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शिक्षक भर्ती घोटाला: बंगाल के शिक्षा मंत्री की बेटी अंकिता पर अब क्या गाज गिरने वाली है?

पहले हाई कोर्ट ने अंकिता को नौकरी से निकालने का आदेश दिया था.

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23 मई 2022 (अपडेटेड: 27 मई 2022, 09:45 PM IST)
भर्ती घोटाले में मंत्री की बेटी को बर्खास्त करने का आदेश (तस्वीर- आजतक)
भर्ती घोटाले में मंत्री की बेटी को बर्खास्त करने का आदेश (तस्वीर- आजतक)
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शिक्षक भर्ती घोटाला एक बार फिर से सुर्खियों में है. बीते हफ्ते इस मामले में सुनवाई करते हुए कोलकाता हाई कोर्ट ने बंगाल के शिक्षा मंत्री परेश चंद्र अधिकारी की बेटी अंकिता अधिकारी को नौकरी से निकालने का आदेश दिया था. बतौर शिक्षक अंकिता की नियुक्ति को रद्द करने के अलावा हाई कोर्ट ने उन्हें ये आदेश भी दिया कि वो अपनी तनख्वाह दो किस्तों में लौटाएं. सीबीआई ने इस मामले में अंकिता अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है.

क्या है पूरा मामला?

अंकिता अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पिता की पोजिशन का फायदा उठाते हुए स्कूल सर्विस कमीशन की मेधा तालिका में अपना नाम चढ़ाया और इसके बूते स्कूल की सरकारी नौकरी हासिल की. इस सिलसिले में कलकत्ता हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी. ये याचिका बबीता नाम की महिला ने दाखिल की थी. खबरों के मुताबिक बबीता वही महिला हैं जिनकी जगह अंकिता अधिकारी को नौकरी दे दी गई. बबीता का दावा है कि उन्होंने परीक्षा में अंकिता से ज्यादा अंक प्राप्त किए थे. इसके बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिल पाई.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक याचिकाकर्ता के वकील फिरदौर शमीम का कहना है कि उनकी मुवक्किल ने भर्ती परीक्षा में 77 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे. वहीं अंकिता को 61 फीसदी अंक मिले थे, फिर भी नौकरी मंत्री की बेटी को दी गई. आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक,

"राष्ट्र विज्ञान में शिक्षक भर्ती की पहली तालिका में बबीता का नाम था, लेकिन दूसरी लिस्ट में अंकिता का नाम पहले नंबर पर आ गया. इसी के बूते कूचबिहार के स्कूल में अंकिता को नौकरी मिल गई."

बाद में मामला हाई कोर्ट पहुंचा और परीक्षा में धांधली के आरोप में उसने शिक्षा मंत्री परेश अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए. और मंत्री पद से हटने की सलाह भी दी थी. हालांकि मंत्री को हटाने का कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया. कोर्ट ने साफ किया है कि ये निर्देश मामले की निष्पक्ष जांच के लिए दिया गया है.

इस मामले में मंत्री परेश अधिकारी से लगातार पूछताछ की जा रही है. सीबीआई अब तक उनसे तीन बार पूछताछ कर चुकी है. इस पूरी पूछताछ की वीडियोग्राफी भी की गई है. मीडिया रिपोर्टों में सीबीआई सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी इस हफ्ते अंकिता अधिकारी को भी पूछताछ के लिए बुला सकते हैं.

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