प्रधानमंत्री मोदी ने बता दिया, कैसा होगा आने वाला बजट
पीएम ने संसद सत्र की शुरुआत में ही दे दिया हिंट
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संसद का बजट सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने मीडिया से बात की.
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी. कोरोना महामारी के बाद सबकी निगाहें इस बजट पर लगी हैं. हर कोई ये जानना चाहता है कि ये बजट कैसा होगा. 29 जनवरी से संसद का बजट सत्र शुरू हो गया. पीएम मोदी ने सत्र शुरू होने से पहले मीडिया से बात की. इस दौरान पीएम मोदी ने हिंट दिया कि आने वाला बजट कैसा होगा. पीएम ने कहा कि कोरोना काल में जो 4-5 आर्थिक पैकेज दिए गए थे, ये बजट उसी श्रृंखला में देखा जाएगा.
पीएम मोदी ने कहा,
12 नवंबर 2020 को सरकार की ओर से तीसरा पैकेज जारी किया गया, जो कि 2.65 लाख करोड़ का बताया गया. इसमें पीएम आवास योजना के लिए 18 हजार करोड़ रुपये, ग्रामीण रोजगार के लिए 10 हजार करोड़, कोरोना वैक्सीन के लिए 900 करोड़, आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 1,45,980 करोड़ की व्यवस्था की गई. इस पैकेज में खाद पर सब्सिडी के लिए 65 हजार करोड़ और एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए 3 हजार करोड़ की भी व्यवस्था की गई. अलग-अलग सेक्टरों के लिए की गई इस घोषणा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये भी बताया था कि सरकार 18 लाख घर भी बनाएगी और घर खरीदने पर आयकर में छूट भी देगी.
ये बजट का भी सत्र है. वैसे शायद भारत के इतिहास में पहली बार हुआ कि 2020 में एक नहीं, वित्त मंत्री जी को अलग-अलग पैकेज के रूप में एक प्रकार से चार-पांच मिनी बजट देने पड़े. यानी 2020 में एक प्रकार से लगातार मिनी बजट का सिलसिला चलता रहा. इसलिए ये (आने वाला) बजट भी उन चार बजट की सीरीज में ही देखा जाएगा. ये मुझे पूरा विश्वास है.पीएम मोदी ने कहा कि इस दशक का ये पहला सत्र प्रारंभ हो रहा है. भारत के उज्जवल भविष्य के लिए ये दशक बहुत ही महत्वपूर्ण है. इसलिए प्रारंभ से ही आजादी के दीवानों ने जो सपने देखे थे, उन सपनों को, उन संकल्पों को तेज गति से सिद्ध करने का ये स्वर्णिम अवसर देश के पास आया है. इस दशक का भरपूर उपयोग हो और इसलिए इस सत्र में पूरे दशक को ध्यान में रखते हुए चर्चाएं हों. सभी प्रकार के विचारों की प्रस्तुति हो. उत्तम मंथन से उत्तम अमृत प्राप्त हो. ये देश की अपेक्षाएं हैं. मुझे विश्वास है कि जिस आशा और अपेक्षा के साथ देश के कोटि-कोटि जनों ने हम सबको संसद में भेजा है, हम इस पवित्र स्थान का भरपूर उपयोग करते हुए, संसद की मर्यादाओं का पालन करते हुए, जन आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए अपने योगदान में पीछे नहीं रहेंगे. ये मुझे पूरा विश्वास है. सभी संसद इस सत्र को और अधिक उत्तम बनाएंगे. ये मेरा पूरा विश्वास है.
बता दें कि पिछले साल कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बाद सरकार ने अलग-अलग मौके पर आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था. अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए सरकार पैकेज लेकर आई. इसे आत्मनिर्भर भारत पैकेज कहा गया. पहले पैकेज को 20.97 लाख करोड़ रुपये का बताया गया. इस पैकेज का फोकस लघु और मध्यम उद्योगों पर रहा. सरकार ने किसान, मजदूर, रेहड़ी-पटरी वालों को फायदा देने की बात कही. मुफ्त अनाज, खेती, इंफ्रास्ट्रक्चर, छोटे कारोबारियों को कर्ज पर पैसा खर्च करने की बात कही. 12 अक्टूबर 2020 को सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज 2.0 के तहत 73 हजार करोड़ के पैकेज का ऐलान किया. केंद्रीय कर्मचारियों के लिए दो स्कीमें लॉन्च की गईं. LTC कैश वाउचर स्कीम (28 हजार करोड़) और स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम (8 हजार करोड़). इसके अलावा इस पैकेज में राज्यों को कर्ज देने के लिए 12 हजार करोड़ और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 25 हजार करोड़ की बात की गई.LIVE: PM Shri @narendramodi's remarks ahead of the Budget Session in Parliament.https://t.co/PllHKDsATk
— BJP (@BJP4India) January 29, 2021
12 नवंबर 2020 को सरकार की ओर से तीसरा पैकेज जारी किया गया, जो कि 2.65 लाख करोड़ का बताया गया. इसमें पीएम आवास योजना के लिए 18 हजार करोड़ रुपये, ग्रामीण रोजगार के लिए 10 हजार करोड़, कोरोना वैक्सीन के लिए 900 करोड़, आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 1,45,980 करोड़ की व्यवस्था की गई. इस पैकेज में खाद पर सब्सिडी के लिए 65 हजार करोड़ और एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए 3 हजार करोड़ की भी व्यवस्था की गई. अलग-अलग सेक्टरों के लिए की गई इस घोषणा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये भी बताया था कि सरकार 18 लाख घर भी बनाएगी और घर खरीदने पर आयकर में छूट भी देगी.

