Income Tax Return Filing: नौकरीपेशा लोगों के लिए फॉर्म 16 क्यों है जरूरी और कब मिलेगा?
अगर आप किसी एक वित्त वर्ष के दौरान एक बार या इससे ज्यादा बार नौकरी बदलते हैं तो जिन कंपनियों में आपने काम किया है वे सभी आपको फॉर्म 16 देंगी. चाहे फिर आपने कुछ दिन काम किया हो या कुछ महीने. हर फॉर्म 16 में साफ-साफ लिखा होता है कि कंपनी ने आपको इस दौरान कितनी सैलरी दी और कितना टैक्स यानी टीडीएस काटा.

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल होने शुरू हो चुके हैं. नौकरी करने वाले लोग इंतजार कर रहे हैं कि कंपनी से फॉर्म 16 मिले तो वे भी अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करें. फॉर्म 16 क्या होता है, नौकरीपेशा लोगों के लिए क्यों जरूरी होता है, कर्मचारियों को यह डॉक्यूमेंट कब और कहां से मिलता है, आइए जानते हैं.
फॉर्म 16 क्या है और क्यों जरूरी है?कंपनियां वित्त वर्ष खत्म होने के बाद अपने कर्मचारियों के साथ डिटेल्स साझा करती हैं कि उनको कितनी सैलरी दी गई. वेतन से कितना टैक्स (TDS) काटा गया. कर्मचारी की सैलरी से जो टैक्स काटा गया वह सरकार के पास जमा कर दिया गया है. इसे ही फॉर्म 16 कहते हैं. यह इस बात का आधिकारिक प्रमाण है कि आपकी सैलरी से टैक्स काटा गया है और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में जमा कर दिया गया है.
दो पार्ट में होता है Form 16फॉर्म 16 दो भागों में बंटा होता है. टैक्स एक्सपर्ट विनोद रावल लल्लनटॉप से बताते हैं, “फॉर्म 16 के पहले हिस्से (Form 16 Part A) में कंपनी और कर्मचारी की डिटेल, जैसे PAN/TAN वगैरा की जानकारी होती है. कर्मचारियों की सैलरी से कितना TDS काटा गया और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास तिमाही आधार पर जमा किए गए टैक्स का रिकॉर्ड शामिल होता है.”
वहीं, फॉर्म 16 के पार्ट बी (Form 16 Part B) में फाइनेंशियल ईयर के दौरान कितनी सैलरी दी गई, कर्मचारियों को मिले भत्ते और पर्क्स वगैरा को शामिल किया जाता है. इसके अलावा सेक्शन 80सी और 80डी के तहत मिली छूट, टैक्सेबल इनकम और कर्मचारी का कितना टैक्स बना ये सब डिटेल दी जाती है.
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नियमों के मुताबिक कंपनियों को आगामी वित्त वर्ष की 15 जून तक फॉर्म 16 जमा करना अनिवार्य है.
अगर आप नौकरी बदलते हैं तो क्या होगा?मनीकंट्रोल की एक खबर में बताया गया है कि अगर आप किसी एक वित्त वर्ष के दौरान एक बार या इससे ज्यादा बार नौकरी बदलते हैं तो जिन कंपनियों में आपने काम किया है वे सभी आपको फॉर्म 16 देंगी. चाहे फिर आपने कुछ दिन काम किया हो या कुछ महीने. हर फॉर्म 16 में साफ-साफ लिखा होता है कि कंपनी ने आपको इस दौरान कितनी सैलरी दी और कितना टैक्स यानी टीडीएस काटा.
ध्यान रखने वाली बात ये है कि फॉर्म 16 कंपनी की तरफ से जारी होता है और कंपनियां अपने कर्मचारी को यह फॉर्म हाथोहाथ या मेल से साझा करती हैं. फॉर्म 16 इनकम टैक्स डिपार्टमेंट या किसी अन्य जगह से सीधे डाउनलोड के लिए उपलब्ध नहीं होता है.
इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. यह तारीख उन व्यक्तिगत करदाताओं के है जो आईटीआर-1 और आईटीआर-2 भरते हैं. वहीं, आईटीआर-4 दाखिल करने की लास्ट डेट 31 अगस्त है.
वीडियो: आसान भाषा में: RBI विदेशी मुद्रा भंडार में सोना और डॉलर क्यों रखता है?

