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Budget 2024: छोटे-मझले कारोबारियों के लिए मुद्रा लोन की सीमा बढ़ाई, और क्या बदला?

Union Budget 2024: छोटे व्यवसाय मज़बूत हों, रोज़गार पैदा हो, आर्थिक विकास और वित्तीय समावेशन हो. इस मक़सद से MUDRA स्कीम शुरू की गई थी.

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23 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 01:14 PM IST)
Budget 2024 Mudra
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने छोटे और मझले कारोबारों के लिए कुछ एलान किए हैं. जिस Mudra Loan की रक़म 10 लाख थी, उसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है.

क्या है मुद्रा स्कीम?

MUDRA माने माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफ़ाइनेंस एजेंसी लिमिटेड.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अप्रैल, 2015 को लघु और सूक्ष्म उद्यमों (SME) को क़र्ज़ करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) शुरू की. स्कीम का मक़सद था कि ग़ैर-कॉर्पोरेट, ग़ैर-कृषि सेक्टर को वित्तीय सहायता मिले, जो अक्सर औपचारिक बैंकिंग सर्विस तक नहीं पहुंच पाते. 

बिज़नेस के स्केल के हिसाब से तीन श्रेणियों में क़र्ज़ का प्रावधान है:

  • शिशु: ये कैटेगरी नए या शुरुआती चरण के कारोबारों के लिए है, जो अभी शुरू हो रहे हैं और जिन्हें शुरुआती फंडिंग की ज़रूरत है. इसमें ₹50,000 तक के क़र्ज़ का प्रावधान है.
  • किशोर: ₹50,000 से ₹5 लाख तक के क़र्ज़ का प्रावधान है. उन कारोबारों के लिए, जो शुरू हो चुके हैं लेकिन उन्हें बढ़ने और विस्तार करने के लिए और फंडिंग चाहिए. 
  • तरुण: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक के क़र्ज़. ये उन कारोबारों के लिए है, जो अच्छे से स्थापित हैं और उन्हें अपने मैनेजमेंट को बढ़ाने-चलाने के लिए बड़ी मात्रा में पूंजी चाहिए होती है.

अब नए एलान के बाद इसमें क्या अंतर आता है, वो अभी साफ़ नहीं है. जानकारी आते ही अपडेट कर दिया जाएगा.

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MUDRA योजना के तहत जो लोन लिया जाता है, उससे कच्चा माल, मशीनें, उपकरण ख़रीदने या कारोबार बढ़ाने के लिए किया जा सकता है. जिन्हें उधार चाहिए, वो उद्यमीमित्र पोर्टल (www.udyamimitra.in) के ज़रिए या किसी बैंक, NBFC या MFI के नज़दीकी शाखा में आवेदन डाल सकते हैं. 

छोटे व्यवसायों मज़बूत हों, रोज़गार पैदा हो, आर्थिक विकास और वित्तीय समावेशन हो, इसके लिए मुद्रा स्कीम की सराहना की जाती है.

मैनुफ़ैक्चरिंग सेक्टर में MSMEs के लिए लोन की गारंटी पर सीतारमण ने कहा,

मशीनरी और उपकरणों की ख़रीद के लिए MSMEs को बिना किसी संपार्श्विक और गारंटी के सावधि ऋण देने के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी. ये गारंटी फंड 100 करोड़ रुपये तक की गारंटी देगा.

इस एक एलान के अलावा सरकार ने स्मॉल इंडस्ट्रीज़ डेवलपमेंट बैंक ऑफ़ इंडिया (SIDBI) की पहुंच बढ़ाने के लिए अगले तीन साल में नई ब्रांच खोली जाएंगी. इनमें से 24 ब्रांच इसी साल खुलेंगी. 50 मल्टी प्रोडक्ट फूड यूनिट सेटअप के लिए मदद देंगे. फूड सेफ्टी लैब खोलने के लिए MSME को मदद दी जाएगी.

ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर स्कीम लाई जाएगी. और, सरकार इंटर्नशिप के लिए 500 टॉप कंपनियों में 5 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप देने का प्रावधान करेगी.

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