क्या आप भी करोड़पति बनने के लिए SIP भरते हैं? ये 5 झूठ जान लें तो अच्छा है
कई लोग SIP निवेश करने से पहले यह नहीं समझते कि अगर बीच में बाजार गिरता है, तो कई सालों तक रिटर्न कम रह सकता है. वहीं, महंगाई भी आपकी असली कमाई को धीरे-धीरे कम कर देती है. इसके अलावा गलत फंड चुनना, ज्यादा एक्सपेंस रेशियो या बार-बार SIP रोकना. ये सब आपके अंतिम रिटर्न को काफी प्रभावित करते हैं.

आजकल SIP यानी Systematic Investment Plan को इस तरह पेश किया जाता है मानो यह अमीर बनने का 'पक्का फार्मूला' हो. कई बार तो इसके प्रचार में हद ही हो जाती है. जैसे 500 रुपये लगाओ और करोड़पति बन जाओ, लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है. SIP कोई जादू नहीं, बल्कि सिर्फ एक इन्वेस्टमेंट का नियमित तरीका है. इसकी मदद से लंबे समय में ठीकठाक पैसा जुटाया जा सकता है, लेकिन इसका रिटर्न पूरी तरह बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है.
कई लोग SIP निवेश करने से पहले यह नहीं समझते कि अगर बीच में बाजार गिरता है, तो कई सालों तक रिटर्न कम रह सकता है. वहीं, महंगाई भी आपकी असली कमाई को धीरे-धीरे कम कर देती है. इसके अलावा गलत फंड चुनना, ज्यादा एक्सपेंस रेशियो या बार-बार SIP रोकना. ये सब आपके अंतिम रिटर्न को काफी प्रभावित करते हैं.
लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि SIP खराब है, लेकिन इसके बारे में जो सपना दिखाया जाता है, वह अक्सर अधूरा सच होता है. आइए समझते हैं SIP से जुड़े 5 बड़े झूठ या मिथक.
SIP में निवेश से नुकसान नहीं होताSIP में निवेश करने वाले ज्यादातर लोगों को लगता है कि SIP निवेशकों को कभी नुकसान नहीं हो सकता. ये बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की तरह है. जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. हालांकि ये बात सही है कि इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने का सबसे अच्छा तरीका सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान है, क्योंकि इससे जोखिम कम होता है और निवेश लागत औसत हो जाती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि SIP निवेशकों को नुकसान नहीं होता. अगर मार्केट लंबे समय तक गिरा रहे, तो आपके निवेश की वैल्यू घट सकती है. खासतौर पर शॉर्ट टर्म में तो कई बार तगड़ा नुकसान हो जाता है.
SIP में हमेशा 'हाई रिटर्न' मिलता हैकई निवेशक यह मानकर चलते हैं कि SIP शुरू करने के बाद उन्हें शुरुआत से ही अच्छा रिटर्न मिलेगा. पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पोस्ट और वित्तीय सलाहकारों की तरफ से SIP के जरिए रातोरात करोड़पति बनने के फर्जी दावों की बाढ़ देखने को मिल रही है. जबकि ये दावा हकीकत से कोसों दूर है.
निवेश सलाहकार विनोद रावल लल्लनटॉप से कहते हैं, “किसी भी म्यूचुअल फंड स्कीम में SIP के जरिये या एकमुश्त निवेश पर रिटर्न की गारंटी नहीं होती है. SIP में निवेश से कितना संभावित रिटर्न मिलेगा यह पूरी तरह बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है. हालांकि, SIP के जरिये निवेश से आप बाजार के विभिन्न स्तरों पर निवेश की सुविधा मिलने से जोखिम थोड़ा कम हो जाता है.”
बाजार गिरने पर SIP बंद कर देंबाजार में गिरावट अक्सर निवेशकों में डर पैदा कर देती है. ईरान युद्ध की वजह से शेयर बाजार में गिरावट बढ़ने से न सिर्फ पैसा लगाने वाले लोग डरे हुए हैं बल्कि SIP के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशक भी परेशान नजर आ रहे हैं. लेकिन यह वास्तव में SIP निवेशकों के लिए निवेश का मौका होता है.
ब्रोकरेज फर्म चॉइस वेल्थ के सीईओ निकुंज सराफ ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि शेयर बाजार में गिरावट के समय ही SIP निवेश सबसे अच्छा काम करता है. उनका कहना है कि जब बाजार में गिरावट आती है तो निवेशक घबरा जाते हैं और निवेश करना बंद कर देते हैं. लेकिन SIP में निवेश ऐसे समय ही सबसे ज्यादा फायदा देता है क्योंकि निवेशक कम दाम पर ज्यादा यूनिट खरीद पाते हैं.
SIP शुरू करके भूल जाइएआमतौर पर ये कहा जाता है एक बार जब SIP शुरु करने के बाद भूल जाना चाहिए. लेकिन जानकारों का कहना है कि SIP शुरू करके भूलना ठीक नहीं है. इससे लंबी अवधि में नुकसान भी पहुंच सकता है. स्टॉक ट्रेडिंग और म्यूचुअल फंड में ऑनलाइन निवेश की सुविधा देने वाली कंपनी ट्रेडजिनी (Tradejini) के सीओओ त्रिवेश इंडिया टुडे को बताते हैं कि SIP को कई साल तक नजरअंदाज करना क्यों जोखिम भरा हो सकता है.
उनका कहना है कि अगर आपका SIP अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है और आप उसकी समीक्षा नहीं कर रहे हैं, तो आपको कई साल तक काफी कम या मामूली रिटर्न मिल सकता है. वे आगे कहते हैं कि बाजार की स्थितियों में बदलाव या फंड मैनेजमेंट में फेरबदल होने पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले फंड भी खराब प्रदर्शन कर सकते हैं. इसीलिए यह जरूरी है कि आप समय के साथ अपने SIP के प्रदर्शन पर नजर रखें. ज्यादातर जानकार साल में कम से कम एक बार अपने SIP निवेश की समीक्षा करने का सुझाव देते हैं.
SIP बंद नहीं हो सकतीएक आम धारणा है कि एक बार SIP शुरू हो जाने के बाद उसे बदला या बंद नहीं किया जा सकता, जबकि हकीकत यह है कि SIP पूरी तरह फ्लेक्सिबल होती है. कोटक म्यूचुअल फंड के मुताबिक आप चाहें तो इसे कभी भी अस्थायी रूप से रोक सकते हैं, इसकी रकम बढ़ा या घटा सकते हैं. जरूरत पड़ने पर इसे बंद भी कर सकते हैं. यह सब प्रक्रिया म्यूचुअल फंड कंपनी या निवेश प्लेटफॉर्म्स के जरिए आसानी से की जा सकती है. ऐसा करने पर आमतौर पर कोई अतिरिक्त राशि या जुर्माना नहीं लगता है. हालांकि कुछ इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम्स में 3 साल का लॉक इन पीरियड जरूर होता है.
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