JIO का IPO लटक सकता है, ईरान युद्ध ने मुकेश अंबानी को फंसा दिया?
ईरान युद्ध की वजह से कंपनी बड़ी मुश्किलों में फंसती दिख रही है. बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और निवेशकों की चिंता के बीच कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की डिजिटल सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPI) लटक सकता है. इस आईपीओ पर भी ईरान युद्ध की छाया पड़ती दिख रही है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान युद्ध की वजह से कंपनी बड़ी मुश्किलों में फंसती दिख रही है. बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और निवेशकों की चिंता के बीच कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव से लटक सकता Jio IPOमामले से परिचित लोगों का कहना है कि इस कंपनी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और शेयर बाजार में अस्थिरता के चलते अपने आईपीओ को लांच करने की तैयारी धीमी कर दी है. हालांकि कंपनी अभी भी आईपीओ के लिए मसौदा दस्तावेज दाखिल करने की योजना बना रही है. लेकिन आईपीओ कब आएगा अब तक इसकी कोई तारीख तय नहीं की गई है.
मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई का जियो की शेयर बिक्री योजना (आईपीओ) पर कई तरह से असर पड़ा है. युद्ध की वजह से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट और बढ़ गई. विदेशी निवेशकों ने बाजार से खूब पैसा निकाला है. साथ ही जियो के कई बड़े निवेशकों ने फैसले लेने की रफ्तार धीमी कर दी. सूत्रों के मुताबिक सबसे बड़ी चिंता कंपनी की वैल्यूएशन को लेकर है, क्योंकि शेयर बाजार में लगातार गिरावट से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है.
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38 हजार 500 करोड़ रुपये जुटाने की योजनाकरीब दो दशकों में रिलायंस इंडस्ट्रीज की किसी सहयोगी कंपनी की तरफ से कोई आईपीओ लांच नहीं हुआ है. जियो का आईपीओ कब तक आएगा या इसे लाने की तैयारी को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि ने अब तक इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया है. हालांकि इस मामले से परिचित लोगों का कहना है कि इस आईपीओ से कंपनी 4 अरब डॉलर (करीब 38,500 करोड़ रुपये) जुटा सकती है.
अब तक भारत में किसी कंपनी ने इतना बड़ा आईपीओ लांच नहीं किया है जितना बड़ा जियो का आईपीओ हो सकता है. पिछले साल हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने भारत का सबसे बड़ा आईपीओ लांच किया था. इस आईपीओ के जरिये कंपनी ने 3.3 अरब डॉलर (31 हजार 800 करोड़ रुपये) के आसपास रकम जुटाई थी.
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