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अडानी समूह में LIC को हजारों करोड़ का नुकसान, पॉलिसी होल्डर्स के बुरे दिन शुरू हो गए?

अडानी समूह की पांच बड़ी कंपनियों में LIC की हिस्सेदारी की मार्केट वैल्यू पहली बार खरीद मूल्य से भी नीचे गिर गई है.

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LIC Adani Group Investment Hindenburg
LIC को नुकसान हुआ है. (फोटो: रॉयटर्स)
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प्रदीप यादव
24 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 24 फ़रवरी 2023, 01:48 AM IST)
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हिंडनबर्ग की रिपोर्ट (Hindenburg Report) ने अडानी समूह (Adani Group) को तो पहले से ही गहरी चोट दे रखी है. लेकिन अब अडानी ग्रुप की आंच सरकारी बीमा कंपनी LIC पर भी साफ पड़ती नजर आ रही है. अडानी समूह की पांच बड़ी कंपनियों में LIC की हिस्सेदारी की मार्केट वैल्यू पहली बार खरीद मूल्य से भी नीचे गिर गई है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 23 फरवरी को अडानी समूह की कंपनियों में LIC की हिस्सेदारी का बाजार मूल्य गिरकर 26,861.9 करोड़ रुपये पर आ गया. यह आंकड़ा LIC के खरीद मूल्य से करीब 11 फीसदी कम है. इनमें अंबुजा सीमेंट्स और ACC शामिल नहीं हैं. LIC ने अडानी समूह में 30,127 करोड़ रुपये का निवेश कर रखा है.

LIC, अडानी समूह की कंपनियों में निवेश करने वाली एकमात्र सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है. 31 दिसंबर 2022 को खत्म तिमाही में LIC की अडानी पोर्ट्स में 9.14 फीसदी और अडानी टोटल गैस में 5.96 फीसदी हिस्सेदारी थी. इसी तरह अडानी समूह की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज में 4.23 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन में 3.65 फीसदी और अडानी ग्रीन एनर्जी में 1.28 फीसदी हिस्सेदारी थी.

तेजी से किया निवेश

आंकड़े देखें तो पता चलेगा कि LIC ने अडानी समूह की कंपनियों में उस समय भी जमकर निवेश किया, जब देश की म्यूचुअल फंड कंपनियों ने अडानी समूह की कंपनियों से दूरी बना रखी थी. LIC ने दिसंबर 2022 तक लगातार नौ तिमाहियों में अडानी समूह की सात सूचीबद्ध कंपनियों में से चार में अपनी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ाई, जबकि एक कंपनी में तो मानो LIC का दिल ही आया गया. अडानी की एक कंपनी में अपना निवेश 6 गुना बढ़ाया.

24 जनवरी को अमेरिका की रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट जारी होने के बाद से अडानी समूह की कंपनियों के शेयर पिछले एक महीने से भारी दबाव में हैं. रिपोर्ट जारी होने से पहले 24 जनवरी को अडानी समूह की नौ सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप 19.18 लाख करोड़ रुपये था, जो 23 फरवरी को 61 फीसदी घटकर 7 लाख 36 हजार 671 करोड़ रुपये रह गया है. हिंडनबर्ग ने अडानी समूह पर स्टॉक मैनुपुलेशन और अकाउंटिंग फ्रॉड समेत कई तरह के आरोप लगाए थे.

हिंडनबर्ग के खुलासे के बाद से विपक्षी पार्टियां LIC की तरफ से अडानी समूह में किए गए निवेश पर लगातार चिंता जता रही हैं. हालांकि, LIC ने अडानी समूह में निवेश को लेकर जारी आशंकाओं को दूर करने की कोशिश के तहत 30 जनवरी को एक बयान में कहा था, 

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स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों से पता चलता है कि 27 जनवरी को, अडानी समूह की पांच कंपनियों (ACC और अंबुजा सीमेंट्स को छोड़कर) का बाजार मूल्य, 55,565 करोड़ रुपये था. इन कंपनियों में LIC की एक फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है. LIC के खुद के 56,142 करोड़ रुपये के अनुमान और इंडियन एक्सप्रेस के 55,565 करोड़ रुपये के अनुमान के बीच का अंतर, अडानी पावर और अडानी विल्मर में एक फीसदी से कम हिस्सेदारी के कारण हो सकता है. इसका कारण है कि सेबी के नियमों के मुताबिक कंपनियों को एक फीसदी से कम हिस्सेदारी खरीदने वाले निवेशकों का खुलासा करने की जरूरत नहीं है. 

पॉलिसी होल्डर्स पर क्या असर पड़ेगा?

LIC का निवेश भले ही अडानी समूह में खरीद मूल्य से कुछ नीचे चला गया है, लेकिन राहत की बात ये है ऐसे समय में जब अडानी समूह की पांच बड़ी कंपनियों में LIC की होल्डिंग का बाजार मूल्य 62.8 फीसदी की तेजी से नीचे आया है, अब भी LIC का निवेश अपने खरीद मूल्य से कुछ ही नीचे है. इससे पता चलता है कि सरकारी बीमा कंपनी ने अडानी समूह की कंपनियों में तब पैसा लगाया जब अडानी के शेयर काफी कम भाव में मिल रहे थे.

ये तो हो गई अडानी समूह में LIC के निवेश के नफे नुकसान की बात. अब LIC के पॉलिसी होल्डर्स के भी फायदे-नुकसान की बात कर लेते हैं. करीब दो हफ्ते पहले LIC ने अपने निवेश को लेकर जारी खबरों पर बड़ी प्रतिक्रिया दी थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, LIC की ओर से ऐलान किया गया कि अडानी ग्रुप में उनका इन्वेस्टमेंट जस का तस रहेगा और इसे बिल्कुल भी नहीं घटाया जाएगा. अपने बयान में LIC चेयरमैन ने कहा था कि अडानी ग्रुप मैनेजमेंट को कभी-कभी सिर्फ बिजनेस प्रोफाइल जानने के लिए बुलाया जाएगा. इसके साथ ही इस बात की जानकारी समय-समय पर ली जाएगी कि अडानी समूह मौजूदा हालात से निपटने के लिए क्या कर रहा है.

LIC के देशभर में 29 करोड़ से ज्यादा पॉलिसी होल्डर हैं. आपको बता दें LIC का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में तेज बढ़ोतरी के साथ 8,334.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. इससे पहले सितंबर तिमाही के आंकड़े देखें तो बीमा कंपनी ने 15,952 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था. 31 दिसंबर 2022 को समाप्त हुई तिमाही में LIC का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट 44.34 लाख करोड़ रुपये था. LIC की ओर से अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान करते हुए बताया गया कि उसके कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट का करीब एक फीसदी ही अडानी ग्रुप में निवेश किया गया है. अडानी समूह के अलावा देश की 250 से ज्यादा लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में LIC ने पैसा लगा रखा है. दिसंबर 2022 में खत्म तीसरी तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक, LIC का शेयर मार्केट में करीब 10.91 लाख करोड़ रुपये का निवेश है.

वीडियो: खर्चा पानी: अडानी के ये शेयर धड़ाम, कंपनी खरीदने के लिए नहीं बचे पैसे?

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