Swiggy से '10 मिनट में डिलीवरी' भूल जाओ, Snacc ऐप ही बंद कर दिया, घाटा रुलाने वाला
Swiggy shuts Snacc app: स्नैक की पैरेंट कंपनी स्विगी पिछली कुछ तिमाहियों से लगातार घाटा दर्ज कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्विगी का तीसरी तिमाही (एक अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025) में सालाना आधार पर शुद्ध घाटा 33% बढ़ गया है.
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ऑनलाइन फू़ड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी (Swiggy) ने 10 मिनट में खाना पहुंचाने वाले अपने खास ऐप स्नैक (Snacc) को बंद कर दिया है. कंपनी ने ये ऐप करीब सालभर पहले ही लॉन्च किया था.
मनीकंट्रोल के लिए तुषार गोयनका की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. इसके मुताबिक कंपनी को ऑर्डर से मुनाफा कमाने में परेशानी आ रही थी. 19 फरवरी को कंपनी ने अपने इंटर्नल ईमेल में यह बात कही है. स्नैक को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया गया था. कंपनी इसकी सेवाएं केवल बेंगलुरु और गुरुग्राम में दे रही थी.
हालांकि, मनीकंट्रोल के सवालों का स्विगी ने खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं दिया है. इसके अलावा स्नैक को कितने ऑर्डर मिल रहे थे, कितनी कमाई-धमाई हो रही थी, इसकी जानकारी भी नहीं दी गई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि स्नैक की प्रतिद्वंद्वी कंपनी ब्लिंकइट बिस्ट्रो को 9 महीने में करीब 150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
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स्विगी को लगातार हो रहा घाटास्नैक की पैरेंट कंपनी स्विगी पिछली कुछ तिमाहियों से लगातार घाटा दर्ज कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्विगी का तीसरी तिमाही (एक अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025) में सालाना आधार पर शुद्ध घाटा 33% बढ़ गया है. बताया गया कि इस दौरान कंपनी को 1,065 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. पिछले साल इसी अवधि (एक अक्टूबर 2024 से 31 दिसंबर 2024) में कंपनी को 799 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि स्विगी ने Snacc ऐप जनवरी 2025 में लॉन्च किया था. जब ये ऐप लॉन्च हुआ था तब 10 मिनट में फूड डिलीवरी का चलन जोरों पर था. उसी दौरान ब्लिंकइट ने बिस्ट्रो ऐप लॉन्च किया था, जबकि जेप्टो ने जेप्टो कैफे ऐप लॉन्च किया था. ये सभी ऐप्स स्नैक्स, बेवरेजेज, मिनी मील्स और मिठाई वगैरा की डिलीवरी करते थे.
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