CUET PG 2022: JNU VC ने कहा- MCQ से मास्टर्स में एडमिशन का कोई तुक नहीं, बदलाव हो
JNU VC ने सरकार से CUET PG एग्जाम पैटर्न में बदलाव की अपील की है. उन्होंने कहा कि मास्टर कोर्स में एडमिशन के लिए MCQ के सवालों का कोई तुक नहीं बनता है.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की VC शांतिश्री धुलिपुडी पंडित ने CUET PG के एग्जाम पैटर्न पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से CUET PG 2022 एग्जाम पैटर्न बदलने की अपील की है. इंडियन एक्सप्रेस के एक प्रोग्राम में उन्होंने कहा कि बहुविकल्पिय सवालों के जरिए मास्टर्स में एडमिशन का कोई तुक नहीं बनता है.

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए JNU VC ने कहा कि -
विश्वविद्यालय में एडमिशन CUET एग्जाम के जरिए कराए जाने का फैसला यहां के पिछले प्रशासन ने लिया था. यदि मैं होती तो मैं इस मुद्दे पर लिखित में अपील करती. ब्यूरोक्रेट्स इस बात को नहीं समझ रहे इसलिए ये बात हम सरकार से कह रहे हैं.
CUET PG Exam Pattern में बदलाव की मांग करते हुए JNU की VC ने कहा-
हम सिस्टम के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन ये तरीका छात्रों और विश्वविद्दालय दोनों के लिहाज से ठीक नहीं है. CUET PG एग्जाम में MCQ (Multiple Choice Questions) पूछे जाएंगे. पर इससे छात्रों की समझने और सीखने की क्षमता का सही आकलन नहीं हो पाएगा. ऐसे में छात्रों के सीखने की क्षमता का पता लगाना काफी मुश्किल होगा. इसलिए पेपर में सब्जेक्टिव सवाल होने जरूरी है.
देश में इस साल से UG और PG कोर्सेज में एडमिशन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया गया है. CUET UG के जरिए देश के सभी UG कोर्सेज में CUET PG के जरिए सभी PG कोर्सेज में एडमिशन की व्यवस्था की गई है. CUET PG की परीक्षा 1 सितंबर 2022 से शुरू होगी. इससे पहले सभी यूनिवर्सिटी अपने-अपने स्तर पर अलग-अलग एंट्रेंस एग्जाम कराती थीं. जिसमें यूनिवर्सिटी में ऑफर किए जाने वाले कोर्सेज के हिसाब से एग्जाम पैटर्न होता था. मास्टर्स में एडमिशन के लिए JNU भी अलग एग्जाम कराता था. जिसमें ऑब्जेक्टिव टाइप, सब्जेक्टिव टाइप और शॉर्ट आंसर टाइप सवाल पूछे जाते थे.
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