क्रेडिट कार्ड के मोटे बिल से दुखी हैं? जाल से बाहर निकलने का तरीका जान लीजिए
अगर आप Credit Card यूजर हैं या नए कार्ड के लिए आवेदन करने वाले हैं तो कुछ हिडेन चार्जेज के बारे में जानकर आप सावधान हो सकते हैं और अपना क्रेडिट कार्ड का बिल भी घटा सकते हैं.

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इससे जुड़े हिडेन चार्ज (Credit Card hidden charges) अक्सर लोगों की नजर से छूट जाते हैं. बाद में ये चार्जेज लोगों के लिए वित्तीय बोझ बन जाते हैं. ये हिडेन चार्जेज कई तरह के होते हैं जैसे कि सालाना फीस, लेट पेंमेट चार्ज, ओवरलिमिट फी वगैरा. वहीं, कई बैंक अपने क्रेडिट कार्ड पर रिन्यूवल चार्ज भी लगाते हैं. लेकिन ये सब जानकारियां बैंक तब ठीक से नहीं देते हैं, जब आप इनके क्रेडिट कार्ड लेते हैं. अगर आप क्रेडिट कार्ड यूजर हैं या नए कार्ड के लिए आवेदन करने वाले हैं तो इन हिडेन चार्जेज के बारे में जानकर आप सावधान हो सकते हैं और अपना क्रेडिट कार्ड का बिल भी घटा सकते हैं. आइए जानते हैं कि क्रेडिट कार्ड से जुडे हिडेन चार्जेज कौन-कौन से हैं.
पूरा बकाया न चुकाने पर भारी पेनाल्टीअगर आप अपने क्रेडिट कार्ड की पूरी बकाया राशि का भुगतान नहीं करते हैं, तो बाकी रकम पर इन क्रेडिट कार्ड्स को जारी करने वाले बैंक मोटा ब्याज वसूलते हैं. यह आमतौर पर 30 से 45 परसेंट सालाना तक होता है. हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजीत सिंह लल्लनटॉप से बातचीत में कहते हैं कि अक्सर लोगों को लगता है कि ब्याज सिर्फ उसी रकम पर लगेगा जो उन्होंने बाकी छोड़ दी है, लेकिन हकीकत इससे अलग है. ज्यादातर मामलों में, जब तक आप अपनी पूरी बकाया राशि नहीं चुका देते, तब तक बैंक नई खरीदारी पर भी ब्याज लगाना शुरू कर देते हैं. इसलिए समझदारी इसी में है कि हर महीने अपने क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल चुकाएं, ताकि आप भारी ब्याज और छिपे हुए खर्चों से बच सकें.
ड्यू डेट पर बिल भरें नहीं तो...ड्यू डेट यानी बिल जमा करने की तय तारीख तक क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान न करने पर मोटा लेट चार्ज लग सकता है. मनीकंट्रोल की एक खबर के मुताबिक न्यूनतम देय राशि का भुगतान करने पर भी बकाया राशि के साथ-साथ अतिरिक्त ब्याज भी जुड़ता रहेगा. उदाहरण के लिए अगर आपके क्रेडिट कार्ड पर बकाया रकम 20,000 रुपये है . इस पर 3.5 परसेंट मंथली ब्याज और 1,000 रुपये की लेट फीस लगती है. एक महीने में यह रकम बढ़कर 21 हजार 700 रुपये हो जाएगी. इससे बचने के लिए बिल का भुगतान करने के लिए रिमाइंडर सेट करें या समय पर भुगतान करने के लिए ऑटो-पे सुविधा का इस्तेमाल करें ताकि आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा बना रहे.
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कैश निकालने पर मोटा चार्जक्रेडिट कार्ड के जरिये एटीएम से कैश निकालना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक क्रेडिट कार्ड से निकाली गई रकम पर रोजाना के हिसाब से 4.5 परसेंट तक ब्याज लगता है. रिपोर्ट बताती है कि कैश निकालने पर बैंक 48 परसेंट सालाना तक चार्ज करते हैं. यह ब्याज बिना किसी छूट अवधि के तुरंत लगना शुरू हो जाता है. इसलिए, समय पर क्रेडिट कार्ड का बिल जमा न करने पर छोटी-मोटी नकद निकासी भी बहुत महंगी साबित हो सकती है.
