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बजट 2021: अबकी बार औरतों के लिए ये सब हो जाए, तब है बात

हमें विशेषज्ञ ने बताया है ऐसा कुछ, जिससे आपकी उम्मीदें दुगनी हो जाएंगी.

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30 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 30 जनवरी 2021, 10:14 AM IST)
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सोने का सबसे ज्यादा प्रयोग गहने बनाने में होता है.
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निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट 2021 पेश करने जा रही हैं. कोविड 19 महामारी और लॉकडाउन की तगड़ी मार से उबरने के लिए क्या कुछ कदम मोदी सरकार उठाने जा रही है ये इस बजट में नज़र आएगा. इस स्टोरी में हम बात करेंगे कि इस बजट में महिलाओं के वास्ते क्या होगा, क्या होना चाहिए.

2020 में जब लॉकडाउन लगा तो हमने देखा कि बड़ी संख्या में लोगों के काम छूट गए. घरों में काम करने वाले, रेहड़ी लगाने वाले, कंस्ट्रक्शन साइट, फैक्ट्रियों में काम करने वाले हज़ारों लोग बेरोज़गार हो गए. हमने बड़े शहरों से गांवों की ओर मजदूरों का पलायन देखा. इसी से जुड़ी CMIE की रिपोर्ट भी आई, जिसमें सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग बेरोज़गार हुए. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि महिलाएं कुल वर्क फोर्स का 11 प्रतिशत हैं, उनमें से भी 14 प्रतिशत महिलाओं का काम कोरोना लॉकडाउन में छूट गया.


# Budget 2021 और महिलाएं-

ऐसे में निर्मला सीतारमण के इस बजट में महिलाओं के लिए क्या खास हो सकता है, इसे लेकर हमने बिजनेस टुडे के मैनेजिंग एडिटर राजीव दुबे से बात की. उन्होंने बताया कि तीन चीज़ें हैं जिन्हें लेकर महिलाओं के लिए बजट में अनाउंसमेंट हो सकता है. कौन-कौन सी हैं वो चीज़ेंः


सबसे बड़ा एक्सपेक्टेशन है वो महिला वर्क फोर्स के लिए है कि अगर महिलाओं को टैक्स में कंसेशन दिया जाए. 80C का जो डिडक्शन होता है डेढ़ लाख रुपये का. अगर उसे बढ़ाकर दो से ढाई लाख रुपये कर दिया जाएगा तो उससे न केवल महिला एम्प्लॉयीज़ को फायदा होगा, बल्कि रियल एस्टेट को भी फायदा होगा.

(बता दें कि 80C के तहत पीपीएफ, एनएससी वगैरह के तहत होने वाली सेविंग में टैक्स बेनेफिट मिलता है.)


इनकम टैक्स में महिलाओं के लिए क्या है, 01 फ़रवरी, 2021 को ही पता चलेगा. इनकम टैक्स में महिलाओं के लिए क्या है, 01 फ़रवरी, 2021 को ही पता चलेगा.

लॉकडाउन की वजह से करीब 50 प्रतिशत महिला वर्कफोर्स की नौकरी गई थी. सर्विस सेक्टर में महिलाओं का पार्टिसिपेशन काफी ज्यादा होता है. जैसे-जैसे सर्विस सेक्टर खुलेगा वैसे-वैसे महिलाओं का पार्टिसिपेशन बढ़ेगा. हो सकता है बजट में महिलाओं के एम्प्लॉयमेंट को बढ़ावा देने के लिए बजट में कुछ अनाउंसमेंट किया जाए.

तीसरी चीज़, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की तरफ से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों की महिलाओं के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम का अनाउंसमेंट किया जा सकता है.

# हर चमकती चीज़-

सोने की कीमतों में कटौती को लेकर राजीव दुबे ने हमें बताया-


अभी के जो हालात हैं उसमें सभी देशों की रिज़र्व बैंकों ने सोने के रिजर्व को लॉक करके रखा है. इससे सोने की कीमत बढ़ी है, महंगा होने की वजह से सोने की मांग भी कम हुई है. जब तक मार्केट में सोना नहीं आएगा तब तक कीमत कम नहीं होगी. इसकी कीमतें ग्लोबल स्तर पर तय होती हैं.

ओ बेबी, गोल्ड, गोल्ड, गोल्ड... (तस्वीर: PTI) ओ बेबी, गोल्ड, गोल्ड, गोल्ड... (तस्वीर: PTI)

साथ ही उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना के तहत महिला उद्यमियों को सरकार पहले से मदद कर रही है. वो मदद जारी रहेगी. मुद्रा योजना का मकसद नया व्यवसाय शुरू करने या व्यवसाय बढ़ाने के लिए लोगों को आसान तरीके से बैंकों से लोन उपलब्ध कराना है. इस योजना की सबसे ख़ास बात यह है कि बैंक इस योजना में बिना किसी गारंटी के लोन देते हैं. इस योजना में बैंक तीन स्लैब में लोन देते हैं. शिशु, किशोर और तरुण. शिशु स्कीम के तहत पचास हजार, किशोर स्कीम के तहत पचास हजार से पांच लाख और तरुण स्कीम के तहत पांच लाख से दस लाख रुपए तक के लोन मिलते हैं, वो भी बिना किसी गारंटी के.

यानी इस इस बजट में टैक्स बेनिफिट, महिलाओं के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम की घोषणा की उम्मीद की जा सकती है.


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