जेवर एयरपोर्ट से फ्लाइट शुरू, नोएडा से लेकर मथुरा-वृंदावन तक प्रॉपर्टी कीमतों पर होगा असर!
जेवर एयरपोर्ट से पहली फ्लाइट शुरू हो गई है. इस इलाके में पहले ही रियल एस्टेट सेक्टर में भारी निवेश हुआ है और प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स की राय है कि आने वाले दिनों में यह क्षेत्र कॉमर्शियल हब के तौर पर उभरेगा.

नोएडा के जेवर इंटरनेशलन एयरपोर्ट से पहली पैसेंजर फ्लाइट ने उड़ान भर ली है. इसे भारत के एविएशन के लिए बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है. जब ये एयरपोर्ट पूरी तरह से चालू होगा तो ये दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा. जबसे ये एयरपोर्ट बनना शुरू हुआ है दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट मार्केट को काफी लाभ हुआ है. प्रॉपर्टी के दामों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. अब चूंकि यहां से फ्लाइट्स शुरू हो चुकी हैं तो प्रॉपर्टी की कीमतों में और तेजी आने की उम्मीद है.
रियल एस्टेट सेक्टर के अधिकारियों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट से फ्लाइट शुरू होने से इस इलाके के आसपास नई कंपनियां खुलेंगी. बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा होंगे. ये इलाका कॉमर्शियल हब के तौर पर उभरेगा और घर खरीदारों की मांग और बढ़ने का अनुमान है.
इन इलाकों में निवेश का मौकाबूट्स रियलिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक राय ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि इस एयरपोर्ट के शुरू होने से जेवर के आसपास जैसे कि मथुरा-वृंदावन में आवासीय घरों की मांग बढ़ेगी. इसके अलावा समूचे दिल्ली एनसीआर में रियल एस्टेट सेक्टर में बूम देखने को मिल सकता है. खासतौर से नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने की संभावना है. दीपक राय का मानना है कि ग्रेटर नोएडा टेक जोन-4 निवेश के लिए अच्छा इलाका है.
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रियल एस्टेट कंपनी भूटानी इंफ्रा के सीईओ आशीष भूटानी ने एनडीटीवी से कहा कि एयरपोर्ट के आसपास के काफी समय से कामर्शियल गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं. इस वजह से पिछले कुछ साल में इस इलाकों के आसपास प्रॉपर्टी की कीमतों में 40-80 परसेंट की तेजी देखने को मिली है.
भूटानी के मुताबिक इस इलाके के आसपास आवासीय संपत्तियों की कीमतें 8,000 रुपये से 12,000 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच हैं. उनका मानना है कि आने वाले दिनों में लोग घर बनाने के लिए प्रॉपर्टी खरीदेंगे.
कंपनियां बड़ी तादाद में दफ्तर खोलेंगी और एयरपोर्ट के आसपास होटल खुलने से इन इलाकों में जमीन के दाम बढ़ेंगे. उनका कहना है कि आमतौर पर देखा गया है कि एयरपोर्ट के आसपास बिजनेस अच्छे से पनपता है. कंपनियां खुलेंगी तो रोजगार पैदा होंगे. ऑफिस , होटल और गोदामों की मांग बढ़ेगी
वहीं, हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर एनडीटीवी से बातचीत में कहते हैं कि जहां दिल्ली का एयरोसिटी एक सफल कामर्शियल हब के रूप में स्थापित हो चुका है . आने वाले दिनों में जेवर एयरपोर्ट के आसपास का इलाका इससे भी बेहतर तरीके से विकसित होने की क्षमता रखता है.
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घरों की मांग बढ़ेगीआमतौर पर बेहतर कनेक्टिविटी से रेजीडेंशियल प्रॉपर्टी की मांग बढ़ती है. बूट्स रियलिटी के एमडी दीपक राय बताते हैं कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास बेहतर सड़क, रेल और मेट्रो कनेक्टिविटी पर काफी तेजी से काम चल रहा है.
आने वाले दिनों में यह इलाका बेहतर बुनियादी सुविधाओं से लैस होगा. इससे जेवर एयरपोर्ट के आसपास और नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एनआरआई (NRI) निवेशक भी दिलचस्पी दिखाएंगे. ऐसे में इन इलाकों में निवेश फायदे का सौदा साबित हो सकता है.
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