला सड़क पर पड़ा जल रहा है. एक शख्स उसे लाठी से पीट रहा है. एक आदमी माइक से नारे लगवा रहा है. बाकी दोहरा रहे हैं. महिला विरोधी बीजेपी मुर्दाबाद! महिला विरोधी बीजेपी मुर्दाबाद! दयाशंकर कुत्ते को, फांसी दो फांसी दो! जिसके हाथ में माइक है, वो 'फांसी दो' की जगह 'गिरफ्तार करो' कहता है, तो बाकी लोग भी 'गिरफ्तार करो' कहने लगते हैं. अगला नारा लगता है: दयाशंकर अपनी बहन को पेश करो, पेश करो! दयाशंकर अपनी बेटी को पेश करो, पेश करो!
'महिला विरोधी बीजेपी मुर्दाबाद' कहने के 22 सेकेंड बाद बीएसपी कार्यकर्ता दयाशंकर की बहन-बेटी को पेश करने के नारे लगा रहे हैं. इन बसपा कार्यकर्ताओं के पक्ष में कैसे खड़ा हुआ जाए? यहां मर्दों के खिलाफ मर्द हैं और दोनों तरफ औरत निशाने पर है. 
https://twitter.com/ANINewsUP/status/755994762759446528

मायावती को तकलीफ हो सकती है तो हमें क्यों नहींं?

लखनऊ यूनिवर्सिटी में लेक्चरर रह चुकीं स्वाति ने कहा, 'मेरी बेटी ने क्या अपराध किया है कि बसपा कार्यकर्ता उसे गाली दे रहे हैं. अगर उन शब्दों से मायावती जी को तकलीफ हो सकती है तो हमें क्यों नहीं होगी? अपने बारे में इतना कुछ सुनकर मेरी बेटी मेंटल ट्रॉमा में है. वो स्कूल जाने को तैयार नहीं थी, पर मैंने उसे भेजा. लेकिन स्कूल में भी इस घटना ने उसका पीछा नहीं छोड़ा. उसे अस्पताल ले जाना पड़ा. अगर वो रिकवर नहीं कर पाई तो उसे भर्ती भी कराना पड़ सकता है.' स्वाति का एक बेटा भी है. उनका कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं. [facebook_embedded_post href="https://www.facebook.com/ANINEWS.IN/videos/959691754143588/"]

बसपा विधायक उषा चौधरी की भाषा भी देखिए.

https://twitter.com/ANI_news/status/756060824687349760 https://twitter.com/ANI_news/status/756058590734057472

'पति को न मिले चार गुना सजा'

दयाशंकर की पत्नी स्वाति ने यहां तक कहा कि अगर हमें कुछ होता है तो बसपा लीडरशिप इसके लिए दोषी होगी. मेरे पति की सजा कानून तय करेगा. लेकिन उन्होंने जो भी अपराध किया है, उन्हें उसकी चार गुना सजा नहीं मिलनी चाहिए. इसी वक्त अपनी मां के पास खड़ी 12 साल की उनकी बेटी एक न्यूज क्लिप देखते हुए फफक पड़ी. स्वाति का कहना है कि पब्लिक में एक नाबालिग लड़की को पेश करने का नारा लगाना क्राइम नहीं है? https://twitter.com/ANINewsUP/status/756177050151505922

क्या बोले थे दयाशंकर?

बीजेपी के उत्तर प्रदेश यूनिट के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने मायावती को 'वेश्या से बदतर' बताया था. उनका पूरा बयान था, ‘जो सपना देखा था कांशीराम जी ने, उस सपने को मायावती चूर-चूर कर रही हैं. आज मायावती जी टिकटों की इस तरह से बिक्री कर रही हैं. एक वेश्या भी अगर किसी से कॉन्ट्रैक्ट करती है जो जब तक पूरा नहीं कर लेती उसको नहीं तोड़ती है. पर ये देश की हमारी इतनी बड़ी नेता हैं तीन-तीन बार टिकट बदलती हैं. मायावती जी किसी को 1 करोड़ रुपये पर टिकट देती हैं, 1 घंटे बाद कोई 2 करोड़ रुपये देने वाला मिलता है तो उसको टिकट दे देती हैं. और शाम को 3 करोड़ दे देता है तो उसका भी (टिकट) काट करके उसको दे देती हैं. एक वेश्या से भी बदतर चरित्र की आज मायावती जी हो गई हैं.’
https://twitter.com/ANINewsUP/status/755671816119590912

'सिर कटवा के ही मानेंगी मायावती?'

इसके बाद दयाशंकर को बीजेपी ने 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया. चंद मिनटों में पॉलिटिकल करियर चौपट हो गया. FIR दर्ज हुई. पुलिस गिरफ्तार करने घर पहुंची, लेकिन दयाशंकर फरार हो चुके थे. दयाशंकर की पत्नी स्वाति ने कहा, 'उन्हें पोस्ट से हटा दिया गया है, FIR हो गई है, उन पर और कई आरोप लगाए जा रहे हैं और उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है. इतना करके भी मायावती संतुष्ट नहीं हैं. उनका बस चले तो वो उनका सिर कटवा के ही मंगवा लें.' मायावती का रिएक्शन भी आया है. उन्होंने कहा कि जब मुझे पता चला कि बेटी के बारे में कुछ कहा गया है तो मैंने पार्टी के लोगों से बात की और उन्हें गलत भाषा न इस्तेमाल करने को कहा. लेकिन मायावती ने लगे हाथ ये भी जोड़ दिया कि जब दयाशंकर की पत्नी, मां और बेटी का अपमान किया गया, तभी वे औरतों की अपमान का मतलब समझेंगे? https://twitter.com/ANI_news/status/756379840060727296 https://twitter.com/ANI_news/status/756377919765749760 https://twitter.com/ANI_news/status/756378918828044288 अपना पक्ष समझ-बूझकर चुनिए. जरूरत हो तो तीसरा और चौथा पक्ष बनाइए. यहां सब अपनी सुविधा के हिसाब से औरतों के पैरोकार हैं. इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि औरत के अपमान का विरोध मां-बहन की गालियों से किया जाए? ये वो सियासत है जो गांव की दीवार पर साक्षरता का विज्ञापन भी अंग्रेजी में देती है. नतीजा, नील बटे सन्नाटा.

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