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फंस गई थी NDTV वाली डील, अब सेबी ने मंजूरी देकर अडानी ग्रुप का काम आसान कर दिया!

अडानी ग्रुप को NDTV के शेयरधारकों से और शेयर खरीदने की मंजूरी मिल गई है.

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Gautam Adani
गौतम अडानी. (फाइल फोटो)
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प्रदीप यादव
15 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 15 नवंबर 2022, 05:34 PM IST)
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मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने 14 नवंबर को गौतम अडानी के ग्रुप को नई दिल्ली टेलीविजन (NDTV) में अतिरिक्त 26% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ओपन ऑफर लाने की मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही अडानी ग्रुप के लिए एनडीटीवी के अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है. अडानी ग्रुप ने अगस्त में एनडीटीवी की 29.18% हिस्सेदारी खरीदी थी.

सेबी की वेबसाइट पर एक बयान के मुताबिक, सेबी ने अडानी ग्रुप की खुली पेशकश को मंजूरी दे दी, जिससे अडानी को मीडिया कंपनी के माइनॉरिटी शेयरधारकों से और शेयर खरीदने की अनुमति मिल गई. अडानी ग्रुप एशिया का सबसे बड़ा बिजनेस घराना है. इससे पहले एनडीटीवी ने पिछले हफ्ते बताया था कि अडानी ग्रुप ने ओपन ऑफर लाने की तारीख संशोधित करके 22 नवंबर कर दी है. ये ओपन ऑफर 5 दिसंबर को बंद होगा. 

दरअसल, अडानी ग्रुप की शुरुआती योजना पिछले महीने ओपन ऑफर लॉन्च करने की थी, लेकिन इसमें देरी हुई क्योंकि इसे बाजार नियामक की मंजूरी का इंतजार करना पड़ा था. अगस्त में परोक्ष रूप से 29.18 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के बाद अडानी ग्रुप और हिस्सेदारी खरीदकर एनडीटीवी का अधिग्रहण करने की तैयारी में लगा है.

400 करोड़ का कर्ज लिया था

एक कम लोकप्रिय कंपनी ने वारंट के बदले में एक दशक से भी पहले एनडीटीवी के संस्थापकों को 400 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज दिया था. इस कर्ज की शर्तों में ये लिखा था कि एनडीटीवी ग्रुप में उक्त कंपनी कभी भी 29.18% की हिस्सेदारी हासिल कर सकती है. इधर, एनडीटीवी के संस्थापक प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने अडानी की अधिग्रहण की बोली का विरोध किया है. उन्होंने दावा किया था कि वे दोनों अधिग्रहण के बारे में पूरी तरह से अनभिज्ञ थे और यह उनकी सहमति के बिना किया गया था. अडानी ग्रुप अब भारत के मीडिया क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए लगातार तेजी से कदम बढ़ाने की तैयारी में है.  

ओपन ऑफर किसी कंपनी के अधिग्रहण का एक वैध तरीका माना जाता है. इसके तहत अधिग्रहण करने वाली कंपनी अपने सौदे में उस फर्म के शेयरधारकों को शामिल करती है, जिसे खरीदना होता है. ओपन ऑफर में बिकने वाली कंपनी के निर्धारित शेयरधारकों को एक तय कीमत पर शेयर बेचने का प्रस्ताव दिया जाता है.

वीडियो : अडानी ग्रुप को लेकर क्रेडिट सुईस ने खोले राज!

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