मेंबरशिप फीस के बारे में पता करेंजॉइनिंग फीस एक बार का शुल्क है जो नए क्रेडिट कार्ड के लिए देना होता है. आमतौर पर प्रीमियम या हाई-रिवॉर्ड कार्ड के लिए सालाना शुल्क कार्ड को सक्रिय रखने के लिए सालाना देना होता है. यह कार्ड के फायदों के आधार पर अलग-अलग होता है. इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर बताती है कि कई बैंक खास तरह के खर्च मानदंडों को पूरा करने पर 'वेलकम बोनस' प्रदान करते हैं. इन शुल्कों से बचने के लिए आजीवन निःशुल्क कार्ड का विकल्प चुनें या कार्ड प्राप्त करने से पहले सुनिश्चित करें कि आप शुल्क माफी के पात्र हैं.
ओवर लिमिट फीसओवर लिमिट फीस वह शुल्क है जो बैंक तब वसूलता है जब आप अपने क्रेडिट कार्ड की तय सीमा (क्रेडिट लिमिट) से ज्यादा खर्च कर देते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आपके कार्ड की लिमिट 1 लाख है और आप एक लाख 5 हजार रुपये या एक लाख 10 हजार रुपये खर्च कर लेते हैं, तो यह 'ओवर लिमिट' माना जाएगा. ऐसे में बैंक आपसे अतिरिक्त फीस वसूल सकता है, जिसे ओवर लिमिट फीस कहा जाता है. फाइनेंस एक्सपर्ट शरद कोहली ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि क्रेडिट लिमिट से अधिक खर्च करने पर ओवर-लिमिट चार्ज लगता है, जो आमतौर पर अतिरिक्त खर्च की गई राशि का एक तय प्रतिशत या 500 रुपये होता है. साथ ही ब्याज दर भी ज्यादा होती है. इन शुल्कों से बचने और अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखने के लिए अपने खर्च पर नजर रखें और लिमिट के 30% से कम खर्च करें.
विदेशी मुद्रा लेनदेनविदेश यात्रा के दौरान या विदेशी ऑनलाइन खरीदारी के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने पर विदेशी मुद्रा कनवर्जन चार्ज लगता है, जो आमतौर पर लेनदेन राशि का 2 से 3.5 परसेंट होता है.
EMI कनवर्जन चार्जक्रेडिट कार्ड से किए गए लेनदेन को EMI में बदलना बढ़िया लग सकता है. लेकिन शायद ही आपको मालूम होगा कि बैंक अपने क्रेडिट कार्ड यूजर से प्रोसेसिंग फीस और गुड्स एवं सर्विसेज टैक्स (GST) और मोटा ब्याज वसूलते हैं. क्रेडिट कार्ड लेने से पहले उसकी EMI ब्याज दरों की तुलना पर्सनल लोन से करें. कुछ बैंक बिना किसी अतिरिक्त लागत के EMI की सुविधा भी देते हैं, लेकिन पहले हिडेन चार्जेज की जांच कर लें.
आपको ये बातें याद रखनी चाहिएहिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजीत सिंह का कहना है कि क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले या कोई खरीदारी करने से पहले हमेशा उसकी शर्तों को ध्यान से पढ़ें. चार्जेज से जुड़ी जानकारी और इस्तेमाल की नियम कायदों और शर्तों को समझने से आपको वित्तीय फैसले लेने में मदद मिल सकती है.
हर महीने पूरा बकाया (Full Payment) चुकाने की आदत डालें, ताकि भारी ब्याज से बच सकें. क्रेडिट लिमिट का सीमित उपयोग करें. इससे आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर रहता है. ड्यू डेट मिस न करें, क्योंकि लेट पेमेंट पर पेनाल्टी और ब्याज दोनों लगते हैं. इसके अलावा हिडेन चार्जेज जैसे ओवर लिमिट फीस, कैश विदड्रॉल चार्ज, और फॉरेक्स फीस को पहले ही समझ लें.
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