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गरीबी ऐसी कि टीचर भरते थे फीस, विशाल ने पहली बार में ही UPSC क्लियर कर दिखाया!

मुजफ्फरपुर के विशाल ने पहले ही अटेम्प्ट में लोक सेवा आयोग यानी UPSC में 484वी रैंक हासिल की है.

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1 जून 2022 (अपडेटेड: 1 जून 2022, 10:55 PM IST)
vishal with her family and teacher
परिवार और टीचर गौरी शंकर के साथ विशाल (तस्वीर- आजतक)
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कहते हैं कि अगर कुछ करने का जज्बा हो, तो तमाम मुश्किलों के बाद भी मंजिल आपके कदम चूमती है. ऐसा ही कुछ मुजफ्फरपुर के विशाल कुमार ने कर दिखाया है. विशाल ने पहले ही अटेम्प्ट में लोक सेवा आयोग यानी UPSC में 484वी रैंक हासिल की है. विशाल ने गरीबी से जूझते हुए हार नहीं मानी और अपने पिता के सपने को पूरा किया है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और अपने शिक्षक को दिया है.   

आजतक की खबर के मुताबिक विशाल मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड में आने वाले मकसूदपुर गांव के रहने वाले हैं. वह एक बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं. विशाल के पिता मजदूरी किया करते थे, जिससे घर का गुजर बसर होता था. साल 2008 में उनकी मौत हो गई. 

पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां ने संभाली. मां रीना देवी ने बकरी और भैंस पालकर परिवार का भरण पोषण किया. इस दौरान विशाल की मां को काफी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा. लेकिन उन्होंने कभी भी विशाल को इस बात का एहसास नहीं होने दिया कि उसके पिता इस दुनिया में नहीं हैं.

विशाल ने आजतक से बात करते हुए अपने संघर्ष के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि परिवार में पैसों की कमी की वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. लेकिन इसके बावजूद भी कभी हिम्मत नहीं हारी. विशाल ने अपने टीचर को सफलता का श्रेय देते हुए कहा,   

‘पढ़ाई के दौरान पैसों की किल्लत होती थी. तब टीचर गौरी शंकर ने काफी मदद की. मेरी फीस तक उन्होंने दी है. जब मैं नौकरी करने लगा था तो उन्होंने ही मुझे नौकरी छोड़ UPSC की तैयारी करने को कहा. उस दौरान भी उन्होंने मेरी आर्थिक रूप से काफी मदद की.’

टीचर गौरी शंकर ने विशाल की उपलब्धि पर खुशी जताई. उन्होंने आजतक से बात करते हुए विशाल की तारीफ की. टीचर ने कहा, 

विशाल पढ़ने में शुरू से ही काफी होशियार था. लेकिन जब उसके पिता की 2008 में मौत हो गई तो वही उसकी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ. विशाल ने तभी से और ज्यादा मेहनत करनी शुरू की और आज उसने UPSC क्लियर कर ही लिया.

विशाल बचपन से पढ़ाई में काफी अच्छे थे. वे साल 2011 मैट्रिक टॉपर थे. जिसके बाद उन्होंने साल 2013 में IIT कानपुर में एडमिशन लिया और यहां से बीटेक किया. साल 2017 में पास आउट होने के बाद एक साल रिलायंस कंपनी में जॉब की. 

जॉब के दौरान ही टीचर गौरी शंकर ने उन्हें नौकरी छोड़ UPSC की तैयारी करने के सलाह दी थी. इसके बाद विशाल ने UPSC की तैयारी की और आज अपनी मंजिल पा ली. दरअसल, विशाल के पिता हमेशा कहते थे कि मेरा विशाल पढ़ लिख कर एक दिन बड़ा आदमी बनेगा. इसी बात को विशाल ने आज सच कर दिखाया है.

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