दुबई-अबूधाबी से 3-3 करोड़ रुपये देकर भागने को तैयार लोग, कह रहे बस यहां से निकाल लो
अमेरिका और इज़रायल की तरफ से ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' अभियान जारी है. इसके जवाब में, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित खाड़ी के कुछ हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इससे इन इलाकों में रहने वाले लोग डरे हुए हैं.
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मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से इस इलाके से बाहर निकलने के लिए वहां के अमीर भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं. बिजनेस टुडे की एक खबर में न्यूयॉर्क पोस्ट के हवाले से यह जानकारी दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइवेट जेट चार्टर (निजी विमान) की लागत 350,000 डॉलर (लगभग 3.2 करोड़ रुपये) तक पहुंच रही है. अमेरिका और इज़रायल की तरफ से ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' अभियान जारी है. इसके जवाब में, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित खाड़ी के कुछ हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इससे स्थानीय इलाकों में लोग डरे हुए हैं.
ऐसे में प्राइवेट विमान सेवा देने वाली कंपनियों के ब्रोकर्स का कहना है कि उन्हें दुबई और अबूधाबी में रहने वाले अमीर मोटा पैसा चुकाने को तैयार हैं. इनके मुताबिक ये अमीर चाहते हैं कि उन्हें असुरक्षित जगह से जितनी जल्दी हो सके निकाल लिया जाए, फिर चाहें उन्हें कितनी भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े. ब्रोकर्स के मुताबिक ये अमीर करीब 3 करोड़ तक चुकाने को तैयार हैं.
निजी जेट ब्रोकरेज कंपनी विमाना प्राइवेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमीरह नारन ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि कुछ अमीर कथित तौर पर सड़क मार्ग से सऊदी अरब जा रहे हैं और फिर वहां से निजी विमानों से यूरोप के लिए रवाना हो रहे हैं. "इस समय इस इलाके से बाहर निकलने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए सऊदी अरब ही एकमात्र ठीक रास्ता है."
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उद्योग जगत के अधिकारियों के अनुसार, अचानक बढ़ी मांग के कारण चार्टर सेवाओं की कीमतें काफी बढ़ गई हैं. ब्रिटेन स्थित फर्म अल्मा रिस्क के इयान मैककॉल ने कहा कि मिडिल ईस्ट के कई इलाकों से लोगों और कंपनियों के बड़े अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया है. ये सभी जल्द से जल्द पश्चिम एशिया के असुरक्षित इलाकों से बाहर निकलना चाहते हैं.
प्राइवेट जेट की मांग बढ़ने की कई वजहें हैं. पहला कारण ये है कि खाड़ी के इलाकों में तनाव काफी बढ़ चुका है. इसके अलावा इन इलाकों में स्थित हवाई अड्डों पर भी कई तरह की दिक्कतें आ गई हैं. कई एयरपोर्ट सुरक्षा नजरिये से बंद कर दिये गए हैं तो कई हवाई अड्डों पर विमानों की संख्या घटा दी गई है. सऊदी अरब के रियाद में स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से मिली तस्वीरों से पता चलता है कि यहां टर्मिनल्स पर लोग नजर नहीं आ रहे हैं. इसी तरह से दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी नाममात्र के लोग दिखे हैं.
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