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शेयर मार्केट खुलते ही धड़ाम, ईरान-इजरायल जंग के बीच सेंसेक्स 2300 अंक टूटा

Share Market Crash: US-Israel और Iran युद्ध की वजह से सप्लाई चेन बिगड़ने का डर बाजार के गिरने की सबसे बड़ी वजह है. अमेरिका और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भी भारत के बाजार पर पड़ा है. मेटल, मीडिया और रियल्टी के शेयरों में खूब बिकवाली दिख रही है.

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सेंसेक्स में 2000 अंकों से ज्यादा की गिरावट.
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सूर्यकांत मिश्रा
9 मार्च 2026 (अपडेटेड: 9 मार्च 2026, 10:23 AM IST)
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सोमवार 9 मार्च 2026 को मार्केट ओपन होते ही सेंसेक्स में बड़ी गिरावट दिखी है. लगभग 2300 पॉइंट की गिरावट के साथ सेंसेक्स 76500 तक आ गया. मिडल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई के कारण (US Israel Iran War) शेयर बाजार में आज यानी 9 मार्च को बड़ी गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी का हाल भी बेहाल है. करीब 700 अंक (2.80%) की गिरावट है, ये 23,750 पर कारोबार कर रहा है.

ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से सप्लाई चेन बिगड़ने का डर बाजार के गिरने की सबसे बड़ी वजह है. अमेरिका और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भी भारत के बाजार पर पड़ा है. मेटल, मीडिया और रियल्टी के शेयरों में खूब बिकवाली दिख रही है.

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में भी गिरावट जारी है. रुपया 92.3025 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर पर आकर गिरावट के नए रिकॉर्ड बना रहा है. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि इससे पहले शुक्रवार यानी 6 मार्च को शेयर मार्केट में गिरावट रही थी. सेंसेक्स 1097 अंक (1.37%) गिरकर 78,919 पर बंद हुआ था. निफ्टी में भी 315 अंक (1.27%) की गिरावट रही थी. ये 24,450 अंक पर आ गया था.

मिडल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग से का असर कच्चे तेल पर भी पड़ रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दाम साढ़े तीन साल के हाई पर पहुंच गए हैं. रविवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई है. इससे पहले 2022 में कच्चा तेल 100 डॉलर के पार निकला था.

फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) की लगातार बिकवाली से भी बाजार पर दबाव बढ़ा है. बढ़ती अनिश्चितता और डांवाडोल हालात के बीच ग्लोबल फंड भारतीय इक्विटी में अपना निवेश कम कर रहे हैं. इसे भी बाजार के गिरावट का कारण माना जा सकता है.

वीडियो: अमेरिका और ईरान जंग के बीच ट्रंप ने ईरानियों से क्या अपील की?

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