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बंगाल, असम से लेकर तमिलनाडु और केरल तक... इन हॉट सीटों पर है सबकी नजर

Assembly Election 2026: बंगाल, असम से लेकर केरल और तमिलनाडु तक इन खास दलों के दिग्गज नेता किस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें टक्कर देने के लिए सामने मैदान में कौन है? इस पर एक बार नजर डाल लेते हैं.

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30 मार्च 2026 (अपडेटेड: 30 मार्च 2026, 12:47 PM IST)
Assembly Election 2026
चुनाव आयोग ने चार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. (फाइल फोटो: आजतक)
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चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए बिगुल बज चुका है. केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. 9 अप्रैल 2026 से चुनाव का सिलसिला शुरू होगा और 4 मई को नतीजों के साथ इसका समापन हो जाएगा. इन राज्यों के चुनावी नतीजों से न सिर्फ इन सूबों का सियासी भविष्य तय होगा, बल्कि देश की दशा और दिशा भी तय होने वाली है.  

देश के इन राज्यों में एक बार फिर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी. बीजेपी की कोशिश दक्षिण भारत में अपना जनाधार बढ़ाने की होगी, जबकि कांग्रेस और क्षेत्रीय दल (जैसे DMK, TMC, CPM आदि) अपने मजबूत नेटवर्क पर भरोसा करेंगे. पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल ऐसे राज्य हैं, जहां बीजेपी अब तक सत्ता में नहीं आ सकी है, जबकि असम में तीसरी बार और पुडुचेरी में दूसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है. 

बंगाल, असम से लेकर केरल और तमिलनाडु तक इन खास दलों के दिग्गज नेता किस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें टक्कर देने के लिए सामने मैदान में कौन है? इस पर एक बार नजर डाल लेते हैं.

पश्चिम बंगाल

तृणमूल कांग्रेस (TMC) लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है. वाम मोर्चा और कांग्रेस का प्रभाव भले ही कम हो गया हो, लेकिन बंगाल की राजनीति एक बार फिर दो ध्रुवों के टकराव में तब्दील गई है. एक तरफ जहां ममता बनर्जी का ‘करिश्मा’ है. वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी का वो दांव है, जो ‘हिंदू एकता’ और एंटी इनकंबेंसी पर टिका है. 

बंगाल में मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा. TMC प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ रही हैं. उनका सीधा मुकाबला विपक्ष के नेता (BJP) सुवेंदु अधिकारी से होगा. सुवेंदु, भवानीपुर और नंदीग्राम से चुनाव मैदान में हैं. 

BJP के सीनियर नेता दिलीप घोष खड़गपुर सदर से उम्मीदवार हैं. वहीं, कांग्रेस ने भी 29 मार्च को बंगाल चुनाव के लिए 284 कैंडिडेट की पहली लिस्ट जारी की है. पार्टी मालदा से मौसम नूर और बहरामपुर से अधीर रंजन चौधरी को मैदान में उतार रही है.

ये भी पढ़ें: बंगाल चुनाव में कांग्रेस का 'एकला चलो', ममता की बढ़ी मुसीबत, इन सीटों पर बिगड़ेगा 'खेल'?

असम

असम में चुनाव से पहले ही बीजेपी और कांग्रेस की बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. बीजेपी ने दावा किया है कि कांग्रेस ‘विदेशी घुसपैठियों’ को पनाह देने के लिए जिम्मेदार रही है. इसके जवाब में, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP ने चुनावी फायदे के लिए भ्रष्टाचार और धार्मिक ध्रुवीकरण का सहारा लिया है. भूपेन कुमार बोरा और प्रद्युत बोरदोलोई जैसे कांग्रेस के सीनियर नेता, चुनाव से कुछ ही हफ्ते पहले ही BJP में शामिल हुए हैं. यह कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है.

यहां सभी 126 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा. बीजेपी नेता और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से चुनाव लड़ रहे हैं. भूपेन कुमार बोरा बिहपुरिया विधानसभा सीट से मैदान में उतरे हैं, जबकि प्रद्युत बोरदोलोई दिसपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. उधर, कांग्रेस के प्रमुख चेहरे गौरव गोगोई जोरहाट सीट से मैदान में हैं.

तमिलनाडु

तमिलनाडु की राजनीति पर लंबे समय से दो पार्टियों का दबदबा रहा है- द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK). 2021 से DMK राज्य में सत्ता में है और पार्टी के नेता एम.के. स्टालिन मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं.

DMK के नेतृत्व वाला गठबंधन लगातार दूसरी बार सरकार बनाने की कोशिश करेगा, जबकि AIADMK के नेतृत्व वाला गुट लगभग पांच साल बाद सत्ता में वापसी करना चाहता है. AIADMK ने BJP के साथ भी गठबंधन किया है और राज्य में NDA का नेतृत्व कर रही है. इस चुनाव में एक नई बनी पार्टी भी शामिल हो गई है, जिसका नेतृत्व लोकप्रिय फिल्म एक्टर विजय थलापति कर रहे हैं. उन्होंने 2024 में 'तमिलगा वेट्री कड़गम' (TVK) की शुरुआत की थी.

तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा. सीएम एम. के. स्टालिन कोलाथुर से और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन चेपक-थिरुवल्लिकेनी से चुनाव लड़ रहे हैं. अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी हैं. हालांकि वे यहीं से विधायक हैं. जबकि विजय थलापति दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे- पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट.

केरल

केरल की राजनीति में सत्ता लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच बदलती रही है. 2016 से LDF ने लगातार दो कार्यकाल पूरे किए हैं, जिसमें CPI(M) के पिनाराई विजयन मुख्यमंत्री रहे हैं. अगले कार्यकाल के लिए भी LDF और UDF के ही मुख्य दावेदार होने की उम्मीद है. NDA भी चुनाव लड़ रहा है, जो अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश करेगा.

केरल की 140 सीटों पर भी 9 अप्रैल को ही वोट डाले जाएंगे. पिनाराई विजयन (CPI(M)) अपनी मौजूदा सीट धर्मदम से चुनाव लड़ रहे हैं. विपक्ष के नेता (कांग्रेस) वी.डी. सतीशन परावुर सीट से मैदान में हैं. वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर तिरुवनंतपुरम की नेमोम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

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