The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Election
  • Assam powerful Congress MP Pradyut Bordoloi resigns humiliation alone will join bjp

असम से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने छोड़ी कांग्रेस, चुनाव से पहले पार्टी को बड़ी मुश्किल में डाला

Congress MP Pradyut Bordoloi Resigns: माना जाता है कि बोरदोलोई को कांग्रेस पार्टी संगठन की अच्छी समझ है. जमीनी स्तर पर जुड़ाव के लिए चर्चित बोरदोलोई ने ऊपरी असम में कांग्रेस को मजबूत किया है. उनका जाना पार्टी के लिए बड़ा नुकसान पैदा कर सकता है. आइए सब जानते हैं.

Advertisement
pic
18 मार्च 2026 (अपडेटेड: 24 मार्च 2026, 04:17 PM IST)
Congress Pradyut Bordoloi, Congress MP Pradyut Bordoloi, Pradyut Bordoloi, assam, assam congress, Pradyut Bordoloi resign
कांग्रेस से नाराज होकर नौगांव से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई (बाएं) ने पार्टी से इस्तीफा दिया. (ITG)
Quick AI Highlights
Click here to view more

असम में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. ऊपरी असम में मजबूत पकड़ रखने वाले नौगांव से कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. मंगलवार, 17 मार्च को बोरदोलोई ने अपना इस्तीफा ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खरेगा को भेज दिया है. कांग्रेस छोड़ने के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि बोरदोलोई भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं.

इस्तीफा सौंपने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने अपने दर्द को जाहिर किया. उन्होंने कहा कि वे जवानी से कांग्रेस की विचारधारा के साथ जुड़े हुए हैं. बोरदोलोई के अनुसार, इस मोड़ पर पार्टी को छोड़ना उनके लिए बहुत दखद है. असम के ऊपरी इलाके की सीटों पर प्रद्युत बोरदोलोई क बड़ा असर माना जाता है. मीडिया से बात करते हुए प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा,

"आज, मैंने अपनी जिंदगी के सबसे अहम सिद्धांत को छोड़ा, और मैं इससे खुश नहीं हूं.... हालांकि, मैंने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि कांग्रेस पार्टी के अंदर लगातार मेरे जो हालात रहे, खासकर असम कांग्रेस में, लगातार मुझे कई मुद्दों पर बेइज्जत किया जा रहा था. यहां तक कि कांग्रेस नेतृत्व भी मेरे प्रति हमदर्दी नहीं दिखा रहा था... मैं बहुत अकेला हो गया, क्योंकि मैं पूरी जिंदगी कांग्रेस से जुड़ा रहा हूं."

Pradyuman Bordoloi Resign
प्रद्युत बोरदोलोई का त्यागपत्र. (ITG)

कांग्रेस के साथ लंबे समय तक अपने जुड़ाव को याद करते हुए बोरदोलोई ने कहा,

"जब मैं 16 साल का था, तब मैंने NSUI जॉइन किया. मैं आगे बढ़ा. कांग्रेस पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया. आज मैं जो कुछ भी हूं, सिर्फ कांग्रेस पार्टी की वजह से हूं. लेकिन हाल के दिनों में मेरे लिए यहां टिके रहना बहुत मुश्किल हो गया था, इसलिए मुझे यह फैसला लेना पड़ रहा है. हां, मैंने यह इस्तीफा AICC प्रेसिडेंट को दे दिया है."

इंडिया टुडे से जुड़े पूर्ण बिकाश बोरा की रिपोर्ट के मुताबिक, बोरदोलोई के राजनीतिक भविष्य और कांग्रेस के लिए सामने आए इस संकट पर एक एनालिस्ट ने कहा,

"अगर बोरदोलोई आधिकारिक तौर पर BJP में शामिल होते हैं, तो इससे नौगांव और आस-पास के चुनाव क्षेत्रों में चुनावी माहौल बदल सकता है. कांग्रेस को अपने एक पुराने नेता के बिना अपना सपोर्ट बेस बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी."

