EU का कार्बन बॉर्डर टैक्स और भारत: BRICS देशों ने क्यों खोला मोर्चा, क्या है 'ग्रीन प्रोटेक्शनिज्म'?
यूरोपीय संघ का Carbon Border Adjustment Mechanism यानी CBAM 2026 से लागू हो चुका है. स्टील, एल्युमिनियम, सीमेंट समेत कार्बन-गहन उत्पादों पर इसका असर भारतीय एक्सपोर्टर्स की लागत और प्रतिस्पर्धा पर पड़ सकता है. BRICS देश इसे विकासशील अर्थव्यवस्थाओं पर एकतरफा और अनुचित बोझ मानते हैं.
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BRICS मिलकर यूरोप का मुकाबला कैसे कर सकता है? (फोटो-AI)
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