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ऑपरेशन सिंदूर को स्कूल की किताबों में पढ़ेंगे बच्चे, बताया गया क्यों हुआ पहलगाम अटैक

Operation Sindoor in NCERT syllabus: 2019 में निरस्त किए गए आर्टिकल-370 का भी जिक्र है. कहा गया कि आर्टिकल-370 को हटाए जाने के बाद कश्मीर में विकास हुआ. घाटी में शांति थी. लेकिन ये सब पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को नागवार गुजरा.

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20 अगस्त 2025 (पब्लिश्ड: 10:35 AM IST)
NCERT New Module On Operation Sindoor
पूरे ऑपरेशन की विस्तार से दी गई है जानकारी. (प्रतीकात्मक फोटो)
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NCERT की ओर से Operation Sindoor को लेकर दो स्पेशल मॉड्यूल जारी किए गए हैं. इनमें ऑपरेशन के बारे में विस्तार से बताया गया है. कहा गया है कि यह ऑपरेशन सिर्फ एक सैन्य जवाब नहीं था, बल्कि यह भारत की तकनीकी ताकत और राजनीतिक संकल्प का भी प्रतीक है. इस मॉड्यूल को क्लास 3 से लेकर 12वीं तक के छात्रों के सप्लीमेंट्री मैटेरियल के तौर पर शामिल किया जाएगा.

NCERT ने मुख्यतौर पर दो मॉड्यूल जारी किए हैं. एक प्रारंभिक जो कक्षा 3 से 8वीं के लिए होगा और दूसरा माध्यमिक चरण जो कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए होगा. यह मॉड्यूल संवाद बेस्ड है, यानी टीचर्स और छात्र के बीच बातचीत के माध्यम से ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी गई है. इसमें बताया गया है कि आजादी के बाद से पाकिस्तान ने युद्ध और आतंकवाद के जरिए भारत की शांति भंग करने की कोशिश की है.

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प्रारंभिक चरण.

मॉड्यूल में 2019 में निरस्त किए गए आर्टिकल-370 का भी जिक्र है. कहा गया कि आर्टिकल-370 को हटाए जाने के बाद कश्मीर में विकास हुआ. रेलवे नेटवर्क का भी विकास हुआ. भारी संख्या में टूरिस्ट कश्मीर आ रहे थे. घाटी में शांति थी. लेकिन ये सब पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को नागवार गुजरा और इसलिए ही पाकिस्तान ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकवादी हमले को अंजाम दिया. इसमें 26 लोगों की जान चली गई.

पहलगाम हमले के बारे में मॉड्यूल में कहा गया है कि TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने पहले जिम्मेदारी ली. लेकिन चार दिन बाद इनकार कर दिया. लेकिन भारतीय जांच एजेंसी NIA ने ठोस सबूतों के आधार पर बताया कि हमले के पीछे TRF ही था. भारतीय एजेंसियों ने पाया कि यह हमला पाकिस्तान की ISI और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की सोची-समझी साजिश थी. इसका सीधा आदेश पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने दिया था.

NCERT
 माध्यमिक चरण.

मॉड्यूल के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर इसी कायरतापूर्ण हमले का कड़ा और स्पष्ट जवाब था. यह साफ संदेश था कि जिसने दुनिया को बताया कि भारत अपने लोगों और मूल्यों की रक्षा करेगा. इस ऑपरेशन ने भारतीय सशस्त्र बलों में विश्वास बहाल किया और नागरिकों को भरोसा दिलाया कि न्याय में देरी नहीं होगी. मॉड्यूल में बताया गया है कि इस ऑपरेशन का नाम ‘सिंदूर’ रखा गया ताकि शहीद सैनिकों की पत्नियों के त्याग और दर्द को सलाम किया जा सके. 

मॉड्यूल में यह भी बताया गया कि कैसे तीनों सेनाओं ने आतंकी ठिकानों को चुना, हमलों के लिए सही हथियारों का चुनाव, हमले की तारीख और समय तय किया गया. यह भी बताया गया है कि जिन 9 ठिकानों पर हमला किया गया, वे सीधे तौर पर भारत के लिए खतरा थे. मॉड्यूल में कहा गया कि पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर सीजफायर का उल्लंघन किया और हमारे ठिकानों, रसद केंद्रों, चौकियों और सेना मुख्यालयों पर हमला करके संघर्ष को बढ़ाया. 

वीडियो: लाल किले से पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर क्या कहा?

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