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चंद्रशेखर आजाद ने कहा- सपा के साथ गठबंधन नहीं, अखिलेश ने दलितों का अपमान किया

बोले-गठबंधन क्यों नहीं हुआ ये अखिलेश से पूछना चाहिए.

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15 जनवरी 2022 (अपडेटेड: 15 जनवरी 2022, 08:18 AM IST)
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आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर ने बताया कि समाजवादी पार्टी के साथ उनका गठबंधन नहीं हो पाया है.
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भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है. शनिवार, 15 जनवरी को लखनऊ में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने दलित समाज को अपमानित किया है. उन्हें दलितों के वोट चाहिए, लेकिन दलित लीडरशिप नहीं चाहिए. चंद्रशेखर ने कहा,
छह महीने पहले हमने प्रयास किया कि बहुजन समाज इकट्ठा हो. अखिलेश यादव पर हमने भरोसा किया. छह महीने से लगातार हमारी मुलाकातें हुईं. साकारात्मक बातें हुईं. हमारे जो मुद्दे थे, जैसे प्रमोशन में रिजर्वेशन का मामला, समाजिक न्याय का मामला, सब पर बात हुई. मुस्लिम साथियों को आरक्षण देने की बात कही थी उन्होंने. हमने बीजेपी के रोकने के लिए प्रयास किया. कदम बढ़ाया. लेकिन अंत समय में मुझे लगा कि अखिलेश को दलितों की जरूरत नहीं है. वह इस गठबंधन में दलित लीडरशिप को नहीं चाहते. वो चाहते हैं कि उनको दलित वोट करें.
'अखिलेश ने अपमानित किया' चंद्रशेखर आजाद ने अखिलेश यादव पर अपमानित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा,
चंद्रशेखर ने कहा कि वह कांशीराम को अपना नेता मानते हैं. उन्होंने भरोसा करके मुलायम सिंह को नेता बनाया. लेकिन क्या हुआ. ये हर कोई जानता है.  एक महीना, 10 दिन के बाद कल उन्होंने (अखिलेश)अपमानित किया. बहुजन समाज के लोगों का उन्होंने अपमान किया है. उन्होंने कहा था कि मैं शाम तक बताता हूं, लेकिन उनका जवाब अभी तक नहीं आया. मैं समझता हूं कि इस गठबंधन में वो दलित समाज को नहीं चाहते. जबकि बड़े पैमाने पर हमारे साथी जो बैठे हैं, उनका मन था कि बीजेपी को रोकने के लिए इस गठबंधन का हिस्सा बनें. मुझे लगता है कि अखिलेश जी अभी सामाजिक न्याय का मतलब नहीं समझ पाए हैं. सामाजिक न्याय कहने से नहीं होता.
चंद्रेशेखर ने आगे कहा कि उन्होंने अखिलेश यादव से कह दिया था कि वो बड़े भाई हैं. अखिलेश यादव को उन्हें बुलाना चाहिए था.चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि अखिलेश की चुप्पी बताती है कि वो बीजेपी की तरह व्यवहार कर रहे हैं. चंद्रशेखर आजाद ने ये भी कहा कि वो विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास करेंगे. अगर बात नहीं बनी तो अकेले चुनाव लड़ेंगे. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आप अखिलेश से पूछिए कि गठबंधन क्यों नहीं हो पाया. चंद्रशेखर ने बसपा प्रमुख मायावती के जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी और उनकी लंबी उम्र की कामना की. चंद्रशेखर ने कहा कि सबसे पहले उन्होंने मायावती से गठबंधन की बात की थी लेकिन उन्होंने सहमति नहीं दी. इसके बाद वह अखिलेश यादव के पास गए. ताकि किसी भी हालत में बीजेपी को सरकार बनाने से रोका जा सके.

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