इन शहरों में नौकरी करते हैं तो ज्यादा HRA टैक्स छूट मिलेगी?
HRA को अंग्रेजी में House Rent Allowance कहते हैं. यह आपकी सैलरी का वो हिस्सा होता है जो कंपनी आपको घर का किराया देने के लिए देती है. अगर आप किराए के घर में रहते हैं, तो इस पर टैक्स में छूट मिल सकती है.
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देश के नौकरीपेशा वर्ग को जल्द ही बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. केंद्र सरकार हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में मिलने वाली छूट का दायरा बढ़ा सकती है. यह छूट पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत मिल सकती है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है.
क्या होता है HRA?HRA को अंग्रेजी में House Rent Allowance कहते हैं. यह आपकी सैलरी का वो हिस्सा होता है जो कंपनी आपको घर का किराया देने के लिए देती है. अगर आप किराए के घर में रहते हैं, तो इस पर टैक्स में छूट मिल सकती है.
टैक्स में HRA का क्या फायदा होता है?HRA का कुछ हिस्सा टैक्स-फ्री हो जाता है. इससे आपकी टैक्सेबल इनकम कम हो जाती है.
अभी HRA को लेकर क्या नियम हैं?फिलहाल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े मेट्रो शहरों में रहने वालों को 50% HRA छूट मिलती है. बाकी शहरों के टैक्सपेयर्स को 40% तक की छूट मिलती है.
किन शहरों में मिल सकती है 50% HRA छूट?इस रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार कुछ नए शहरों को 50% HRA छूट के दायरे में में जोड़ सकती है. इस प्रस्ताव में अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे समेत कई दूसरे शहरों को भी शामिल किया जा सकता है. बाकी शहरों के लिए 40% HRA छूट का नियम जारी रहेगा.
सरकार यह बदलाव क्यों करना चाहती है?तेजी से बदलती आबादी को ध्यान में रखते हुए सरकार HRA नियमों को अपडेट करना चाहती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पुणे, हैदराबाद जैसे बड़े आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप वाले क्षेत्रों में सैलरीज बढ़ रही हैं. साथ ही इन शहरों में घरों का किराया भी खूब बढ़ा है. शेयर इंडिया फिनकैप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अगम गुप्ता के मुताबिक सरकार की तरफ से अप्रूव्ड मौजूदा मेट्रो शहरों की सूची 1990 के दशक से अपडेट नहीं हुई है.
आप HRA क्लेम कब कर सकते हैं?सैलरी पाने वाले लोगों के लिए HRA पर टैक्स छूट मिलती है. यह छूट इनकम टैक्स कानून की धारा 10(13A) के तहत दी जाती है.
HRA क्लेम करते समय किन बातों का रखें ध्यान?HRA आपकी सैलरी का एक अहम हिस्सा है. इसे सही तरीके से क्लेम करने से टैक्स में बचत हो सकती है. HRA क्लेम करते समय कुछ मुख्य बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
- आपके पास मकान मालिक के साथ साइन किया रेंट एग्रीमेंट हो.
-आप मकान मालिक का स्थायी खाता नंबर ( पैन ) मांग सकते हैं.
-किराया नकद में नहीं, बल्कि बैंक ट्रांसफर के माध्यम से ही भुगतान करें.
-किराया देते समय हमेशा अपने मकान मालिक से किराया रसीद प्राप्त करना न भूलें.
-धारा 194IB के अनुसार टीडीएस काटा जाना चाहिए, जो 50,000 रुपये हर महीने से अधिक किराया होने पर लागू होती है. टीडीएस की दर 2% है.
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