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बंगाल चुनाव में अखिलेश यादव की एंट्री, BJP और ममता बनर्जी दोनों पर बड़े दावे कर दिए

पश्चिम बंगाल चुनाव में अखिलेश यादव की भी जबानी एंट्री हो गई है. उन्होंने राज्य में बड़ी संख्या में अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है. सपा प्रमुख ने राज्य में बीजेपी के हार की भविष्यवाणी भी है.

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30 मार्च 2026 (अपडेटेड: 30 मार्च 2026, 11:01 PM IST)
Akhilesh yadav mamata banerjee bengal bjp tmc
अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की जीत की भविष्यवाणी की है. (फाइल फोटो, इंडिया टुडे)
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पश्चिम बंगाल में चल रही चुनावी हलचल का असर उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी दिखने लगा है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बंगाल में बड़ी संख्या में अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर बीजेपी को निशाने पर लिया है. उन्होंने बीजेपी के ‘हार की भविष्यवाणी’ की और ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि बंगाल में ‘दीदी हैं और दीदी रहेंगी’.

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक अखबार की कटिंग लगाई. इसमें पश्चिम बंगाल में 173 पुलिस अधिकारी और 83 बीडीओ के ट्रांसफर की हेडिंग है. इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने बीजेपी को निशाने पर लिया.

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज करते हुए तीन हिस्सों में अपनी बात रखी. पहले हिस्से में उन्होंने साफ-साफ कहा कि बीजेपी बंगाल में बुरी तरह से हार रही है. दूसरे हिस्से में उन्होंने बीजेपी पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए लिखा, 

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की स्थिति दिन-पर-दिन बद से बदतर होती जा रही है. ऐसा पहली बार देखा जा रहा है कि भाजपा सम्मानजनक हार के लिए अपनी व्यवस्था कर रही है. यही इस चुनाव की विशिष्टता है. ये तबादले नहीं, चुनावी हेराफेरी है.

अपने पोस्ट के तीसरे हिस्से में सपा प्रमुख ने निष्कर्ष निकालते हुए लिखा, 

भाजपा जिस बड़ी संख्या में बंगाल में पुलिस अधिकारियों और बीडीओ को बदल रही है, उससे ये बात साबित होती है कि बंगाल में भाजपा का मुंह मीठा नहीं होगा. दीदी हैं, दीदी रहेंगी!

ये पहला मौका नहीं है, जब अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश में हुए SIR के दौरान आयोग पर गड़बड़ी करने के सवाल उठाए थे. 

वहीं चुनाव के दौरान अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग के खिलाफ भी वो मुखर रहे हैं. उनका आरोप है कि चुनाव आयोग केवल विपक्षी शासन वाले राज्यों में ही अधिकारियों का ट्रांसफर करता है. जबकि बीजेपी शासित राज्यों में विपक्ष की शिकायतों को अनसुना कर दिया जाता है. अखिलेश यादव के राज्य उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनाव होने हैं. 

वीडियो: राजधानी: क्या पश्चिम बंगाल में ओवैसी की एंट्री से ममता बनर्जी का मुस्लिम वोट बैंक घट जाएगा?

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