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RBI ने लॉकर एग्रीमेंट की डेट बढ़ा दी है, धोखाधड़ी होने पर बैंक वाले बच नहीं पाएंगे!

धोखाधड़ी होने पर बैंक को 100 गुना मुआवजा देना होगा.

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24 जनवरी 2023 (अपडेटेड: 24 जनवरी 2023, 09:00 PM IST)
Bank Locker Revise Agreement RBI Extended Date
बैंक लॉकर की सांकेतिक तस्वीर
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RBI ने लॉकर रखने वाले लोगों को राहत देते हुए बैंकों के साथ रिवाइज एग्रीमेंट (Bank Locker Agreement) की समय सीमा दिसंबर के आखिर तक बढ़ा दी है. अब आप 31 दिसंबर, 2023 तक नए बैंक लॉकर समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. बड़ी संख्या में ग्राहकों ने मांग की थी कि समय बढ़ाया जाए. इससे पहले ग्राहकों और बैंकों के बीच लॉकर एग्रीमेंट को एक जनवरी, 2023 तक रीन्यू किया जाना था.

RBI ने क्या कहा ?

RBI ने सर्कुलर में कहा है, 

“RBI के संज्ञान में आया है कि बड़ी संख्या में ग्राहकों ने अभी तक संशोधित समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. कई मामलों में, बैंकों ने अभी तक ग्राहकों को निर्धारित तिथि से पहले ऐसा करने के बारे में सूचित नहीं किया है. इसी को ध्यान में रखते हुए ये तारीख बढ़ा दी गई है. लॉकर के नए नियमों के तहत किसी भी नुकसान के लिए बैंक पूरी तरह से जिम्मेदार होगा और उसे मुआवजा देना होगा.” 

RBI की तरफ से आगे कहा गया कि अगर नुकसान कर्मचारी की तरफ से की गई धोखाधड़ी के कारण हुआ है, तो बैंक को लॉकर शुल्क का 100 गुना भुगतान करना होगा. इसी तरह से अगर लॉकर प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य कारण से खराब हो जाता है, तो बैंक मुआवजे के लिए उत्तरदायी नहीं होगा. बता दें कि अभी तक कई बार बैंक, चोरी की वारदात पर पल्‍ला झाड़ लेते थे और कह देते थे क‍ि इसमें उनकी ज‍िम्‍मेदारी नहीं है.

आवेदन कैसे करना है?

हममें से कई लोग अपनी कीमती सामान जैसे गहने और जरूरी डाक्यूमेंट्स वगैरह लॉकर में रखते हैं. लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें इस सुविधा के बारे में जानकारी ही नहीं है. इसलिए हम आपको बताते हैं कि आप बैंक लॉकर कैसे ले सकते हैं. बैंक में लॉकर खुलवाने के लिए सबसे पहले बैंक को आपको एक आवदेन देना जरूरी होता है. आप आसपास की जिस शाखा में लॉकर खुलवाना चाहते हैं, आपको उसी ब्रांच में आवेदन करना होगा. 

वैसे तो लॉकर की सुविधा 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर दी जाती है. दरअसल, ग्राहकों की जरूरत के मुकाबले बैंकों में लॉकर की सुविधा कम होती है. ऐसे में अगर आपको लॉकर मिल ही जायेगा ये भी कहना काफी कठिन है. लेकिन एप्लीकेशन देने का एक फायदा रहता है कि आवेदन करने वाले ग्राहकों की लिस्ट में आपका नाम भी रहेगा. ऐसे में जब भी कोई ग्राहक लॉकर सरेंडर करता है, तो आपको मिलने में आसानी हो जाएगी. 

भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, बैंकों को लॉकर के आवंटन के लिए वेटिंग लिस्ट तैयार करनी जरूरी है. इसलिए लॉकर किराए पर लेने के इच्छुक व्यक्ति को एक आवेदन पत्र भरना होगा. बैंक के साथ KYC औपचारिकताओं को पूरा करना जरूरी है. ग्राहक को लॉकर समझौते पर हस्ताक्षर करना जरूरी होता जिसे 'मेमोरेंडम ऑफ लेटिंग' कहते हैं. इसमें बैंक के नियमों और शर्तों का जिक्र होता है. इसके अलावा ज्यादातर बैंक केवल अपने मौजूदा खाताधारकों को ही लॉकर प्रदान करते हैं या जो खाता खोलने के लिए सहमत होते हैं. 

कुछ बैंक एफडी कराने के बाद ही लॉकर की सुविधा मुहैया कराते हैं. यह एफडी कम से कम तीन साल के लॉकर के किराये के बराबर होना जरूरी है. लॉकर किराए पर लेने के लिए मामूली किराया लिया जाता है. ये लॉकर का आकार, यानी कितना छोटा या बड़ा लॉकर लिया है और ब्रांच की लोकेशन पर निर्भर करता है. अगर बैंक का लॉकर शहर की प्राइम लोकेशन पर है, तो कई बैंक लॉकर का किराया ज्यादा लेते हैं. ये किराया सालाना आधार पर लिया जाता है और बैंक ये पैसा एडवांस में जमा करा लेते हैं.

क्या रख सकते हैं और क्या नहीं?

आपके मन में सवाल होगा कि बैंक लॉकर में फिल्मों की तरह क्या बम-बंदूक भी रख सकते हैं? ऐसा कतई नहीं है. बल्कि बैंक लॉकर में सिर्फ आपके जरूरी डॉक्यूमेंट जैसे घर की रजिस्ट्री के कागजात, सेविंग बॉन्ड, FD के कागज, बीमा पॉलिसी, जन्म/विवाह प्रमाण पत्र वगैरह ही रखने की अनुमति है. इसके अलावा आप गहने आदि भी बैंक लॉकर में रख सकते हैं. बैंक लॉकर में ग्राहक पिस्टल, बंदूक वगैरह नहीं रख सकते हैं.

वीडियो: खर्चा पानी: RBI ने OPS को लेकर राज्यों से क्या बोल दिया है?

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