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आसानी से नहीं माने चिराग, 24 घंटे में चार बार उनके घर गए शाह के भरोसेमंद मंत्री, तब बनी बात

नित्यानंद राय चिराग पासवान को मनाने के लिए 9 अक्टूबर की सुबह उनके आवास पहुंचे. चिराग मंत्रालय के लिए निकल चुके थे. उनकी मां रीना से मिलकर लौट आए. उस दिन राय चिराग के घर तीन बार गए.

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चिराग पासवान की पार्टी को NDA के सीट बंटवारे में 29 सीटें मिली हैं. (फाइल फोटो- PTI)
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आनंद कुमार
10 अक्तूबर 2025 (Updated: 21 अक्तूबर 2025, 12:59 AM IST)
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खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का 'हनुमान' बताने वाले चिराग पासवान आखिरकार 29 सीटें झटकने में कामयाब हो गए. खबरें थी कि सीट शेयरिंग के फॉर्मूले से चिराग नाराज हैं. यही वजह थी कि बीजेपी के 'गणमान्य' नेता पटना से दिल्ली तक दौड़ लगा रहे थे. लेकिन बिहार से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के साथ बैक टू बैक बैठकों के बाद आखिरकार चिराग मान गए हैं. 

बीजेपी नेताओं को पटना टू दिल्ली घुमाया

6 अक्टूबर को बिहार में बीजेपी के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े पटना पहुंचे. उनकी नीतीश की पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा चीफ जीतन राम मांझी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात हुई. चिराग पासवान से भी मिलना था. लेकिन चिराग ‘गच्चा देते हुए’ दिल्ली निकल गए.

चिराग के पीछे-पीछे बीजेपी नेता भी दिल्ली पहुंचे. 7 अक्टूबर को प्रधान और तावड़े ने चिराग से दिल्ली में मुलाकात की. चिराग तब भी नहीं माने. क्योंकि मामला नंबर से ज्यादा पसंद की सीटों पर फंस रहा था. चिराग 8 अक्टूबर को पिता रामविलास पासवान की पुण्यतिथि मनाने एक बार फिर से पटना पहुंचे. इस दौरान उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट ने बीजेपी की बेचैनी बढ़ा दी. उन्होंने अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को पुण्यतिथि पर याद करते हुए X पर लिखा,  

पापा हमेशा कहा करते थे -जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत. जीना है तो मरना सीखो, कदम-कदम पर लड़ना सीखो.

अमित शाह के विश्वासपात्र ने चिराग को मनाया

चिराग की पोस्ट की टाइमिंग को देखते हुए राजनीतिक मतलब निकाले जाने लगे. बीजेपी नेतृत्व सतर्क हुआ. चिराग से एक बार फिर संपर्क की कोशिश हुई. लेकिन वो तो फिर दिल्ली निकल आए. रायता इतना फैल चुका था कि मामला बीजेपी आलाकमान यानी गृह मंत्री अमित शाह के दर तक पहुंच ही गया. शाह ने चिराग को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी अपने विश्वासपात्र और  मंत्रालय में उनके सहयोगी नित्यानंद राय को. 

अब तक नित्यानंद राय और चिराग पासवान के अच्छे संबंध रहे हैं. साल 2022 में रामविलास पासवान की मृत्यु के बाद चिराग से उनका 12 जनपद स्थित बंगला खाली करा लिया गया था. बताया जाता है कि तब चिराग का साजोसामान नित्यानंद राय के आवास पर ही रखा गया था.

नित्यानंद राय चिराग पासवान को मनाने के लिए 9 अक्टूबर की सुबह उनके दिल्ली स्थित आवास पहुंचे. तब चिराग अपने आवास पर नहीं थे. मंत्रालय गए थे. चिराग की मां रीना पासवान से उनकी बात हुई और राय लौट आए.

इस बीच पटना में लोजपा (रामविलास) की बैठक हुई. बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने बताया कि सीट बंटवारे पर अंतिम फैसले के लिए चिराग पासवान को अधिकृत किया गया है. इस बैठक के बाद एक बार फिर से नित्यानंद राय चिराग पासवान के आवास पर पहुंचे. इस बार चिराग भी मौजूद थे. चिराग और उनकी मां के साथ राय की बैठक हुई. 

लेकिन बात खत्म नहीं हुई. 9 अक्टूबर की ही रात एक बार फिर नित्यानंद राय चिराग पासवान के घर पहुंचे. राय एक दिन में तीसरी बार चिराग के दरवाजे पर दस्तक दे रहे थे. इस बार साथ में चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भी थे. लगभग 25 मिनट तक बात हुई. इसके बाद चिराग से हाथ मिलाते हुए धर्मेंद्र प्रधान बाहर निकले. लेकिन मीडिया से कुछ बातचीत नहीं की. चिराग भी कुछ नहीं बोले.

अगली सुबह 10 अक्टूबर को नित्यानंद एक बार फिर से चिराग पासवान के घर पहुंचे. अबकी बार लगभग 30 मिनट की बातचीत हुई. चिराग बाहर आए. पर इस बार चेहरे पर मुस्कान के साथ. मीडिया ने सवाल दागा- ‘सम्मानजनक सीटें मिल रही है?’ जवाब आया

जहां मेरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खड़े हैं, वहां मुझे अपने सम्मान की चिंता करने की जरूरत नहीं है. चर्चा बहुत सकारात्मक रही और अब अंतिम दौर में है. जल्द ही सारी घोषणा की जाएगी.

चिराग पासवान के जेस्चर और बयानों से साफ था कि बात बन गई है. जिन सीटों के लिए चिराग अड़े थे, उसमें से अधिकतर सीटें उनको देने पर सहमति बनने की खबर है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी अपने कोटे से वैशाली की लालगंज सीट, पूर्वी चंपारण की गोविंदगंज सीट और बक्सर की ब्रह्मपुर सीट चिराग पासवान को देने पर तैयार हो गई. और चिराग ने भी बेगूसराय की मटिहानी सीट से अपना दावा छोड़ दिया. 

बीजेपी चिराग पार्टी को 25 सीटें देना चाहती थी, लेकिन 'मोदी के हनुमान' साम, दाम, दंड, भेद अपनाते हुए 29 सीटें खींच ले गए.

वीडियो: राजधानी: बिहार चुनाव से पहले चिराग पासवान और प्रशांत किशोर की नजदीकियां?

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