जुलाई में बेरोजगारी दर छह महीने में सबसे कम, शहर में अब भी टेंशन चल रही है
सीएमआईई के आंकड़ों में कहा गया है कि जुलाई में बेरोजगारी दर घटकर 6.80 फीसदी रह गई, जो जून में 7.80 फीसदी थी.

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में देश की बेरोजगारी दर में गिरावट आई है. CMIE के आंकड़ों में कहा गया है कि जुलाई में बेरोजगारी दर घटकर 6.80 फीसदी रह गई, जो पिछले छह महीनों में सबसे कम है. वहीं जून महीने में बेरोजगारी दर 7.80 फीसदी थी.
ग्रामीण बेरोजगारी 6.14 फीसदी घटकर पिछले महीने 27.21 करोड़ हो गई, जो जून में 26.52 करोड़ या 8.03 फीसदी थी. दूसरी ओर, शहरी बेरोजगारी दर जुलाई में बढ़कर 8.21 फीसदी हो गई, जो जून में 7.80 फीसदी थी, क्योंकि उद्योग और सेवाओं दोनों में नौकरियों की संख्या में गिरावट आई है.
CMIE के आंकड़ों के अनुसार, शहरी भारत में रोजगार 6 लाख गिरकर 12 करोड़ 51 लाख रह गया.
CMIE के प्रबंध निदेशक और सीईओ महेश व्यास ने कहा कि रोजगार में महीने-दर-महीने सुधार आंशिक था क्योंकि जून में गिरावट 1.3 करोड़ थी, जबकि जुलाई में केवल 63 लाख नौकरियों की वृद्धि हुई थी. ग्रामीण क्षेत्रों में और विशेष रूप से कृषि में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति के रूप में हुई और खरीफ की बुवाई गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ी.
व्यास ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में कृषि क्षेत्र ने जुलाई में अतिरिक्त 94 लाख लोगों को रोजगार दिया है. व्यास ने कहा कि इस साल अब तक उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश बहुत खराब रही है, जुलाई के अंत तक उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि धान की खेती में ज्यादातर बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में 13 फीसदी की गिरावट आई है.
व्यास ने कहा, "जब तक खरीफ की बुवाई में सुधार नहीं होता है, हमें ग्रामीण रोजगार में सुधार नहीं दिखता है. हालांकि, मुझे उम्मीद है कि मानसून में आगे सुधार होगा, जिसका ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार परिदृश्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा."
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