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सोने की कीमतों में भारी गिरावट, AI की वजह से गिर रहे हैं गोल्ड के दाम?

Gold Price: भारतीयों के लिए सोना हमेशा से ही निवेश का आकर्षक विकल्प रहा है. पिछले कुछ समय में सोना जिस तेजी से चढ़ा है और अब गिरावट देखने को मिली है उसके बाद से निवेशकों में हलचल बढ़ गई है. लोग अपना प्रॉफिट बुक कर रहे हैं.

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29 जून 2026 (अपडेटेड: 29 जून 2026, 02:55 PM IST)
Gold Price Today
पिछले तीन महीने में लोगों ने 50 टन सोना बेच दिया है (फोटो क्रेडिट: Business Today)
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रिकॉर्ड स्तर से सोने के दाम करीब 50 हजार रुपये फिसल गए हैं. सोमवार 29 जून को देश के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज  मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का अगस्त वायदा 600 रुपये गिरकर  1 लाख 43 हजार 500 रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास आ गया.

इससे पहले 28 जनवरी को एमसीएक्स पर सोने ने 1 लाख 92 हजार 991 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऐतिहासिक स्तर छुआ था. इसी तरह से इंटरनेशनल मार्केट में सोने के दाम 7 महीने के निचले स्तर के आसपास आ गए हैं. हाजिर मार्केट (सर्राफा बाजार) में इस साल की शुरुआत में सोने के दाम 1.8 लाख रुपये की ऊंचाई पर पहुंच गए थे . फिलहाल सोने का भाव 1 लाख 40 हजार प्रति दस ग्राम के आसपास आ चुका है.

वहीं, इंटरनेशनल मार्केट में सोने के दाम 4100 डॉलर प्रति औंस के नीचे हैं जबकि इसी साल जनवरी में इसका भाव 5600 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया था.

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Gold Price Update: क्यों गिर रहा सोना?

इंटरनेशनल मार्केट में सोने के दाम घटने से भारत में भी सोना सस्ता हुआ है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ सकती हैं. कुछ दिन पहले अमेरिका के केन्द्रीय बैंक ने अपनी बैठक में ब्याज दरें बढ़ने का संकेत दिया था. 

सितंबर 2026 में अमेरिका के केन्द्रीय बैंक की फिर से मीटिंग होने वाली है. माना जा रहा है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है. जब मार्केट में ज्यादा ब्याज मिलता है तो निवेशक सोना खरीदना कम कर देते हैं. आमतौर पर मांग कम होने से सोना सस्ता हो जाता है. ऐसा इसलिए कि निवेशक ब्याज देने वाले निवेश साधनों से बेहतर रिटर्न कमा सकते हैं.

सोने के दाम गिरने का दूसरा कारण अमेरिकी डॉलर में मजबूती है. चूंकि सोने का मूल्य डॉलर में निर्धारित होता है, इसलिए मजबूत डॉलर आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव डालता है. पिछले हफ्ते फेडरल रिजर्व की बैठक के बाद से सोने की कीमत में 6% से ज्यादा की गिरावट आई है .

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AI भी सोने में गिरावट की बड़ी वजह 

सोने की कीमतों में गिरावट की एक और वजह निवेशकों की तरफ से एआई शेयरों में पैसा लगाना भी है.  इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि लोग गोल्ड ईटीएफ से खूब पैसा निकाल रहे हैं. इस पैसे से शेयर खासतौर से टेक्नोलॉजी और एआई से संबंधित कंपनियों में निवेश कर रहे हैं. एआई के बढ़ते चलन से कई निवेशक ज्यादा रिटर्न की तलाश में सोने जैसी पारंपरिक सुरक्षित निवेश संपत्तियों से पैसा निकालकर एआई में लगा रहे हैं.

सोने की कीमतों में गिरावट के डर सोना बेच रहे 

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में  इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के हवाले से बताया गया है कि भारतीय परिवारों ने 1 अप्रैल से अब तक (चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही) के दौरान लगभग 50 टन पुराना सोना बेचा है. यह आंकड़ा इसी दौरान एक साल पहले की तुलना में 43% ज्यादा है.

इकोनॉमिक टाइम्स की पत्रकार सुतानुका घोषाल की एक रिपोर्ट मुताबिक, हाजिर बाजार में सोने का भाव लगभग 1.4 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है .  लोगों को लग रहा है कि कीमतें गिरकर लगभग 1.2 लाख रुपये तक आ सकती हैं, इसलिए परिवार पुराने आभूषणों को अपने पास रखने के बजाय उन्हें बेचकर पैसे कमाने का विकल्प चुन रहे हैं.

गोल्ड खरीदने के लिए सही समय?

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेन्द्र मेहता ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि अगर आपका नजरिया लंबी अवधि का है तो मौजूदा गिरावट पर सोना खरीदना अब भी अच्छा विकल्प है.  ऐसे में अगर आप सोने में निवेश की सोच रहे हैं तो मौजूदा गिरावट का फायदा उठाते हुए धीरे -धीरे निवेश कर सकते हैं. 

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