RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया
RBI ने कहा है कि पेटीएम बैंक को अब बैंकिंग का काम करने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही, RBI हाई कोर्ट में आवेदन देकर इस बैंक को पूरी तरह बंद (वाइंडिंग अप) करने की प्रक्रिया शुरू करेगा.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 24 अप्रैल को पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (Paytm Payments Bank Ltd) का लाइसेंस रद्द कर दिया है. RBI ने बताया है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक निर्धारित शर्तों का ठीक से पालन नहीं कर पा रही है.
बिजनेस स्टैंडर्ड के पत्रकार अमन साहू की एक रिपोर्ट के मुताबिक RBI ने कहा है कि पेटीएम बैंक को अब बैंकिंग का काम करने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही, RBI हाई कोर्ट में आवेदन देकर इस बैंक को पूरी तरह बंद (वाइंडिंग अप) करने की प्रक्रिया शुरू करेगा.
केंद्रीय बैंक ने आगे कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पास बंद होने पर अपनी पूरी जमा देनदारियों को चुकाने के लिए पर्याप्त पैसा है. RBI का मानना है कि इस बैंक को आगे चलाने से न तो कोई खास फायदा होगा और न ही ये जनता के हित में होगा.
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पेटीएम पेमेंट्स बैंक को अगस्त 2015 में एक सीमित बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त हुआ था. बैंक को छोटी जमा राशि स्वीकार करने की अनुमति मिली, लेकिन ये लोन नहीं बांट सकती थी. इससे पहले, कंपनी के निवेशकों में चीन का एंट ग्रुप (Ant Group) और जापान का सॉफ्टबैंक (SoftBank) शामिल थे. पेटीएम पेमेंट्स बैंक की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस है.
जनवरी 2024 में भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक को नए जमा (डिपॉजिट) लेने से रोक दिया था. RBI ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि बैंक ने ग्राहकों की KYC, पैसों के इस्तेमाल और तकनीकी सिस्टम से जुड़े नियमों का ठीक से पालन नहीं किया था.
आरबीआई का ये सख्ता फैसला पेटीएम बैंक को लेकर आया लेकिन इसका असर कंपनी के पूरे इकोसिस्टम पर पड़ेगा. पेटीएम ने डिजिटल वॉलेट, मर्चेंट पेमेंट और डिजिटल बैंक सेवाओं के तहत ग्राहकों का बहुत बड़ा बेस तैयार किया था. अब लाइसेंस कैंसिल होने के बाद देखना होगा कि पेटीएम किस तरह अपनी बैंकिंग और पेमेंट पार्टनरशिप को रीऑर्गनाइज करती है.
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