Budget 2026: 'LCA तेजस' और 'AMCA' सस्ता पड़ेगा, फाइटर जेट्स के पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी में छूट
Defence Sector in Budget 2026: वित्त मंत्री ने कहा है कि सिविल और डिफेंस क्षेत्र के विमानों में लगने वाले कंपोनेंट्स और पार्ट्स को कस्टम ड्यूटी से मुक्त कर दिया है.
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बजट 2026 (Budget 2026) में रक्षा क्षेत्र को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई ऐलान किए हैं. इनमें से एक ऐलान रक्षा क्षेत्र को लेकर भी किया गया है. अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा है कि सिविल और डिफेंस क्षेत्र के विमानों में लगने वाले कंपोनेंट्स और पार्ट्स को कस्टम ड्यूटी से मुक्त कर दिया है. इस ऐलान के बाद भारत के स्वदेशी विमान तेजस के वेरिएंट्स और स्टेल्थ फाइटर जेट एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) की लागत में कमी आएगी.
बजट भाषण में इसकी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा,
कौन से कंपोनेंट्स/पार्ट बाहर से आते हैं?मैं सिविल, ट्रेनिंग और अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कंपोनेंट्स और पुर्जों को मूल कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव रख रही हूं. यह भी प्रस्ताव है कि रक्षा क्षेत्र की यूनिट्स द्वारा विमानों के रखरखाव, मरम्मत या ओवरहाल जैसी जरुरतों के लिए उपयोग किए जाने वाले विमान के पुर्जों के निर्माण हेतु आयात होने वाले कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क से छूट दी जाए.
भारत में सबसे अधिक चर्चा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा बनाए जाने वाले 4.5 जेनरेशन के विमान तेजस की रहती है. तेजस के कई ऐसे कंपोनेंट्स हैं जो विदेश से इंपोर्ट होते हैं. जैसे
- इंजन: तेजस में अमेरिकन कंपनी General Electric का इंजन लगता है. ये इंजन HAL द्वारा अमेरिका से इंपोर्ट किए जाते हैं.
- रडार: तेजस में इजरायल में बना Elta ELM-2052 AESA रडार लगता है.
- इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट: किसी भी जंग में, खासकर मॉडर्न जमाने की जंग में इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर बहुत महत्पूवर्ण है. विमानों के सिग्नल को बाधित करने से लेकर, जैमिंग से बचने तक में ये सूट काम आता है. तेजस में लगने वाला Elta ELL-8222WB इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट इजरायल से इंपोर्ट किया जाता है.
- रिफ्यूलिंग प्रोब: आपने तेजस विमान के अगले हिस्से में कॉकपिट के ठीक आगे एक पाइपनुमा चीज निकली देखी होगी. ये हवा में उड़ने के दौरान ईंधन भरने के काम आता है. इस सिस्टम को ब्रिटिश कंपनी Cobham बनाती है.
- इजेक्शन सीट: ब्रिटिश कंपनी मार्टिन बेकर एक ऐसी कंपनी है जो पायलट की इजेक्शन सीट बनाती है. किसी दुर्घटना या हादसे की स्थिति में ये सीट पायलट को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद करती है. तेजस में भी मार्टिन बेकर की इजेक्शन सीट लगी है. हालांकि बीते दिनों DRDO ने अपनी खुद की सीट का ट्रायल किया है. लेकिन इसे अब तक किसी विमान में नहीं लगाया गया है.
ऐसा संभव है कि तेजस से जुड़ी कंपनियां पहले ही पुराने दामों पर डील कर चुकी हों. लेकिन कई पार्ट ऐसे हैं जो ऑर्डर पर मंगाए जाते हैं. ऐसे में भारत के स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम को इसका फायदा मिल सकता है.
वीडियो: नेहरू से लेकर मोदी तक बजट में क्या क्या बदला?

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