The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Education
  • UPSC Results 2022 Suraj Tiwari who lost legs in train accident cracked civil services exam

ट्रेन हादसे में हाथ-पैर कट गए, अब UPSC रिजल्ट देख दुनिया सूरज को सलाम ठोक रही

UPSC 2022 के परिणामों की घोषणा के बाद कई उम्मीदवारों के संघर्ष की कहानियां चर्चा में हैं. लेकिन मैनपुरी के सूरज तिवारी की मिसाल मिलना मुश्किल है.

Advertisement
Suraj Tiwari who lost his legs in accident clears UPSC Civil Services
सूरज तिवारी की हादसे से पहले और हादसे के बाद की फोटो. (आजतक/पुष्पेंद्र सिंह)
pic
पुनीत त्रिपाठी
24 मई 2023 (अपडेटेड: 24 मई 2023, 09:16 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने मंगलवार, 23 मई को सिविल सर्विस परीक्षा 2022 के परिणामों की घोषणा की. इस बार 933 ऐस्पिरेंट ने ये एग्जाम क्रैक करने में कामयाबी हासिल की है. इनमें से कई उम्मीदवारों के संघर्ष की कहानियां बीते 24 घंटों से चर्चा में हैं. लेकिन मैनपुरी के सूरज तिवारी की मिसाल मिलना मुश्किल है. UPSC 2022 की परीक्षा में भले उनकी रैंक 917 आई है, लेकिन जिस हालत और हालात में उन्होंने पढ़ाई कर ये मुकाम हासिल किया है वो अपनेआप में अविश्वसनीय है.

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले सूरज तिवारी के दोनों पैर नहीं हैं. एक हाथ भी नहीं है. और दूसरे हाथ में सिर्फ 3 उंगलियां हैं. 6 साल पहले एक हादसे में उन्होंने शरीर के ये बेहद जरूरी अंग खो दिए. ये जानने के बाद सूरज की कामयाबी ने हर किसी के होश उड़ा रखे हैं. लेकिन कहानी अभी शुरू हुई है.

सूरज तिवारी - 917 रैंक

बात 2017 की है. एक ट्रेन हादसे में सूरज को गंभीर चोटें आई थीं. इतनी कि उन्हें अपने दोनों पैर, एक हाथ गंवाना पड़ा. जो दूसरा हाथ बचा, उसकी भी दो उंगलियां कट गईं.

इस हादसे ने वैसे ही सूरज और उनके परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया था. लेकिन अभी एक और गाज गिरने वाली थी. कुछ ही समय बाद सूरज के एक भाई की मौत हो गई. इससे घर की माली हालत और खराब हो गई. सूरज के पिता राजेश तिवारी टेलर मास्टर हैं. मैनपुरी के कुरावली गांव में एक छोटी सिलाई की दुकान चलाते हैं. एक बेटे के हादसे में हाथ-पैर चले गए. दूसरा बेटे की मौत हो गई. इसके बाद राजेश तिवारी की भी मानसिक हालत का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है.

लेकिन सूरज ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने UPSC की परीक्षा देने का इरादा किया. इसके लिए पूरी शिद्दत से तैयारी की. आजतक से जुड़े पुष्पेंद्र सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक सूरज हर दिन 18 से 20 घंटे पढ़ाई करते थे. परीक्षा के लिए कोचिंग की फीस देना उनके लिए संभव नहीं था. यानी उन्होंने बिना किसी कोचिंग या एक्सट्रा क्लास के ये कारनामा कर दिखाया है. पढ़ाई के लिए उन्हें सरकार से जरूर मदद मिली.

आजतक से बात करते हुए सूरज के पिता राजेश कहते हैं,

Embed

राजेश तिवारी ने बताया कि परिणाम जारी होने के बाद सूरज से मिलने एसडीएम समेत कई लोग आए. बेटे के एक्सीडेंट के बाद उन्होंने नहीं सोचा था कि कभी ऐसा कुछ होगा. उन्होंने कहा,

Embed

आजतक ने सूरज की मां आशा तिवारी से भी बात की. उन्होंने कहा,

Embed

सूरज तिवारी ने 12वीं के बाद बीएससी की पढ़ाई शुरू की थी. उसी दौरान जनवरी 2017 में गाजियाबाद में उनके साथ ट्रेन हादसा हुआ. लेकिन सूरज ने पढ़ने के अपने जज्बे को जिंदा रखा. 2021 में उन्होंने दिल्ली के जेएनयू से बीए किया. फिर बाद में एमए की भी डिग्री ली. इसी दौरान उन्होंने UPSC परीक्षा की तैयारी भी की थी.

वीडियो: UPSC की 3rd टॉपर उमा हराथी की ये बात सबको सुननी चाहिए

Advertisement

Advertisement

()