BMC चुनाव के लिए शेयर बाजार बंद करना 'पूअर प्लानिंग', जेरोधा के नितिन कामथ ने उठाए सवाल
जेरोधा के CEO नितिन कामथ का मानना है कि स्थानीय नगर निगम चुनाव (BMC Elections) के लिए Stock Market बंद करना यह जताता है कि इसके लिए सरकार ने ठीक से प्लानिंग नहीं की थी. जेरोधा भारत की सबसे बड़ी डिस्काउंट ब्रोकरेज कंपनी है. यह लोगों को शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग की सुविधा देती है.
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गुरुवार 15 जनवरी को महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव के चलते देश के दोनों प्रमुख स्टॉक्स एक्सचेंज बांबे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज बंद हैं. वैसे तो छुट्टी रखना आमतौर पर एक प्रशासनिक फैसला होता है क्योंकि चुनाव है इसलिए हो सकता है कि राज्य सरकार ने शेयर बाजार बंद रखना मुनासिब समझा हो. लेकिन मिंट में छपी एक खबर में जेरोधा के CEO नितिन कामथ का मानना है कि स्थानीय नगर निगम चुनाव के लिए शेयर बाजार बंद करना यह जताता है कि इसके लिए सरकार ने ठीक से प्लानिंग नहीं की थी. जेरोधा लोगों शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग की सुविधा देती है.
नितिन कामथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े होने के बावजूद, किसी स्थानीय नगरपालिका चुनाव के कारण मार्केट को बंद करना दूरदर्शिता की कमी और अप्रत्यक्ष और बाद में पड़ने वाले प्रभावों को न समझ पाने का संकेत है.
उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,“मुंबई के नगर निगम चुनावों के कारण आज भारतीय शेयर बाजार बंद हैं. जबकि हमारे स्टॉक एक्सचेंज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हुए हैं, फिर भी किसी स्थानीय चुनाव के लिए उन्हें बंद करना खराब योजना और फैसलों के दूरगामी असर को न समझ पाने को दिखाता है.”
माना जा रहा है कि कामथ का ये बयान चुनाव के महत्व को कम आंकने के नजरिये से नहीं समझा जा रहा है बल्कि ये राज्य सरकार के लचीले रवैये और बेहतर योजना की जरूरत को जरूर उजागर करती है. कामथ के इस बयान पर सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं आईं. सीयर्स फंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक और मुख्य निवेश अधिकारी चंदर भाटिया ने कहा कि महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव के कारण बाजार बंद होना “वाकई निराशाजनक” है.
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उन्होंने एक्स पर लिखा, “हमारे बाजार स्थानीय नहीं हैं. इनमें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई), सॉवरेन फंड्स, वैश्विक निवेशक और देशभर के निवेशक शामिल हैं. सरकार को कर्मचारियों को वोट डालने के लिए आधे दिन की छुट्टी देनी चाहिए थी, जबकि बाकी कर्मचारी बाजार के सुचारू संचालन का ध्यान रख सकते थे.” हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि भारतीय शेयर बाजार कई बार खुले रहते हैं, जब विदेशी बाजार बंद होते हैं जैसे नए साल के दिन. दुनिया भर के स्टॉक एक्सचेंज अपने-अपने स्थानीय अवकाश कैलेंडर का पालन करते हैं. शेयर बाजार अवकाश कैलेंडर के अनुसार, 2026 में कुल 16 ट्रेडिंग छुट्टियां होंगी. 15 जनवरी के बाद इस महीने की अगली छुट्टी 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को होगी. मार्च में 3 ट्रेडिंग हॉलीडे हैं. अप्रैल और मई में 2-2 छुट्टियां हैं. जून और सितंबर में 1-1 छुट्टी है. अक्टूबर और नवंबर में 2-2 छुट्टियां और दिसंबर 2026 में 1 छुट्टी है.
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