ये वाला AI बहुत बड़ा खतरा... सरकार ने बैंकों की बुलाई मीटिंग, कहा- 'सुरक्षा बढ़ाओ, अलर्ट रहो'
एंथ्रोपिक (Anthropic) का क्लाउड मिथोस (Cloud Mythos) मॉडल सबसे ताकतवर AI मॉडल है. एक्सपर्ट्स के अनुसार यह मॉडल साइबर सुरक्षा में इतना तेज है कि इसे आम जनता के लिए जारी नहीं किया जा सकता. वरना हैकिंग करना आम आदमी के बाएं हाथ का खेल हो जाएगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विभिन्न बैंकों के प्रमुखों के साथ एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई ताकि एंथ्रोपिक (Anthropic) के क्लाउड मिथोस (Cloud Mythos) मॉडल से जुड़े संभावित साइबर सुरक्षा जोखिमों को समझा जा सके. वित्त मंत्री ने यह बैठक 23 अप्रैल को बुलाई थी. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. क्लाउड मिथोस को साइबर सुरक्षा के मामले में सबसे आधुनिक AI मॉडल होने का दावा किया जाता है .
एक्स पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में वित्त मंत्रालय के आधिकारिक अकाउंट में बताया गया कि निर्मला सीतारमण ने सभी पक्षों को क्लाउड मिथोस के संभावित प्रभाव के बारे में चेतावनी दी है. पोस्ट में कहा गया है कि मिथोस से इतना बड़ा खतरा है जितना इससे पहले कभी नहीं हुआ. इसके लिए वित्तीय संस्थानों और बैंकों को अलर्ट रहना होगा और बेहतर समन्वय की जरूरत है. इस बैठक में आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे.
क्लाउड मिथोस क्या है? लोग इससे चिंतित क्यों हैं?क्लॉउड मिथोस, एंथ्रोपिक सबसे ताकतवर AI मॉडल है. एआई स्टार्टअप के अनुसार, यह मॉडल साइबर सुरक्षा में इतना कुशल है कि इसे आम जनता के लिए जारी नहीं किया जा सकता. कंपनी का कहना है कि मिथोस ने हजारों ऐसी साइबर सुरक्षा खामियों का पता लगाया है जिन्हें इंसान नहीं ढूंढ पाए थे. इनमें प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउजरों में मौजूद 27 साल पुरानी खामियां हैं. यह बड़े ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउजर जैसे Chrome, Firefox वगैरा में किसी न किसी रूप में मौजूद हो सकती हैं.
Anthropic का कहना है कि अगर इस तरह की एडवांस AI टेक्नोलॉजी को खुले तौर पर सबके लिए उपलब्ध करा दिया जाए, तो यह वैसा ही होगा जैसे हर लैपटॉप रखने वाले व्यक्ति के हाथ में अत्याधुनिक हैकिंग क्षमता दे दी जाए, यानी जो काम अब तक सिर्फ प्रशिक्षित और अनुभवी साइबर एक्सपर्ट्स कर पाते थे, वह आम लोग भी करने लगेंगे, जिससे साइबर सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है.
Mythos जैसे सिस्टम को लेकर चिंता यह है कि यह सिर्फ मौजूदा खामियों का फायदा नहीं उठा सकता, बल्कि उन सिक्योरिटी कमजोरियों को भी खोज सकता है जिनके बारे में अभी तक डेवलपर्स या कंपनियों को जानकारी ही नहीं है. मोदी सरकार ही अकेली ऐसी सरकार नहीं है जो मिथोस पर नजर रख रही है. खबरों के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने भी इसी तरह के कदम उठाने के लिए वॉल स्ट्रीट के कई बैंकों से बातचीत की है.
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भारत क्या करने की योजना बना रहा है?मिथोस को इतना शक्तिशाली माना जाता है कि कोई भी शरारती तत्व इसका इस्तेमाल करके किसी भी संगठन या बैंकिंग प्रणाली को हैक कर सकता है. लेकिन इस संभावित खतरे से निपटने के लिए वित्त मंत्रालय एक ऐसा ढांचा तैयार करने की योजना बना रहा है, जो इस तरह के किसी भी प्रयास की पहचान करके उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा. बैठक के दौरान निर्मला सीतारमण ने बैंकों से अपने आईटी सिस्टम को सुरक्षित करने और ग्राहक डेटा की सुरक्षा के लिए जरूरी एहतियाती उपाय करने को कहा है.
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