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Paper Leak: गुजरात की 'ब्लैक लिस्टेड' कंपनी को केंद्र सरकार से परीक्षा कराने का ठेका मिला है

EduTest और Confishake दोनों कंपनी का मालिक एक ही है- Vinit Arya. Bihar और UP से ब्लैक लिस्ट होने के बाद कॉन्फिसेक का नाम बदलकर एडुटेस्ट रख दिया गया.

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2 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 4 जुलाई 2024, 01:16 PM IST)
Paper Leak Cases
EduTest को बिहार में UP में ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है. (सांकेतिक तस्वीर: इंडिया टुडे)
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EduTest नाम की एक कंपनी को बिहार और उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्व सरकारी परीक्षाओं की जिम्मेदारी दी गई थी. इन परीक्षाओं में पेपर लीक का मामला सामने आया. दोनों राज्यों ने इस कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया. EduTest गुजरात की कंपनी है. इस कंपनी के मालिक विनीत आर्य को बिहार पुलिस ने पेपर लीक मामले में गिरफ्तार भी किया था. विनीत फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. ब्लैक लिस्ट होने और देशभर में पेपर लीक के कई मामलों के बावजूद, इस कंपनी को केंद्र सरकार ने परीक्षा कराने का ठेका दिया है. पूरा मामला विस्तार से समझते हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एडुटेस्ट अगले सप्ताह PM मोदी की अध्यक्षता वाली वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) में अनुभाग अधिकारी (SO) और सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) के पदों के लिए परीक्षा आयोजित कर रही है. इसके लिए कंपनी को केंद्र सरकार से करीब 8 करोड़ा का ठेका मिला है. इस कंपनी का पूरा नाम है- एडुटेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड.

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BPSC Paper Leak

साल 2016-17 में बिहार में BSSC का पेपर लीक हुआ. इस परीक्षा को कॉन्फिसेक प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी ने आयोजित कराई थी. बिहार पुलिस ने कंपनी के मालिक विनीत आर्य को गिरफ्तार कर लिया. पटना हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने अक्टूबर 2023 में इस कंपनी को 3 सालों के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया.

कंपनी एक ‘लीक’ अनेक

थोड़ी देर पहले हमने EduTest कंपनी के मालिक का नाम भी विनीत आर्य ही बताया था. ऐसा इसलिए क्योंकि जब बिहार सरकार ने कॉन्फिसेक को ब्लैक लिस्ट कर दिया तो इसी कंपनी ने अपना नाम बदलकर EduTest कर लिया. इस तरह कंपनी ने ब्लैक लिस्ट होने की दिक्कत को तोड़ निकाल लिया. इंडिया टुडे से जुड़े रजत कुमार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एडुटेस्ट नाम की कंपनी का रजिस्ट्रेशन 1 जुलाई 2017 को कराया गया. यानी BSSC पेपर लीक के ठीक बाद.

UP Police Paper Leak

इसके बाद 2023 में इस कंपनी को उत्तर प्रदेश में दो परीक्षाओं को कराने का ठेका मिला. ये दोनों परीक्षा इस साल फरवरी में हुई- आरएमएल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ के लिए नर्सों की भर्ती परीक्षा और UP पुलिस भर्ती परीक्षा. नर्स भर्ती परीक्षा में तकनीक गड़बड़ी की शिकायत मिली. इसके बाद कई अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी. पुलिस भर्ती परीक्षा को तो रद्द ही करना पड़ा.

UP पुलिस पेपर लीक के जांच की जिम्मेवारी UPSTF को मिली. साथ ही UP पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने EduTest को ब्लैक लिस्ट कर दिया है. अहमदाबाद में इस कंपनी का एक गोदाम है. STF ने दावा किया कि इसी गोदाम से पेपर लीक हुआ था. कंपनी के मालिक विनीत आर्य को चार नोटिस भेजा गया. लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. बाद में पता चला कि वो अमेरिका चला गया.

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