माना जाता है कि बोरदोलोई को कांग्रेस पार्टी संगठन की अच्छी समझ है. जमीनी स्तर पर जुड़ाव के लिए जाने जाने वाले बोरदोलोई ने ऊपरी असम में कांग्रेस की मौजूदगी को मजबूत करने और पार्टी के युवा नेताओं को गाइड करने में अहम भूमिका निभाई है. बोरदोलोई के BJP का दामन थामने की आशंका पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा,

"मैं प्रद्युत बोरदोलोई के संपर्क में नहीं हूं. अगर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री (अमित शाह) से बात की होती, तो मुझे पता होता, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्होंने अभी तक किसी BJP नेता से बात की है... संभावना है कि प्रद्युत बोरदोलोई के साथ हमारा संपर्क बन सकता है. ऐसा नहीं कि संपर्क नहीं बन सकता."

असम कांग्रेस प्रेसिडेंट और सांसद गौरव गोगोई से भी प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे पर सवाल किया गया. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा मीडिया के जरिए हमारे सीनियर सांसद प्रद्युत बोरदोलोई की इमेज को राजनीतिक रूप से खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा,

"हमारे महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह और मैं अभी प्रद्युत बोरदोलोई से मिले हैं और आने वाले चुनावों के बारे में डिटेल में बात की है."

कांग्रेस महासचिव और असम इंचार्ज भंवर जितेंद्र ने बोरदोलोई के रिजाइन पर दावा किया कि बोरदोलोई कांग्रेस में हैं और कांग्रेस में ही रहेंगे. उन्होंने कहा कि कुछ छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं, लेकिन वे कांग्रेस के कोर पर्सन हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि बोरदोलोई हमेशा कांग्रेस में ही रहेंगे.

असम में 9 अप्रैल को एक ही फेज में विधानसभा चुनाव होंगे. नतीजे 4 मई को आएंगे. इसलिए, कांग्रेस और सत्ताधारी BJP समेत सभी पार्टियां आगामी चुनावों के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं. असम के लिए कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष प्रियंका गांधी वाड्रा भी चुनाव जिताऊ उम्मीदवारों की तलाश में लगी हुई हैं. उम्मीदवार चुनने को लेकर भी बोरदोलोई की पार्टी से नाराजगी मानी जा रही है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नौगांव से दो बार के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने आरोप लगाया है कि लेहरीघाट के कांग्रेस विधायक आसिफ नजर ने इमदादुल इस्लाम का साथ दिया, जिसने कथित तौर पर उन पर हमला किया था और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था.

बोरदोलोई ने AICC के असम प्रभारी जितेंद्र सिंह को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अपनी अनदेखी और अपमान की शिकायत की. बोरदोलोई के अनुसार, इमदादुल इस्लाम, विधायक आसिफ नजर के करीबी सहयोगी हैं, और जब उन्हें जमानत पर रिहा किया गया, तो नजर ने उनका 'हीरो जैसा स्वागत' किया.

बोरदोलोई ने आरोप लगाया कि हमले में इमदादुल इस्लाम की कथित भूमिका के बारे में गौरव गोगोई को जानकारी देने के बावजूद, असम कांग्रेस अध्यक्ष ने जिले में एक समारोह में इमदादुल इस्लाम और आसिफ नजर के साथ स्टेज शेयर किया.

बोरदोलोई ने आरोप लगाया कि स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य और सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के सामने गौरव गोगोई ने आसिफ नजर और उनके अपमान को लेकर चुप्पी साधे रखी. बोरदोलोई ने पूरे मामले में पार्टी नेतृत्व की अनदेखी की शिकायत की. हाल ही में बोरदोलोई का जाना कांग्रेस के लिए दूसरा बड़ा झटका है. करीब एक महीना पहले असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कांग्रेस छोड़कर BJP का दामन थामा.

वीडियो: पीएम मोदी की एक सरकारी टीचर ने नकल उतारी, क्या एक्शन हुआ?

Advertisement

Advertisement

()