इधर भी गधे हैं, उधर भी गधे हैं जिधर देखता हूं, गधे ही गधे हैं गधे हंस रहे, आदमीरो रहा है हिन्दोस्तां में ये क्या हो रहा हैमैं दुनिया को अब भूलना चाहता हूं गधों की तरह झूमना चाहता हूं घोड़ों को मिलती नहींघास देखो गधे खा रहे हैं च्यवनप्राश देखोजैसे ही खबर मालूम चली, ओम प्रकाश आदित्य की ये लाइनें याद आ गयीं. बचपन में सुनीथीं. ऑडियो कैसेट पर. आज काम आ गईं.ख़बर ये है कि उत्तर प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री एक गधा हो सकता है. और ये गधा वोगधा नहीं है जिसे इंसान की देह मिली है लेकिन उसे गधे की उपाधि दी गयी है. ये गधासचमुच का गधा है. एक्वस एफ्रिकेनस एसिनस. जैसे आदमी का होमो सेपियंस, वैसे ही. येगधा 'मेरे प्रिय देशवासियों' नहीं बोलता ढेंचू-ढेंचू ही करता है. इस गधे कोउम्मीदवारी के लिए खड़ा किया है बहुजन विजय पार्टी ने. इस गधे का नाम भी है. गर्दभसिंह यादव. इसका नामांकन दाखिल होगा नखलऊ लखनऊ के कैंट विधानसभा की सीट से. असलीमज़ा इसके बाद आएगा. क्यूंकि अभी तक सिर्फ खबर बनी है. नामांकन दाख़िल करने के बादविज़ुअल ट्रीट भी उपलब्ध रहेगी.पार्टी ने प्लान किया था कि श्री गर्दभ सिंह यादव का नामांकन दाखिल करने के लिएबर्लिंगटन क्रॉसिंग से लेकर डीएम आवास तक एक रैली निकलेगी. यथा राजा तथा प्रजा कीतर्ज पर. इस रैली में जानवर शामिल होंगे.टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताते हुए बहुजन विजय पार्टी के अध्यक्ष केशव चन्द्र ने कहा किउनकी लड़ाई असल में इलेक्शन के सिस्टम के ख़िलाफ़ है. इस सिस्टम में कितना भी दागीआदमी हो, या नाकाबिल हो, चुनाव में उसे उतरने दिया जाता है. केशव चन्द्र ने कहा किऐसे सिस्टम में सिर्फ गधा ही उम्मीदवारी के पद को सूट करता है. वो काम को बोझ नहींसमझता और उसे कोई बड़ी डिग्री की भी ज़रुरत नहीं है.केशव चन्द्र के हिसाब से वो खुद सुब्रमनियम स्वामी के काफ़ी क़रीबी थे. और जनतापार्टी के महासचिव भी थे. वो कह रहे थे कि वो पिछले 30 सालों से पॉलिटिक्स मेंएक्टिव हैं लेकिन उन्होंने पॉलिटिक्स की क्वालिटी में ऐसा गिराव कभी नहीं देखा.मंगलवार को 11 बजे जब ये जानवरों से लैस रैली बर्लिंगटन क्रॉसिंग से निकली तो लोगोंने खूब मजे लिए. रैली का अंतिम स्टॉप कैसरबाग था. कलेक्ट्रेट में जानवरों कोतालियों और सीटियों से वेलकम किया गया. लेकिन डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के ऑफिस केबाहर हुजूम को रोक दिया गया. एक अफ़सर चिल्लाते हुए सुनाई दिए गए, "ये लोकतंत्र है,जानवर तंत्र नहीं."यहां केशव चन्द्र ने फिर से समझाया कि वो जानवर इस वक़्त सबसे मुफ़ीद कैंडीडेट हैक्यूंकि उसने टिकट के लिए पैसे दिए हैं और मुख्यमंत्री बनने के लिए चूंकि पढ़ा-लिखाहोना ज़रूरी नहीं है इसलिए वो क्वालीफ़ाई कर ही जाता है.नखलऊ लखनऊ कैंट की सीट से, वही सीट जहां से श्री गर्दभ सिंह यादव खड़े होंगे, मुलायमसिंह यादव के छोटे बेटे की पत्नी अपर्णा यादव समाजवादी पार्टी के टिकट पर खड़ीहोंगी. और साथ ही कांग्रेस से पल्टी मार कर गयी हुईं रीता बहुगुणा जोशी भी उसी सीटसे चुनाव लड़ेंगी. चुनाव दिलचस्प होने वाला है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ेंअब ट्विटर पर लिख सकेंगे गधे पर निबंधनर्वसाते बहुत हैं? कॉन्फिडेंस कम है? किसी गधे का साथ कर लो