असम सरकार ने बंद किए 34 स्कूल, 10वीं में फेल हो गए थे सारे बच्चे
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्कूल बंद करने के फैसले को गलत बताया तो असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पूछा, दिल्ली सरकार ने कितने स्कूल पिछले 7 साल में शुरू किए?

असम सरकार ने 34 ऐसे स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है जहां से इस साल यानी 2022 की हाईस्कूल लीविंग सर्टिफिकेट परीक्षा में एक भी छात्र पास नहीं हुआ यानी स्कूल का रिजल्ट ज़ीरो रहा. राज्य सरकार ने इन स्कूलों को बंद करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है. इससे पहले जून 2022 में राज्य माध्यमिक शिक्षा विभाग ने दसवीं की परीक्षा में खराब परिणाम के लिए 102 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. इसमें ज़ीरो रिजल्ट के अलावा 10 प्रतिशत से कम रिजल्ट देने वाले स्कूल भी शामिल थे.
राज्य सरकार ने जिन स्कूलों को बंद किया है उनमें से 7 स्कूल कार्बी आंगलांग जिले से, 5 स्कूल जोरहाट से और 5 कछार से, 2-2 स्कूल धुबरी, गोलपारा, लखीमपुर और नागांव से, जबकि 1-1 स्कूल गोलाघाट, कामरूप, कोकराझार, नलबाड़ी, हैलाकांडी, पश्चिम कार्बी आंगलोंग चिरांग, दरांग और डिब्रूगढ़ जिलों से है.
केजरीवाल ने असम सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
असम सरकार के इस फैसले को आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गलत बताया है. उन्होंने कहा ट्वीट कर लिखा,
स्कूल बंद करना समाधान नहीं है हमें तो अभी पूरे देश में ढेरों नए स्कूल खोलने की ज़रूरत है स्कूल बंद करने की बजाय स्कूल को सुधार कर पढ़ाई ठीक कीजिए.
अरविंद केजरीवाल के सवाल पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की ओर से जवाब आया. हिमंता बिस्वा सरमा ने केजरीवाल के ट्वीट को क़ोट करते हुए लिखा,
पहले बंद हो चुके हैं 1 हजार से अधिक स्कूलडियर अरविंद केजरीवाल जी, आपने हमेशा की तरह बिना होमवर्क किए टिप्पणी कर दी. जब मैं शिक्षा मंत्री था तब से लेकर आज तक असम सरकार ने 8610 स्कूल स्थापित/अधिग्रहित किए. इसका विवरण नीचे दिया गया है. दिल्ली सरकार ने कितने स्कूल पिछले 7 साल में शुरू किए?
ऐसा पहली बार नहीं है कि असम सरकार ने इस तरह स्कूल बंद करने का फैसला लिया हो. इससे पहले सरकार की तरफ से 1 हजार से ज्यादा स्कूल बंद किए जा चुके हैं. आजतक की खबर के मुताबिक असम सरकार, छात्रों की कमी और बेहद खराब रिजल्ट की वजह से 1 हजार से अधिक प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को बंद कर चुकी है. इसके अलावा शिक्षा विभाग ने जिला व अंचल स्तर पर ऐसे स्कूलों की लिस्ट मंगाई है जिनमें 30 से कम छात्र हैं. ऐसे स्कूलों को लेकर राज्य सरकार लगातार कड़ा रूख अपनाए हुए है. राज्य सरकार, कामरूप जिले के 16 स्कूलों को पहले ही बंद कर चुकी है, जहां 30 से कम छात्र थे. इन स्कूलों के छात्रों को अगल-बगल के जिलों के स्कूलों में समायोजित किया गया है.
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